हिजबुल्ला नेता सैयद हसन ने अमेरिका को दी ये बड़ी धमकी

हिजबुल्ला नेता सैयद हसन ने अमेरिका को दी ये बड़ी धमकी

ईरानी सेना की शीर्ष ऑफिसर कासिस सुलेमानी की मृत्यु के बाद हिजबुल्ला ने अमेरिका को चेतावनी दी है. संगठन के प्रमुख सैयद हसन नस्रल्लाह ने रविवार (5 जनवरी, 2020) को बोला कि अमेरिकी सेना को मिडिल ईस्ट में ईरानी मेजर कासिम सुलेमानी की मर्डर की मूल्य चुकानी पड़ेगी. 

 

उन्होंने धमकी देते हुए बोला कि अमेरिकी सैनिक ताबूत में अपने घर लौटेंगे. सुलेनामी की मृत्यु व अमेरिकी हमले में इराकी मिलिशिया के टॉप कमांडर के मारे जाने पर नस्रल्लाह ने बोला कि मर्डर का जवाब देना केवल ईरान की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि उसके सहयोगियों की भी जिम्मेदारी है. उन्होंने बोला कि मगर अमेरिकी नागरिकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए. उल्लेखनीय है कि वर्ष 1985 में ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा स्थापित लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह एक ईरानी समर्थिक क्षेत्रीय सैन्य संगठन का एक जरूरी भाग है.

कासिम सुलेमानी की मृत्यु पर उनकी बेटी ने भी रिएक्शन दी है. उन्होंने बोला कि पिता की मृत्यु ने उन्हें ‘तोड़’ नहीं पाएगी व अमेरिका को यह जान ले कि उनका खून बेकार नहीं जाएगा. सुलेमानी की बेटी जेनब सुलेमानी ने लेबनान के ‘अल-मनार टीवी’ को बताया कि ‘घटिया’ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मारे गए ईरानी नेता की उपलब्धियों को मिटा नहीं सकता. रविवार को प्रसारित संक्षिप्त इंटरव्यू में जेनब सुलेमानी ने बोला कि ट्रंप की हौसला नहीं है क्योंकि उनके पिता को एक फासले से मिसाइल से निशाना बनाया गया. अमेरिकी राष्ट्रपति को उनसे सामने खड़ा होना चाहिए था. जेनब ने बोला कि वह जानती हैं कि हिज्बुल्ला नेता हसन नस्रल्लाह उनके पिता की मृत्यु का बदला लेंगे.

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार (3 जनवरी, 2020) को बगदाद हवाईअड्डे के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी (62) की मृत्यु हो गई थी. शीर्ष ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को ईरान के शहर अहवाज व मशद से लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोगों ने रोते-बिलखते हुए व अपनी छाती पीटकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. अहवाज की सड़कों पर उमड़े लोग ‘‘अमेरिका मुर्दाबाद’’ के नारे लगा रहे थे. लोगों के हुजूम से दक्षिणी पश्चिम शहर में एक नदी पर बना लंबा पुल खचाखच भर गया था. सुलेमानी का मृत शरीर तड़के इराक से यहां पहुंचा.

शियाओं के नारे गूंज रहे थे, शोकाकुल लोग सुलेमानी की तस्वीर थामे हुए थे. ईरान के लोग सुलेमानी को 1980-88 के ईरान-इराक युद्ध व रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कुद्स फोर्स के कमांडर के तौर पर ईरान के पश्चिम एशिया अभियान की प्रतिनिधित्व करने के कारण नायक के तौर पर देखेते हैं. उत्तर पूर्वी शहर मशद में इमाम रेजा दरगाह के पास सड़कों पर लोगों की भीड़ जुटी व अमेरिका को संबोधित करते हुए लोगों ने ‘‘अपने पापों से डरो’’ के नारे लगाए.