दुनिया भर में कोरोना वायरस के चलते मचे हाहाकार के बीच इस पहली महिला ने बताए लक्छण

दुनिया भर में कोरोना वायरस के चलते मचे हाहाकार के बीच इस पहली महिला ने बताए लक्छण

 दुनिया भर में कोरोना वायरस के चलते मचे हाहाकार के बीच संसार के पहले कोरोना मरीज ने अपनी आपबीती बताई है. खबरों के अनुसार, दुनिया में कोरोना वायरस के पहले मरीज के तौर पर चाइना की 57 वर्षीय एक महिला की पहचान हुई है. 

जो चाइना के वुहान में झींगा बेचकर अपना गुजरा करती थी. इसका नाम वेई गुइजियान है व इसे पेशेंट जीरो बताया जा रहा है. पेशेंट जीरो उस मरीज को कहते हैं, जिसमें सबसे पहले किसी बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं.

लगभग एक महीने तक चले इलाज के बाद ये महिला पूरी तरह से स्वस्थ हो चुकी है. चाइना की न्यूज वेबसाइट 'द पेपर' की रिपोर्ट के अनुसार, ये महिला उस समय संक्रमित हुई, जब वह वुहान में 10 दिसंबर को झींगे बेच रही थीं. महिला ने बताया कि 'मुझे हर वर्ष ठंड के मौसम में सर्दी-जुकाम हो जाता है. 10 दिसंबर को भी ऐसा ही हुआ. मुझे थोड़ी अधिक थकान महसूस होने लगी. मैं उसी दिन अपने पास के एक क्लीनिक पर गई व दवा लेने के बाद फिर से मार्केट में अपना कार्य करने लगी. मेरी तबियत बिगड़ने लगी तो मैंने वुहान के द इलेवंथ अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया. वहां पर भी मेरी बीमारी का पता नहीं चल पाए व मुझे दवाइयां दे दी गईं.'

इसके बाद 31 दिसंबर को जाँच में इस महिला को कोरोना वायरस से संक्रमित बताया गया. महिला उन 27 मरीजों में शामिल थी, जिन्हें सबसे पहले कोरोना वायरस पॉजिटिव पाया गया. आरंभ में चाइना के प्रशासन ने लापरवाही बरती व इस महिला से इसके परिवार को व फिर कई अन्य लोगों को संक्रमण हो गया. चाइना प्रशासन ने दिसंबर के अंत में इस महिला को क्वारंटीन किया. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि अमेरिकी मीडिया ने भी इस महिला को ही पहला मरीज बताया था, किन्तु चाइना सरकार ने इस बात का खंडन कर दिया था. 57 वर्ष की इस महिला ने बोला है कि यदि चाइना की सरकार ने समय पर कदम उठाए होते तो मरने वालों की तादाद कम होती.