यूके व इंडोनेशिया के शोधकर्ताओं ने इस बड़े खतरे को लेकर दी यह बड़ी चेतावनी

यूके व इंडोनेशिया के शोधकर्ताओं ने इस बड़े खतरे को लेकर दी यह बड़ी चेतावनी

 इंडोनेशिया की वर्तमान राजधानी जकार्ता है. एक करोड़ आबादी वाला यह शहर संसार में सबसे तेज डूबते शहरों में से एक है. माना जा रहा है कि वर्षों बाद यह शहर डूब जाएगा. इसलिए इंडोनेशिया बोर्नियो द्वीप ( Borneo Indonesia ) को अपनी नयी राजधानी बनाने की योजना बना रहा है.

 इसकी घोषणा इंडोनेशिया के योजना मंत्री ने की है. लेकिन, अब यहां भी खतरा मंडरा रहा है. यूके व इंडोनेशिया के शोधकर्ताओं ने इस इलाके में सुनामी ( Tsunami Warning ) का खतरा बताया है.

शोधकर्ताओं ने कहा, भले ही इंडोनेशिया सरकार बोर्नियो द्वीप को नयी राजधानी के रूप में निर्माण करना चाहती हो, लेकिन बोर्नियो व सुलावेसी के द्वीपों के बीच मकासार जलसंधि में कई भूमिगत भूस्खलन हुए हैं जिससे भारी लहरें उठेंगी. जिससे सुनामी का खतरा बना हुआ है. एडिनबर्ग में हेरियट-वाट विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस बात का दावा किया है.

विश्वविद्यालय के एक समुद्री भूवैज्ञानिक उइसडियन निकोलसन ने कहा, “हमें स्थिति का अच्छा से आकलन करने के लिए व कार्य करने होंगे, इसमें वक्त लगेगा. लेकिन, इंडोनेशिया सरकार को बड़े खतरे का सामना करना पड़ सकता है. यूके व इंडोनेशिया के शोधकर्ताओं ने मकासार जलसंधि की जाँच के लिए भूकंपीय आंकड़ों का प्रयोग किया है. गहरे पानी में तलछट के 19 उदाहरणों को लिया गया, जिनमें कुछ में सैकड़ों घन किलोमीटर सामग्री शामिल थी.

लंदन जियोलॉजिकल सोसायटी द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में बोला गया, डेल्टा के दक्षिण में समुद्री धाराओं के बीच मौजूदा कटाव के स्पष्ट सबूत मिले है. जहां अवसादन की तेज गति की दर व ढलान पर के कारण पनडुब्बी भूस्खलन आवर्ती में परिणाम है. रिपोर्ट में बोला गया, तीव्र अवसादन जलडमरूमध्य में धाराओं के कारण होता है, जो मिट्टी व गाद को एक साथ उथले क्षेत्र में जमा करता है. एक साथ जमा होने के कारण हिमस्खलन का निर्माण कर सकती है.