फिनलैंड ने चाइना से प्राप्त हुई इस मदद को किया वापस, जाने कारण

 फिनलैंड ने चाइना से प्राप्त हुई इस मदद को किया वापस, जाने कारण

चाइना की धोखेबाजी जग जाहिर हो चुकी है. जहां-जहां उसके चिकित्सीय उपकरण पहुंच रहे हैं वहां-वहां इसे नकारा जा रहा है. इस कड़ी में फिनलैंड भी शामिल हो चुका है. उसने चाइना से मिले मास्क की खेप को घटिया स्तर का बताया है. 

बुधवार को फिनलैंड ने चाइना से प्राप्त 20 लाख सर्जिकल मास्क व करीब 2 लाख रेस्पिरेटर मास्क की पहली खेप को मानकों के अनुरूप नहीं बताया है. यहां के विशेषज्ञों का बोलना है कि इस तरह के मास्क से संक्रमण को रोका नहीं जा सकता है.

फिनलैंड को वर्तमान में लगभग 50 हजार सर्जिकल मास्क व 50,000 श्वसन मास्क की कठोर आवश्यकता है. ऐसे में उसने बीते माह के अंत में उत्पादन प्रारम्भ होने के लिए तीन घरेलू कंपनियों के साथ प्रति दिन 2 लाख मास्क बनाने की व्यवस्था की है. उसने चाइना से तत्काल सहायता चाही थी, मगर ये मास्क मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं. इस तरह के मास्क स्पेन, नीदरलैंड, तुर्की व ऑस्ट्रेलिया में भी पहुंचाए गए थे, जिसे खारिज कर दिया गया. इन राष्ट्रों ने चाइना को संदेश दिया कि सरकार ने अपने मास्क की दोहरी जाँच नहीं की है.

हालांकि चाइना के विदेश मंत्रायल का बोलना है कि जो मास्क की खेप इन राष्ट्रों को भेजी गई है, वह सर्जिकल मास्क की श्रेणी में नहीं आता है. वहीं कनाडा के टोरंटो शहर ने बुधवार को बोला कि कम से कम 62,600 सर्जिकल मास्क इसलिए लौटाए गए थे कि वे शहर के मानकों से मेल नहीं खाते हैं.

आधिकारिक बयान के अनुसार, 2 लाख का ऑर्डर 28 मार्च को प्राप्त हुआ था. इस खेप में अधिकांश मास्क कटे-फटे पाए गए. इसके बाद प्रशासन ने उसे लौटाने का निर्णय किया. एक चीनी निर्माता से 3,40,000 परीक्षण किट खरीदने के बाद, स्पेन की सरकार ने दावा किया कि उनमें से 60,000 ने COVID-19 का ठीक परीक्षण नहीं किया. स्पेन में चीनी दूतावास ने ट्विटर हैंडल से लिखा है कि किट्स,शेन्जेन बायोएजी बायोटेक्नोलॉजी के पीछे की कंपनी के पास इसकों बनाने लाइसेंस तक नहीं था.

मार्च में डच स्वास्थ्य मंत्रालय ने घोषणा की कि वह चाइना से आए लगभग 6,00,000 फेस मास्क वापस कर चुका है. मंत्रालय ने दावा किया कि मुखौटे फिट नहीं थे व उनके फ़िल्टर उद्देश्य के अनुसार कार्य नहीं करते थे. वहीं तुर्की ने भी घोषणा की कि चीनी कंपनियों ने जो कुछ परीक्षण किट दिए थे, वे सटीक नहीं थे.