पाक द्वारा चाइना को मिली यह बड़ी इजाजत

पाक द्वारा चाइना को मिली यह बड़ी इजाजत

 पाक (Pakistan) ने चाइना को अपने यहां प्राकृतिक संसाधन को दोहन करने की खुली छूट दे रखी है. भले ही इसमें अंतर्राष्ट्रीय कानूनों (Internatinal Law) का उल्लंघन क्यों न हो, वह तो खुद बनाए संविधान को भी ताक पर रखकर अपने कब्जे वाले गिलगित बाल्टिस्तान (जीबी) क्षेत्रों में भी संसाधनों को लूटने की छूट दे रहा है. 

यही नहीं, इस्लामाबाद ने डियामर डिवीजन में एक बड़ा बांध बनाने के लिए बीजिंग (Bejing) के साथ अरबों डॉलर का अनुबंध कर लिया है. जबकि यह क्षेत्र कानूनी रूप से हिंदुस्तान का है.

अवैध खनन मुद्दे की पोल गिलगित बाल्टिस्तान क्षेत्र के एक प्रमुख सियासी दल यूनाइटेड कश्मीर पीपल्स नेशनल पार्टी (यूकेपीएनपी) के मुख्य प्रवक्ता ने खोली है. पाक सरकार ने गिलगित व बाल्टिस्तान में चाइना की फर्मों को नाजायज़ रूप से सोना, यूरेनियम व मोलिब्डेनम का खनन करने के लिए जमीन लीज पर दे रखी है. इससे पर्यावरण को भी बहुत ज्यादा नुकसान होने की आसार है. यह उसके मांनदंडों के अनुरूप नहीं है.

पाकिस्तान को नहीं अधिकार

अजीज के अनुसार अगले महीने जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में इस प्राकृति संसाधनों की लूट का खुलासा करेंगे. पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 257 का हवाला देकर अजीज का बोलना है कि सरकार को जीबी क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों को लूटने का कोई हक नहीं है.

अजीज के अनुसार यहां नियमों को तांक पर रखकर नाजायज़ खनन का कोशिश हो रहा है. यहां पर मीडिया को जाने पर मनाही है व जानबूझकर इस सच्चाई को छिपाने में लगा हुआ है. वहीं इस क्षेत्र में आवाज उठाने वालों को दबा दिया जाता है या दंडित किया जा रहा है. इन परिस्थितियों में हर कोई फैसला के विरूद्ध बोलने की हौसला नहीं रखता हैं प्राकृतिक संसाधनों को लूटा जा रहा है. पाकिस्तान चाइना के हाथ का खिलौना बनकर रह गया है.

स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी

स्विजरलैंड के जिनेवा में रहने वाले यूकेपीएमपी नेता का बोलना है कि लोकल लोगों इस बारे में कोई भी सलाह नहीं ली जाती है. उनके हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जाता है. बताते चलें कि उत्तरी क्षेत्रों में गिलगित, बाल्टिस्तान व डियामर में मीडिया को पूरी तरह बैन किया गया है. इसे पाकिस्तान सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है.

गिलगित-बाल्टिस्तान में प्राकृतिक संसाधानों का उपयोग पाक बिजली आपूर्ति भी करना चाहता है. पाक 45 हजार मेगावाट बिजली पैदा करने की प्रयास में जुटा हुआ है. इस क्षेत्र में एक लोकल सरकार भी उपस्थित है मगर इसका पूरा नियंत्रण पाक से हो रहा है.