ब्रिटेन के लंदन के यह पुल पर आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली

ब्रिटेन के लंदन के यह पुल पर आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी आईएस ने ली

हाल ही में ब्रिटेन के लंदन के एक पुल पर आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने ली है व बोला है कि ब्रिटेन में जन्मा हमलावर उसका लड़ाका था। हमलावर पाक के कब्जे वाले कश्मीर के अपने पुरखों के क्षेत्र में एक मदरसे की आड़ में आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर स्थापित करना चाहता था। उस्मान खान ने शुक्रवार (29 नवंबर) को लंदन की सड़कों पर चाकू से हमला कर दिया था जिसमें दो लोगों की मृत्यु हुई थी व तीन अन्य जख्मी हुए थे। आईएस ने अपनी खबर एजेंसी अमाक ने टम टम व टेलीग्राम ऐप पर प्रकाशित एक पोस्ट के जरिए हमले की जिम्मेदारी ली है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आईएस ने एक बयान में कहा, ''लंदन में हमले को अंजाम देने वाला आदमी इस्लामिक स्टेट का लड़ाका था व उसने गठबंधन राष्ट्रों के नागरिकों को निशाना बनाने की अपील की रिएक्शन में यह हमला किया है। " आतंकी (28) को पुलिस अधिकारियों ने गोली मारकर ढेर कर दिया था। उसके साथ स्कूल में पढ़ने वाले एक शख्स ने बोला कि उसने मध्य इंग्लैंड के स्टोक-ऑन-ट्रेंट में स्कूल बीच में ही छोड़ दिया था व इसके बाद उन्होंने उसे एक किशोर के तौर पर आईएस के झंडे के साथ प्रचार करते देखा था।

एक रिपोर्ट से पता चला है कि उसका परिवार पीओके से यहां आने के बाद मध्य इंग्लैंड में ही बस गया था। स्कॉटलैंड यार्ड के आतंकवाद रोधी पुलिसिंग के प्रमुख सहायक आयुक्त नील बसु ने कहा, ''यह अहम है कि हम सबने आतंकवाद की खोखली विचारधारा को खारिज कर दिया है व सभी समुदाय यह सुनिश्चित करने के लिए साथ आए हैं कि जो लोग हमें बांटना चाहते हैं, वे कभी सफल नहीं होंगे। " वहीं उन्होंने बोला कि एहतियाती तरीका के तहत, हमने समूचे लंदन में पुलिस की गश्त को बढ़ा दिया है। लोगों को सप्ताहांत पर पुलिस कर्मियों की अधिक मौजूदगी देखने को मिल सकती है। आतंकवाद के क्राइम में खान की दोषसिद्धि से पता चलता है कि वह 'गंभीर जिहादीथा व 2012 में लंदन स्टॉक एक्सचेंज, अमेरिकी दूतावास पर विस्फोट करने व लंदन के तत्कालीन मेयर बोरिस जॉनसन जैसे वीआईपी को निशाना बनाने की योजना के लिए कारागार भेजे गए इस्लामी कट्टरपंथियों के नौ मेम्बर समूह में सबसे कम आयु का था।