अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश में अश्वेत नागरिकों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर किया यह अनुरोध

 अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने  देश में अश्वेत नागरिकों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर किया यह अनुरोध

 अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश में अश्वेत नागरिकों द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शन पर पुलिसिया कार्रवाई की तुलना 1960 के दशक में नागरिक अधिकार आंदोलन के दौरान लोगों पर किए गए जुल्मों से की है.

अमेरिका के मशहूर अश्वेत सांसद जॉन लुइस के देहांत के बाद आयोजित श्रद्धांजलि सभा में ओबामा ने ये बातें कही हैं. इसके साथ ही उन्होंने देश की संसद से मतदान के कानून को पास करने का भी आग्रह किया है.

लगभग 3 दशक तक अमेरिकी संसद के सदस्य रह चुके लुइस का 17 जुलाई को 80 साल की आयु में देहांत हो गया था. लुइस को अश्वेत नागरिकों की बड़ा चेहरा माना जाता था. उन्होंने 1960 के दशक में महान अमेरिकी आंदोलनकारी मार्टिन लूथर किंग जूनियर की अगुवाई में नस्लवाद के खिलाफ अफ्रीकी-अमेरिकी अश्वेत नागरिकों द्वारा देशभर में हुए जन अधिकार आंदोलन में भाग लिया था. इस दौरान 1965 में अलाबामा के सेल्मा में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कठोर कार्रवाई की थी और उनकी लाठी-डंडों से उन्हें पीटा था. उस दौरान युवा जॉन लुइस भी इनमें मौजूद थे. इसी आंदोलन के दौरान पुलिस के अत्याचार की तुलना ओबमा ने हाल ही में देश में हुए अश्वेत आंदोलन से की है। 

आपको बता दें कि मई के महीने में मिनिसोटा में जॉर्ड फ्लॉयड की अमेरिकी पुलिस कस्टडी में मौत हो गई थी, जिसके बाद देशभर में उग्र आंदोलन हुए थे. इसके संबंध में बोलते हुए ओबामा ने कहा कि, “बुल कॉनर भले ही न हों, किन्तु आज भी पुलिस कर्मियों को अश्वेत अमेरिकी नागरिकों की गर्दन पर बैठा हुआ पाते हैं. जॉर्ज वॉलस अब हमारे बीच न हों, किन्तु हम देख रहे हैं कि हमारी संघीय सरकार शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे लोगों पर आंसू गैस और डंडे बरसाने के लिए एजेंटों को पहुंचा रही है.”