स्वीडन की पहली महिला पीएम ने नियुक्ति के कुछ घंटे बाद ही दिया इस्तीफा

स्वीडन की पहली महिला पीएम ने नियुक्ति के कुछ घंटे बाद ही दिया इस्तीफा

स्टॉकहोम: स्वीडन की सोशल डेमोक्रेट नेता को संसद द्वारा स्वीडन की पहली महिला पीएम के रूप में चुना गया था, लेकिन उन्हें चयन के तुरंत बाद इस्तीफा देना पड़ा. दरअसल ग्रीन पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया, जिसके कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.

रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को पीएम चुने जाने के कुछ ही घंटों बाद, संसद (रिक्सडैग) ने विपक्ष के बजट प्रस्ताव को पारित कर दिया, जिससे एंडरसन के गठबंधन सहयोगी ग्रीन पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया. इसके बाद एंडरसन को अपने इस्तीफे की घोषणा करने के लिए विवश होना पड़ा. पीएम चुने जाने के लिए, उन्हें 349 सीटों वाले रिक्सडैग में उन्हें अधिकतर सांसदों की जरूरत थी.

एंडरसन को 117 का समर्थन प्राप्त था, लेकिन 174 उनके विरोधी थे, जिसमें 57 प्रतिनिधि अनुपस्थित थे. एक डिप्टी अनुपस्थित था. एंडरसन का चुनाव वामपंथी पार्टी के साथ 11 घंटे के समझौते के बाद हुआ था, जिसने सबसे गरीब 7,00,000 पेंशनभोगियों के लिए पेंशन में वृद्धि की मांग की. एंडरसन ने बोला कि वह विपक्ष के बजट के साथ देश का नेतृत्व कर सकती हैं, इसे केवल हल्की बदलावों की जरूरत है. हालांकि, ग्रीन पार्टी की राय अलग थी.


चीन से बढ़ते खतरों के बीच अपना रक्षा बजट बढ़ाएगा जापान, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को उम्मीद

चीन से बढ़ते खतरों के बीच अपना रक्षा बजट बढ़ाएगा जापान, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन को उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने उम्मीद जताई है कि जापान अपने रक्षा बजट में वृद्धि करेगा। जापानी मीडिया ने शनिवार को बताया कि जापानी प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के साथ अक्टूबर में फोन काल पर बातचीत के दौरान बाइडन  ने उम्मीद जताई थी कि जापान अपना रक्षा बजट बढाएगा।

क्योडो न्यूज ने एक राजनयिक स्रोत का हवाला देते हुए बताया कि बाइडन की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब किशिदा ने चीन और उत्तर कोरिया से बढ़ते खतरों के बीच देश की रक्षा के लिए एक मजबूत आत्मरक्षा बल बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। जापान ने अब तक अपना रक्षा बजट देश के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 1 प्रतिशत रखा है। शनिवार को जापानी प्रधानमंत्री ने देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने का संकल्प लिया।

क्योडो न्यूज ने बताया कि किशिदा की टिप्पणी ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जीएसडीएफ) बेस पर एक भाषण के दौरान आई, जहां उन्होंने उत्तर कोरिया के मिसाइल प्रौद्योगिकी के तेजी से विकास और चीन के सैन्य विस्तार के बारे में चिंता व्यक्त की। किशिदा ने अपनी पहली सैन्य समीक्षा में दुश्मन के ठिकाने पर हमला करने की क्षमता हासिल करने सहित सभी विकल्पों पर विचार करने का संकल्प दोहराया। किशिदा ने कहा कि जापान (उत्तर कोरिया के) हाल के विकास और नई तकनीकों जैसे हाइपरसोनिक ग्लाइड हथियारों और अनियमित कक्षाओं वाली मिसाइलों के विकास की अनदेखी नहीं कर सकता।

इससे पहले किशिदा ने शुक्रवार को लगभग 50 एशियाई और यूरोपीय देशों के नेताओं की वर्चुअल बैठक में अपनी टिप्पणी के दौरान चीन में मानवाधिकारों के मुद्दों पर भी कड़ी चिंता व्यक्त की थी। किशिदा ने शिखर सम्मेलन के दौरान हांगकांग के साथ-साथ उत्तर-पश्चिमी चीन के शिंजियांग क्षेत्र में अधिकारों की स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त की।