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DNA: इजरायल-अरब युद्ध की चिंगारी का Trailer

Israel-Iran Tension: इजरायल के दुश्मनों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है जिससे ऐसा लगने लगा है कि इतिहास स्वयं को दोहरा सकता है क्योंकि, मई 1967 में इजरायल और अरब राष्ट्रों के बीच जंग हो चुकी है तब अकेले इजरायल ने एक साथ आठ राष्ट्रों के विरुद्ध युद्ध लड़ा था और केवल 6 दिन में अरब राष्ट्रों को हरा दिया था

युद्ध अरब राष्ट्रों तक फैलने लगा है

इस बार हमास के विरुद्ध प्रारम्भ हुआ युद्ध अरब राष्ट्रों तक फैलने लगा है इसकी वजह ये कि शनिवार की सुबह इराक के बगदाद से करीब 50 किलोमीटर दूर इस्कंदरिया शहर के पास धावा हुआ हमले में PMF यानी पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स के हेडक्वार्टर को निशाना बनाया गया , इराकी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार तीन हवाई हमले लड़ाकू विमान F-35 से किये गये

– हमले बगदाद के पास PMF के एक वेयरहाउस को निशाना बनाकर किये गये थे

– हमले में PMF के संसाधनों, हथियारों, मिलिट्री व्हीकल को निशाना बनाया गया

– हवाई हमले एक शख्स मारा गया, जबकि 8 लोगों के घायल होने की ख़बर है

मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा

इराक की राजधानी के करीब हुए इस हमले से मिडिल ईस्ट में तनाव फिर बढ़ गया है PMF ने हमले का इल्जाम अमेरिका पर लगाया है लेकिन बगदाद के पास धावा करने से अमेरिका ने इनकार किया है इजरायल ने भी हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है लेकिन जानकारों का मानना है कि जिस तरह से इस महीने की पहली तारीख को सीरिया के दमिश्क शहर में ईरान के वाणिज्य दूतावास को निशाना बनाया गया था, उसी तरह इराक में PMF के हेडक्वार्टर पर टारगेट करके धावा किया गया है ऐसे में अंदेशा है कि इस हमले के पीछे इजरायल हो सकता है

PMF का कनेक्शन ईरान से

इजरायल, हमास के विरुद्ध युद्ध छेड़ने के बाद से दूसरे राष्ट्रों में एक्टिव अपने दुश्मनों इसी तरह निपटा रहा है जिस PMF नाम के सेना संगठन पर धावा किया गया है, उसका कनेक्शन ईरान से जुड़ा हुआ है और इस समय इजरायल-ईरान के बीच तैनाव चरम पर है इस हमले से एक दिन पहले ही इजरायल ने ईरान के इस्फहान शहर को निशाना बनाया था ऐसे में आपके लिए PMF के बारे में जानना महत्वपूर्ण है

– PMF का पूरा नाम पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स है ये इराक का एक हथियारबंद संगठन है, जिसे ईरान का समर्थन हासिल है

– PMF को साल 2014 में ISIS आतंकवादियों से लड़ने के लिए बनाया गया था, जो बाद में इराकी गृह मंत्रालय से जुड़ी सेना बन गई

– PMF ने सीरिया में स्वतंत्र रूप से काम करना प्रारम्भ कर दिया है, जो वहां मिसाइलों और ड्रोन को जमा करने में लगा है

– इस समय PMF में एक लाख से अधिक लड़ाके शामिल हैं, जिन्होंने पिछले कुछ महीनों में इराक और सीरिया में उपस्थित अमेरिकी सैनिकों पर हमले किये हैं

– हमलों को लेकर PMF ने बोला था कि अमेरिका हमास के विरुद्ध जंग में इजरायल का साथ दे रहा है, इसलिए अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाया

हमास को PMF का समर्थन

यानी एक तरह से PMF भी खुले तौर पर हमास का समर्थन करता है, इस वजह से इजरायल और अमेरिका को अपना शत्रु मानता है ऐसे में अगर, PMF के हेडक्वार्टर पर हमले के पीछे इजरायल है, तो ये अरब राष्ट्रों में युद्ध की चिंगारी का सिग्नल है क्योंकि, इराक के गृह मंत्रालय ने PMF को मान्यता दी हुई है और PMF इराक में सेना की तरह काम करता है

ईरान और इजरायल का तनाव चरम पर

मौजूदा समय में इजरायल हमास के विरुद्ध घोषित तौर पर युद्ध लड़ रहा है, जबकि ईरान और इजरायल का तनाव चरम पर है इन सबसे अलग कई अरब राष्ट्र भी अघोषित तौर पर इजरायल को टारगेट करके हमले रहे हैं क्योंकि, इजरायल पर हमले इन अरब राष्ट्रों में एक्टिव विद्रोही गुटों के जरिये किये जा रहे हैं जैसे

– गाजा पट्टी में आतंकवादी हमास एक्टिव है, उसी तरह फिलिस्तीन में PIJ यानी फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद सक्रिय है

– इनके अतिरिक्त इराक में PMF सक्रिय है, जबकि सीरिया में अल नुसरा फ्रंट एक्टिव है

– लेबनान में इजरायल के विरुद्ध हिजबुल्लाहस और यमन में इस समय हूती विद्रोही इजरायल के विरुद्ध हमलावर हैं

हमास के समर्थन में इजरायल को निशाना बना रहे

अरब राष्ट्रों में एक्टिव ये आतंकवादी संगठन हमास के समर्थन में इजरायल को निशाना बना रहे हैं इन आतंकवादी संगठनों को खुलेतौर पर ईरान का समर्थन हासिल है इसलिए इजरायल भी पलटवार करता रहता है इजरायल का हमेशा यही बोलना रहा है कि वो आतंकवादी समूहों को निशाना बनाकर धावा करता है हालांकि, इससे इजरायल-अरब युद्ध की चिंगारी किसी भी समय सुलग सकती है

PIJ भी इजरायल पर हमले का मौका नहीं छोड़ता

गाजा पट्टी में हमास के विरुद्ध इजरायल का युद्ध किस स्तर पर पहुंच चुका है, वो दुनिया से छिपा नहीं है क्योंकि, इजरायल ने गाजा को जिस तरह से तबाह किया है और हमास आतंकवादियों को समाप्त किया है उसकी फोटोज़ कई बार सामने आ चुकी हैं लेकिन फिलिस्तीन में एक्टिव आतंकवादी संगठन PIJ भी इजरायल पर हमले का मौका नहीं छोड़ता PIJ ऐसा आतंकवादी संगठन है जिसका असर वेस्ट बैंक में भी है

– PIJ यानी फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद, हमास के बाद गाजा में दूसरा सबसे बड़ा आतंकवादी संगठन है

– PIJ हमेशा इस्लामी-फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना करते हुए इजराइल का विरोध करता रहा है

– इस आतंकवादी संगठन को सीरिया और ईरान का समर्थन हासिल है, 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमले में हमास का साथ दिया था

-PIJ की मिलिट्री विंग अल-कुद्स ब्रिगेड ने साल 1990 से कई बार इजरायल पर हमले भी किए हैं

लेबनान भी इजरायल के खिलाफ

इनसे अलग अरब राष्ट्र लेबनान भी इजरायल के विरुद्ध युद्ध का मोर्चा खोलने के लिए बेचैन दिखाई देता है लेबनान में आतंकवादी संगठन हिजबुल्लाह सक्रिय है, जिसने हमास को अपना समर्थन देने का घोषणा किया था और इसीलिए आए दिन हिजबुल्लाह की तरफ से इजरायल पर मिसाइल अटैक किये जाते हैं जिसका पलटवार भी इजरायल की तरफ से किया जाता है

– हिजबुल्लाह का मकसद इजरायल को समाप्त करना है, हिजबुल्लाह के पास इस समय 45 हजार लड़ाके हैं

– इनमें से सक्रिय लड़ाकों की संख्या 20 हजार बताई जाती है, जबकि 25 हजार रिजर्व लड़ाके भी तैयार हैं

– हिजबुल्लाह की कुल कमाई 70 करोड़ $ है, इसके लड़ाकों को ईरान हथियार चलाने की ट्रेनिंग देता है

– हिजबुल्लाह के पास एक लाख से अधिक मिसाइलें बताई जाती हैं, जिनका इस्तेमाल इजरायल के विरुद्ध किया जाता है

लेबनान अघोषित तौर पर हमास का साथ दे रहा

बिना लेबनान की गवर्नमेंट की सहमति के हिजबुल्लाह इजरायल पर हमले नही कर सकता, लेकिन लेबनान अघोषित तौर पर हमास का साथ दे रहा है यही वजह है कि हिजबुल्लाह हमलों को अंजाम देता है यमन भी अरब राष्ट्र है, यहां से भी मौजूदा समय में इजरायल को टारगेट किया जा रहा है इस अरब राष्ट्र में हूती विद्रोही एक्टिव हैं जिन्हें ईरान का समर्थन मिला हुआ है हमास के विरुद्ध जंग प्रारम्भ होने के बाद से हूती उपद्रवियों की तरफ से इजरायल पर हमले किये गये हैं लाल सागर में इजरायल के व्यापारिक जहाजों को हानि पहुंचाने की कोशिशें की गई

– हूती विद्रोही ईरान की तरह शिया संप्रदाय को मानते हैं, इनका उत्तरी यमन के ज्यादातर इलाकों पर कब्जा है

साल 2015 में यमन की राजधानी सना पर हू​ती उपद्रवियों ने कब्ज़ा किया था, सऊदी अरब हूती उपद्रवियों के विरुद्ध है

– शिया बहुल ईरान पर हूती उपद्रवियों को हथियार और धन उपलब्ध कराने के इल्जाम लगते हैं

इजरायल-अरब युद्ध भड़क सकता है

एक तरह से अरब राष्ट्रों में एक्टिव आतंकवादी संगठनों ने इजरायल के विरुद्ध वॉर फ्रंट खोल दिया है, यदि इजरायल खुलकर युद्ध घोषणा कर दे तो इजरायल-अरब युद्ध भड़क सकता है और इस युद्ध की जमीन अरब राष्ट्रों में एक्टिव आतंकवादी संगठन तैयार कर रहे हैं इजरायल-अरब युद्ध की यही चिंगारियां शोला बनी तो नतीजे बहुत भयानक होंगे जिसकी कल्पना करना भी कठिन होगा 7 अक्टूबर 2023 के बाद इजरायल ने गाजा में हमास के विरुद्ध जंग प्रारम्भ की थी, लेकिन समय के साथ ये जंग अरब सागर से लेकर दुनिया के चार राष्ट्रों में फैल चुकी है हालांकि, इजरायल और अमेरिका की दलील है कि वो दूसरे राष्ट्रों में हमास, हिजबुल्लाह और दूसरे आतंकवादी संगठनों को निशाना बना रहे हैं जो हमास का समर्थन कर रहे हैं

– गाजा के बाद इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किये, इन हमलों की वजह ये थी कि हमास के हमलों के बाद लेबनान की तरफ से भी इजरायल पर हमले किये गये

– अमेरिका और ब्रिटेन ने यमन में हूती उपद्रवियों के ठिकानों पर हमले करना प्रारम्भ किया, वजह ये बताई गई कि यमन में अटैक कर वो अरब सागर में जहाजों पर हो रहे हमलों का बदला ले रहे हैं

– इजरायल ने सीरिया के दमिश्क में एक इमारत पर एयरस्ट्राइक की, इसमें ईरानी सेना के 7 अधिकारी मारे गए

– पश्चिम इराक में अमेरिका के एयरबेस पर ईरान के समर्थन वाले शिया गुट ने धावा किया, इस हमले की वजह बताई गई कि इजरायली एयरस्ट्राइक में मारे गए ईरानी सैनिकों की मृत्यु का बदला लिया गया है

– अरब सागर में यमन के हूती उपद्रवियों ने अरब सागर में जहाजों पर हमले प्रारम्भ किये, हमलों की वजह गाजा का समर्थन करना था हूती उपद्रवियों का बोलना था कि जबतक इजरायल हमले नहीं रोकेगा वो अटैक जारी रखेंगे

दुनिया में युद्ध का तीसरा मोर्चा खुल सकता

हमास के विरुद्ध इजरायल की जंग को 6 महीने से अधिक का समय हो चुका है, और जिस ढंग से जंग का दायरा बढ़ता जा रहा है उससे साफ है कि अब किसी भी समय इजरायल और अरब राष्ट्र भी आपस में टकरा सकते हैं जिससे दुनिया में युद्ध का तीसरा मोर्चा खुल सकता है और पांच दशक पहले का जंगी इतिहास भी दोहराया जा सकता है

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