उ. कोरिया ने इस साइट को बंद करने का किया था वादा, लेकिन...

उ. कोरिया ने इस साइट को बंद करने का किया था वादा, लेकिन...

उत्तर कोरिया ने अपने सोहे उपग्रह प्रक्षेपण स्थल से काफी अहम परीक्षण किया है. उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया संस्थान केसीएनए ने इसकी जानकारी दी है. यह वही रॉकेट टेस्टिंग ग्राउंड है जिसके बारे में अमेरिका ने दावा किया था कि इसे बंद कर दिया गया है.

उत्तर कोरिया की ओर से यह रॉकेट टेस्ट डेडलाइन को तोड़ते हुए किया गया है जिसमें तय किया गया था कि साल भर कोई परीक्षण नहीं किया जाएगा. ऐसे में निरस्त्रीकरण (परमाणु मुक्त) को लेकर अमेरिकी से चल रही उसकी वार्ता बंद होने के कगार पर पहुंच गई है. केसीएनए ने इस टेस्ट को काफी सफल बताया है लेकिन ये नहीं बताया गया है कि किस प्रकार के रॉकेट का परीक्षण किया गया है.

इस घटना पर दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ ने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. उत्तर कोरिया के किसी भी टेस्ट की जानकारी जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ की तरफ से दी जाती है लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ. जानकारों का कहना है कि अब से पहले इस टेस्टिंग साइट का इस्तेमाल इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल के लिए नहीं किया गया, बल्कि यहां से मिसाइल इंजन का टेस्ट होता रहा है. अब रॉकेट लॉन्च के बाद अमेरिका के साथ तनातनी की आशंका तेज हो गई है.

मिसाइल एक्सपर्ट का मानना है कि उत्तर कोरिया ने रॉकेट इंजन का परीक्षण किया है, न कि किसी मिसाइल लॉन्च को अंजाम दिया है. अमेरिकी वैज्ञानिक अंकित पांडा ने टि्वटर पर कहा, सोहे टेस्ट स्टैंड पर इंजन टेस्ट किए जाने की संभावना है. इसे लॉन्च नहीं कह सकते. केसीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया टेस्ट डीपीआरके (उत्तर कोरिया) के रणनीतिक बदलाव की ओर स्पष्ट इशारा है. बता दें, अमेरिका के साथ वार्ता में साल भर की डेडलाइन तय थी जिसमें कोई मिसाइल टेस्ट नहीं करने का वादा शामिल है. हालांकि डेडलाइन पूरी होने से पहले ही उत्तर कोरिया की ओर से रॉकेट टेस्ट करने की आशंका जताई जा रही है.

पिछले साल जून में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उत्तर कोरिया ने वादा किया है कि वह अपने एक महत्वपूर्ण मिसाइल ठिकाने को बंद कर देगा. यह ठिकाना सोहे का टेस्टिंग साइट है लेकिन इसी जगह रॉकेट टेस्ट किए जाने की खबर सामने आई है.(रॉयटर्स)