पतंजलि के स्वामित्व वाले दो टेलीविजन चैनल को नेपाल में क्लीन चिट

पतंजलि के स्वामित्व वाले दो टेलीविजन चैनल को नेपाल में क्लीन चिट

काठमांडू: नेपाल ने योग गुरु रामदेव के स्वामित्व वाले दो पतंजलि टेलीविजन स्टेशनों को क्लीन चिट दे दी है, जिन्हें हिमालयी देश में संचालित करने की योजना है, जब एक सरकारी जाँच दल ने पाया कि दोनों चैनल अभी तक देश में दर्ज़ नहीं हुए थे.

रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की उपस्थिति में, नेपाल के प्रधान मंत्री शेर बहादुर देउबा और प्रमुख नेपाली सियासी शख़्सियतों ने 19 नवंबर को काठमांडू में एक उत्सव के दौरान आस्था नेपाल और पतंजलि नेपाल नामक दो चैनलों का उद्घाटन किया. हालांकि, पतंजलि समूह के दो टेलीविजन का उद्घाटन चैनल विवादों से घिर गए थे क्योंकि हिमालयी देश ने अभी तक मीडिया क्षेत्र में विदेशी सहभागिता को स्वीकृति नहीं दी है.

20 नवंबर को, सूचना और संचार मंत्रालय के विभाग ने यह जाँच करने के लिए एक समिति नियुक्त कि की क्या दोनों पतंजलि टेलीविजन चैनल नेपाल में दर्ज़ हैं और उन्होंने अपना संचालन लाइसेंस कहाँ से प्राप्त किया है.

रिपोर्ट के अनुसार,पूरी जाँच के दौरान पता चला कि पतंजलि समूह ने प्रतीकात्मक रूप से टेलीविजन स्टेशन खोले थे और उन्होंने कोई उपकरण नहीं रखा था या लाइसेंस के लिए निवेदन भी नहीं किया था.


पाकिस्तान: श्रीलंकाई नागरिक को जिंदा जलाने की घटना पर रक्षामंत्री का शर्मनाक बयान, कहा- युवाओं ने जोश में हत्या कर दी

पाकिस्तान: श्रीलंकाई नागरिक को जिंदा जलाने की घटना पर रक्षामंत्री का शर्मनाक बयान, कहा- युवाओं ने जोश में हत्या कर दी

पाकिस्तान के रक्षामंत्री परवेज खट्टक ने सियालकोट में श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा दियावदना को ईशनिंदा के नाम पर जिंदा जलाने की घटना को लेकर शर्मनाक बयान दिया है। खट्टक ने कहा, इस घटना को अंजाम देने वाले युवा थे, वे जोश में आ गए और ये हादसा हो गया, मैं भी जोश में आकर ‘कुछ गलत कर’ सकता हूं। पाक रक्षामंत्री ने इन हत्यारों को इस्लामी दीन बताने की शर्मनाक टिप्पणी भी की। 

पाक रक्षामंत्री ने कहा कि इस घटना को तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) पर से सरकार के प्रतिबंध हटाने के फैसले से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। मंत्री का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पूरा देश इस घटना की निंदा कर रहा है और प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसे पाकिस्तान के लिए शर्मनाक बताया है। लेकिन खट्टक ने आगे बढ़कर कहा, हमलावरों ने इस्लाम का नारा लगाया, जो इस्लाम के खिलाफ है। इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि पाकिस्तान तबाही की तरफ जा रहा है। पाक अखबार डॉन ने मंत्री के बयान को अक्षरश: छापा है। खट्टक ने कहा, कृपया आप लोगों को समझाएं कि लड़के जज्बे में आ गए और यह काम हो गया। नौजवान लड़के कुछ भी करने के लिए तैयार होते हैं और यह उम्र के साथ सीखते भी हैं कि अपनी भावनाओं को कैसे नियंत्रित किया जाए। बच्चों में ऐसा होता है, इसका अर्थ यह नहीं कि सरकार गलत है।

पाक को बदनामी से जोड़ना अस्वीकार्य
पाकिस्तानी रक्षामंत्री परवेज खट्टक के बयान रखने के बाद सोशल मीडिया पर जब इसकी तीखी आलोचना हुई तो मंत्री ने अपने ट्विटर अकाउंट पर सफाई पेश की। उन्होंने कहा, मैं घटना की कड़ी निंदा करता हूं। मेरी बातचीत को संदर्भ से अलग नहीं किया जाना चाहिए। मैंने घटना को एक राजनीतिक दल से जोड़ने वाले एक प्रश्न का उत्तर दिया। घटना को पाकिस्तान को बदनाम करने से जोड़ना अस्वीकार्य है।

बेटों ने 2019 से पिता को नहीं देखा
ईशनिंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट पीटकर मार दिए गए श्रीलंकाई नागरिक प्रियंता कुमारा दियावदाना की पत्नी निलूशी दिशानायके ने कहा, दियावदाना फैसलाबाद में एक परिधान कारखाने में मैकेनिकल इंजीनियर की नौकरी मिलने के बाद 2011 में पाकिस्तान चले गए थे। एक साल बाद, वह सियालकोट के राजको इंडस्ट्रीज में महाप्रबंधक बन गए और कारखाने में काम करने वाले एकमात्र श्रीलंकाई नागरिक थे। दंपति के 14 और 9 साल के दो बेटे हैं और उन्होंने 2019 से अपने पिता को नहीं देखा था क्योंकि वह कोविड महामारी के कारण अपने देश की यात्रा करने में असमर्थ थे।

कोलंबो भेजा गया दियावदाना का शव
प्रियंता कुमारा दियावदाना का पार्थिव शरीर पाकिस्तान से श्रीलंका भेज दिया गया है। लकड़ी के जिस ताबूत में शव रखा गया, उस पर लिखा था, ‘दिवंगत डोन नंदश्री पी कुमारा दियावदनागे के मानव अवशेष। लाहौर से कोलंबो तक।’ पंजाब सरकार के एक अधिकारी ने कहा, श्रीलंकाई उच्चायोग के अधिकारी सोमवार सुबह यहां पहुंचे और पंजाब के अल्पसंख्यक मंत्री एजाज आलम ने लाहौर हवाई अड्डे पर शव उन्हें सौंपा। शव श्रीलंकन एअरलाइंस के विमान में ले जाया गया।