रडार पर चीन: Quad मीटिंग में 6 अक्टूबर को मिलेंगे भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया व US

रडार पर चीन: Quad मीटिंग में 6 अक्टूबर को मिलेंगे भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया व US

नई दिल्ली। चाइना (China) की बढ़ती आक्रामकता के मद्देनजर भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया व अमेरिका के विदेश मंत्री QUAD के तहत आगामी 6 अक्टूबर को मीटिंग करेंगे। ये बहुप्रतीक्षित मीटिंग टोक्यो में होगी। QUAD के निशाने पर कोई देश नहीं है लेकिन यह अनौपचारिक समूह चाइना पर अपनी निगाह रखे है। साथ ही वह इंडो-पैसिफिक (Indo-Pacific region)और हिंद महासागर की सुरक्षा पर इसके असर को करीब से देख रहा है। बीजिंग ने सभी चार QUAD सदस्यों के विरूद्ध मोर्चा खोल रखा है।



क्या है QUAD
QUAD डायलॉग लोकतांत्रिक राष्ट्रों के बीच एक इनफॉर्मल टाई-अप है जो मिलिट्री लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, अभ्यास व सूचना के माध्यम से आपसी योगदान को बढ़ावा देता है। इसके जरिए भारत-प्रशांत समुद्री कम्यूनिकेशन लेन को कृत्रिम निर्माण व बाधाओं से मुक्त रखा जाता है। QUAD डायलॉग में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ, भारतीय विदेश मामलों के मंत्री एस जयशंकर, जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी व ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री मारिस पायने उपस्थित रहेंगे।

चीन ने मीटिंग पर साधा निशाना
माना जा रहा है विदेश मंत्रियों की मीटिंग के बाद नवंबर महीने में मीटिंग हो सकती है। चाइना ने इस मीटिंग को लेकर मंगलवार को निशाना भी साधा है। बताते चलें कि चारों राष्ट्रों के विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र महासभा की मीटिंग के दौरान भी अलग से 26 सितंबर को मिले थे। मीटिंग के दौरान चारों राष्ट्रों के बीच डायलॉग को व व्यवस्थित तरीका देने पर चर्चा हो सकती है जिससे इस बात पर ज्यादा सटीक ढंग से ध्यान दिया जा सके कि कोविड-19 महामारी के आउटब्रेक के बाद चाइना ने किस तरह से व्यवहार किया है।

इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
विदेश मंत्रियों की मीटिंग के दौरान आतंकरोधी अभियान (counter-terrorism) साइबर व समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता व त्रासदी के दौरान रिएक्शन देने की प्रक्रिया को लेकर चर्चा की जाएगी। साथ ही टेलिकॉम सेक्टर में 5जी व 5जी प्लस अडवांस्ड तकनीक को लेकर  आपसी योगदान पर भी चर्चा हो सकती है।

चीन का व्यवहार
चाइना ने बीते चार महीने के दौरान लगातार हिंदुस्तान के साथ सीमा टकराव बनाए रखा है। वहीं अमेरिका के साथ कोविड-19 महामारी को लेकर चीनी की जबरदस्त विवाद चल रही है। चाइना ने एकतरफा रूप से ऑस्ट्रेलिया के विरूद्ध भी कदम उठाए हैं जिससे ऑस्ट्रेलिया में गुस्सा है। वहीं जापान के साथ भी दशा कुछ अलग नहीं हैं। जापान पहले से भी चाइना का चिरप्रतिद्वंद्वी माना जाता रहा है।