बीजिंग ने किया वायरस से निपटने में अमेरिका से बेहतर कार्य, जाने हालात

बीजिंग ने किया वायरस से निपटने में अमेरिका से बेहतर कार्य, जाने हालात

 को लेकर अमेरिका भले ही चाइना को दोषी ठहरा रहा हो, लेकिन संसार के तमाम राष्ट्रों की नजर में बीजिंग ने वायरस से निपटने में अमेरिका से बेहतर कार्य किया है। यह बात हाल ही में हुए एक पोल (Poll) में सामने आई है। पोल में कुल 53 राष्ट्रों ने भाग लिया व अधिकतर कोरोना से जंग में चाइना के प्रदर्शन से खुश दिखाई दिए।  

इस पोल का संचालन जर्मन फर्म डालिया रिसर्च व अलायंस ऑफ डेमोक्रेसीज फाउंडेशन (Dalia Research and the Alliance of Democracies Foundation) ने किया था, जिसके अध्यक्ष नाटो (NATO) महासचिव एंडर्स फॉग रासमुसेन (Anders Fogh Rasmussen) हैं। पोल में 53 राष्ट्रों के 120,000 लोगों ने भाग लिया।  

इन राष्ट्रों को मिली अच्छी रेटिंग
COVID-19 से निपटने की सरकारी रणनीति से संतुष्टि के मुद्दे में ग्रीस (89%) को सबसे ज्यादा रेटिंग मिली। इसके बाद आयरलैंड (87%), दक्षिण कोरिया (86%), ऑस्ट्रेलिया (86%) व डेनमार्क (86%) रहे। जबकि संतुष्टि के मुद्दे में सबसे निचले पायदान पर ब्राजील, फ्रांस, इटली, अमेरिका व ब्रिटेन हैं।  

केवल एक तिहाई अमेरिका से संतुष्ट
पोल में शामिल महज तीन राष्ट्रों यानी कि उत्तरदाताओं में से एक तिहाई ने बोला कि वायरस से निपटने के लिए अमेरिका की रिएक्शन संतोषजनक थी, जबकि 60 फीसदी से अधिक ने माना कि इस मुद्दे में चाइना अमेरिका से आगे रहा। COVID-19 से जंग में अमेरिका को चाइना से बेहतर बताने वालों में ताइवान, दक्षिण कोरिया व खुद संयुक्त प्रदेश अमेरिका शामिल हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने फैलाई नकारात्मकता
वहीं, एक अन्य सर्वेक्षण में केवल एक तिहाई यूरोपीय लोगों ने माना कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक लोकतंत्र के लिए एक सकारात्मक शक्ति हैं, जबकि लगभग आधे लोगों ने बोला कि उन्होंने नकारात्मकता फैलाई है। पिछले वर्ष के सर्वेक्षण की अपेक्षा में इसमें चार फीसदी की गिरावट देखी गई है। सर्वेक्षण में शामिल 15 यूरोपीय राष्ट्रों में से जर्मनी ने वैश्विक लोकतंत्र के मुद्दे में अमेरिका को निगेटिव -40 फीसदी पर रखा, जबकि दूसरे राष्ट्रों के भी लगभग यही विचार थे।