TikTok और WeChat पर बैन का फैसला वापस, बाइडन प्रशासन ने पलटा ट्रंप का आदेश

TikTok और WeChat पर बैन का फैसला वापस, बाइडन प्रशासन ने पलटा ट्रंप का आदेश

बाइडन प्रशासन ने चीनी एप्स टिकटॉक और वीचैट पर रोक लगाने की दिशा में की गई पहल से संबंधित पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेशों को वापस ले लिया है। इसेक साथ ही चीनी एप्लिकेशन से संबंधित राष्ट्रीय सुरक्षा खतरों की पहचान करने के लिए खुद समीक्षा करने का फैसला किया है।

व्हाइट हाउस के नए कार्यकारी आदेश में वाणिज्य विभाग को चीन द्वारा निर्मित, नियंत्रित या आपूर्ति किए जाने वाले एप से जुड़े लेन-देन का प्रमाण आधारित विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया है।

व्हाइट हाउस नए सिरे से चीन की एप्स और कंपिनयों को लेकर रणनीति तैयार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने कहा कि अब नए सिरे से इस मामले पर विचार किया जा रहा है और जल्द ही सही फैसला लिया जाएगा।

बाइडन प्रशासन ने कहा है कि हमारी सरकार लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा का माहौल देना चाहती है, हम ग्लोबल डिजिटल इकोनॉमी का समर्थन करते हैं। ऐसे में इस फैसले को वापस लिया गया है और नए सिरे से चीजों को देखा जाएगा। अधिकारी विशेषरूप से उन एप्लिकेशंस को लेकर चिंतित हैं जो लोगों के निजी डेटा जमा करती हैं और चीनी सेना या खुफिया गतिविधियों से उनका संबंध है।


मालूम हो कि कोरोना संकट की शुरुआत में दुनियाभर में चीन का विरोध हुआ था। उस दौरान चीनी एप्स के जरिए डेटा लीक होने की बातें सामने आई थीं। इसके बाद अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक, वीचैट जैसी चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया था।

वहीं, भारत ने भी पिछले साल चीनी एप्स टिकटॉक, वीचैट पर प्रतिबंध लगा दिया था। भारत की तरफ से करीब 100 चाइनीज एप पर बैन लगाया गया था।


पाकिस्तान में हिंदू धार्मिक स्थल पर हमले से इलाके में तनाव

पाकिस्तान में हिंदू धार्मिक स्थल पर हमले से इलाके में तनाव

पाकिस्तान के रहीम यार खान जिले के भोंग क्षेत्र में उन्मादी भीड़ द्वारा एक हिंदू मंदिर में तोड़-फोड़ की घटना के बाद तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इसे देखते हुए इलाके में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी गई है। रहीम यार खान जिला पुलिस के प्रवक्ता अहमद नवाज ने बताया कि पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है।

बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी सांसद और हिंदू समुदाय के नेता रमेश कुमार वंकवानी ने इस घटना के वीडियो साझा किए। इन वीडियोज में भीड़ मंदिर के बुनियादी ढांचे को नष्ट करती नजर आ रही है। इतना ही नहीं मंदिर की मूर्तियों के साथ भी तोड़-फोड़ मचाई गई है। एक अन्य वीडियो में उन्मादी भीड़ मंदिर से सटी सड़क पर लाठी-डंडे लेकर दौड़ती दिख रही है। रमेश कुमार ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट की और कहा कि शुरुआत में पुलिस की धीमी प्रतिक्रिया के कारण स्थिति और मंदिर को नुकसान पहुंचा है। बता दें कि हाल के वर्षों में, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के पूजा स्थल पर हमलों में वृद्धि हुई है। अपने अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा करने में असफल पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा बार-बार फटकार भी लग चुकी है।