फ्रांसिस ने अपने पद ग्रहण करने के बाद से सातवें क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कही यह बात

 फ्रांसिस ने अपने पद ग्रहण करने के बाद से सातवें क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कही यह बात

पोप फ्रांसिस ने वेटिकन स्थित सेंट पीटर बेसिलिका चर्च में पारंपरिक क्रिसमस प्रार्थना सभा में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने अपने उपदेश में बोला कि किस तरह भगवान सबसे प्रेम करते हैं, यहां तक कि मानव जाति के सबसे बुरे आदमी से भी। क्रिसमस की पूर्व संध्या पर मंगलवार को प्रार्थना सभा के दौरान जब कैथोलिक ने प्रभु यीशु के जन्म का पुण्य स्मरण किया तो फ्रांसिस ने उनके आने के बारे में कहा, "हमें एहसास हुआ कि जब हम भगवान को मापने में असफल रहे तो उन्होंने हमारे लिए छोटा रूप धारण कर लिया, जब हम सिर्फ खुद से मतलब रख रहे थे, वे हमारे बीच आए। "

समाचार एजेंसी एफे के अनुसार, प्रार्थना सभा का आयोजन कई वर्षों से रात के 9:30 बजे इतालवी समय (2030 जीएमटी) पर आयोजित किया जाता है व यह मध्यरात्रि की प्रार्थना सभा की तरह नहीं, बल्कि यीशु के जन्म की घोषणा के साथ प्राचीन ग्रंथ 'कलेंडा' के पाठ के साथ उनके जन्म के साथ क्रिसमस की घोषणा की जाती है।

इसके बाद पोप फ्रांसिस (83) ने बाल यीशु की तस्वीर से पर्दा हटाया, उसे चूमा व एक सिंहासन पर रखा। इसी के साथ घंटी बजाई गई व मसीह के जन्म की घोषणा की गई।

फ्रांसिस ने अपने पद ग्रहण करने के बाद से सातवें क्रिसमस की पूर्व संध्या पर कहा, "उनका प्यार घटता बढ़ता नहीं है। हमने उनके प्रेम को पाने लायक कुछ नहीं किया व हम इसे कभी भी नहीं चुका पाएंगे। "

उन्होंने आगे कहा, "क्रिसमस हमें याद दिलाता है कि भगवान हम सभी से प्यार करते हैं, यहां तक कि हमारे जाति के सबसे बुरे आदमी को भी। "