एसिडिटी से हैं आप परेशांन तो अपनाये यह तरीका

एसिडिटी से हैं आप परेशांन तो अपनाये यह तरीका

पेट में जलन आम समस्या है, लेकिन ऐसा बार-बार हो तो कठिनाई बढ़ सकती है. www.myupchar.com से जुड़ीं ऐम्स की डाक्टर वीके राजलक्ष्मी के अनुसार, पेट की जलन को एसिडिटी बोला जाता है. 

आमतौर पर यह जलन छाती या सीने में होती है. पाचन के दौरान निकलने वाले अम्ल के कारण ऐसा होता है. ज्यादा तला हुआ खाने से एसिडिटी होती है. ऐसा खाना देरी से पचता है व इस कारण पेट में अम्ल बनने लगता है. जो लोग अत्यधिक चाय, कॉफी, सिगरेट या शराब पीते हैं, उनमें यह समस्या अधिक रहती है. गर्भावस्था के दौरान स्त्रियों को एसिडिटी की समस्या हो सकती है. सामान्य अवस्था में इसके घरेलू तरीका किए जा सकते हैं जो बहुत सरल हैं.


एसिडिटी दूर करने के घरेलू उपाय
प्रयास करें कि खाना खाने के तुरंत बाद बेहद पानी न पीएं. इससे पाचन क्रिया बाधित हो सकती है. खाना खाने के कुछ देर बाद शरीर अपने आप पानी मांगता है व खाना सहज ढंग के पच जाता है. यदि एसिडिटी हो गई है तो ठंडे दूध का सेवन करें. जिन लोगों को दूध या इससे बनी चीजें पचाने में कठिन नहीं होती है, उनके लिए यह रामबाण उपचार है. केले का सेवन करें. पपीता व सेब में पेट की जलन को दूर भगाने के प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं. सौंफ भी एसिडिटी में राहत देती है. सौंफ को चबाया जा सकता है या इसकी चाय बनाकर पी जा सकती है. विटामिन-सी से भरपूर आंवला पेट संबंधी कई बीमारियों का उपचार करता है व एसिडिटी भी इनमें शामिल है. आंवले का मुरब्बा भी खाया जा सकता है. इसी तरह एसिडिटी दूर करनी है तो अदरक चबाएं. गुलकंद भी लाभकारी है.

एलोवेरा पेट में ठंडक पहुंचाता है. इससे सीने की जलन भी कम होती है. खान खाने से पहले आधा कप एलोवेरा जू स का सेवन करें. एसिडिटी नहीं होगी व पाचन भी ठीक रहेगा. भोजन में दही को शामिल करें. दही में प्रोबायोटिक्स व स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाने वाले बैक्टीरिया होते हैं. पेट में ठंडक रहेगी. ग्रीन टी या पेपरमिंट टी का सेवन करें. इनमें एसिडिटी दूर करने का गुण होता है. 

सर्दी के मौसम में बादाम बहुत गुणकारी है. यह एसिडिटी को दूर करने में भी लाभ पहुंचता है. रात को सोते समय बादाम भीगो लें व प्रातः काल उठाकर चबा लें. तुलसी के कई फायदे हैं, जिनमें एसिडिटी दूर करना भी शामिल है. तुलसी के पत्ते को उबालकर छान लें व शहद मिलाकर सेवन करें. रोज प्रातः काल खाली पेट तुलसी के दो-तीन पत्ते चबाने से एसिडिटी को समाप्त किया जा सकता है.
 
एसिडिटी से बचाव के अन्य उपाय
नमक व मिर्च का सेवन कम करें. खाना खाने के तुरंत बाद बैठे या लेटें  नहीं. थोड़ी देर चहलकदमी करेंगे तो पाचन क्रिया ठीक रहेगी. जो लोग मोटापे के शिकार हैं, वे अपने खान-पान पर नियंत्रण रखें. खाना खाने से पहले या तत्काल बाद चाय या कॉफी न पीएं. यदि घरेलू तरीका करने के बाद भी पेट में जलन बनी हुई है तो चिकित्सक को दिखाएं. पेट के अंदर छालों के कारण भी जलन हो सकती है. चिकित्सक साधारण एंटी-एसिड दवाएं देकर उपचार करेंगे. समस्या लगातार बनी रहने पर एंडोस्कोपी करवाना पड़ सकता है.