गर्भावस्था के दौरान जाने क्यो नही करना चाहिए महिलाओ को देसी घी का सेवन

गर्भावस्था के दौरान जाने क्यो नही करना चाहिए महिलाओ को देसी घी का सेवन

आप सभी ने आज तक देसी घी के सेवन के कई फायदे सुने होंगे. ऐसे में बहुत कई लोगों के मन में यह सवाल होता है कि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं को देसी घी का कितना सेवन करना चाहिए.

जी हाँ, ऐसे में हम आप सभी को यह बता दें कि गर्भावस्था के दौरान देसी घी का ज्यादा मात्रा में सेवन करना गर्भवती महिला और होने वाले बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

जी हाँ, दरअसल देसी घी में सभी तरह के जरूरी पोषक तत्व होते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए तो अच्छे होते हैं लेकिन ये गर्भावस्था के दौरान ज्यादा होने पर नुकसान पहुंचा सकते हैं. जी दरअसल गर्भावस्था के दौरान महिलाएं अक्सर कम काम करती है और ऐसे में ज्यादा और उनके बच्चे के शरीर में फैट जमा होने लगता है, जो कि एक समय पर नुकसानदायक हो सकता है. इससे महिलाओं का मोटापा भी बढ़ सकता है और उनके शरीर को भारी बना सकता है. वहीं वजन बढ़ने से शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा होती है जिससे आपके बच्चे पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है. इस कारण कोशिश करें कि दिनभर में सिर्फ 50 ग्राम देसी घी का ही सेवन करें.

देसी घी का ज्यादा सेवन नुकसानदायक - कहते हैं बहुत अधिक घी का सेवन करने से शरीर में बहुत अधिक कैलोरी बढ़ जाती है. गर्भावस्था के दौरान अपने आहार में बहुत ज्यादा देसी घी का सेवन ना करें. गर्भावस्था के दौरान यह ध्यान रखना बहुत जरूरी है कि अगर मां पित्त की पथरी से पीड़ित है तो घी का सेवन कम से कम करें. वैसे घी में पोषक तत्वों, विटामिन और खनिजों की सही मात्रा होती है और यह सबसे प्राकृतिक तरीकों में से एक है जो गर्भ में माताओं और बच्चे की उम्मीद के शरीर का पोषण करता है. इसी के साथ इस बात का भी ध्यान रखें कि एक मध्यम खपत वह है जिसे हमें लक्ष्य बनाना चाहिए और एक अतिरिक्त प्रसव के दौरान मोटापे और जटिलताओं को जन्म दे सकता है. इस कारण, दो चम्मच से अधिक घी का सेवन ठीक नहीं होना चाहिए.