दुनिया स्वास्थ्य संगठन ने बताया जूते और चप्पल से भी है कोरोना की संभावना

दुनिया स्वास्थ्य संगठन ने बताया जूते और चप्पल से भी है कोरोना की संभावना

कोरोना वायरस ने पूरी संसार को अपनी चपेट में ले लिया है. लोगों के मन में नए-नए सवाल उठ रहे हैं. यहां हम दुनिया स्वास्थ्य संगठन , केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही कोरोना से जुड़ी जानकारियों को आप तक पहुंचाएंगे. 

भारत में कोरोना वायरस से सोमवार दोपहर तक 17,265 लोग संक्रमित हुए. 
 
सोशल डिस्टेंसिंग के नियम में हमें कब तक राहत मिल सकती है?
जवाब- वरिष्ठ डॉक्टर डाक्टर केके अग्रवाल के अनुसार, कुछ शर्तें पूरी होने के बाद ही ऐसी राहत की उम्मीद की जा सकती है- 
1. जब राज्यों में नए मुद्दे आने कम हो जाएं. 
2. हम बड़े पैमाने पर जाँच करने में सक्षम हो जाएं. 
3. जब चिकित्सक, नर्स, हॉस्पिटल स्टाफ व संक्रमित लोगों की सेवा करने वालों के लिए पर्याप्त मात्रा में मास्क व पीपीई किट उपलब्ध हो सकें.
 
विषाणु के विरूद्ध शरीर में कैसे कार्य करते हैं वैक्सीन?
जवाब- डाक्टर एबेल लॉरेंस के अनुसार, टीके दो स्तरों पर कार्य कर सकते हैं: एंटीबॉडी-नामक रक्षक प्रोटीनों का निर्माण करके या रक्षक कोशिकाओं को जन्म देकर, जो विषाणु-संक्रमित कोशिकाओं को मारकर विषाणु की मौजूदगी को शरीर में खत्म कर देती हैं. कुछ एंटीबॉडी संक्रमणों के टॉक्सिन से चिपक कर उन्हें ब्लॉक कर सकती हैं.
 
क्या जूते और चप्पल से भी कोरोना वायरस संक्रमण फैलता है?
जवाब-अमेरिका के सीडीसी द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, जूते-चप्पल से भी कोविड-19 फैल सकता है. यह रिपोर्ट खासतौर पर मेडिकल स्टाफ के फुटवियर पर आधारित थी. बेहतर है कि संक्रमित आदमी के सम्पर्क में रहने वाले लोग वॉर्ड से निकलते हुए जूते-चप्पल असंक्रमित कर लें. घर में घुसते समय भी जूते-चप्पल बाहर उतार दें.