गले से जुड़ी समस्याओं, से ऐसे पाए निजात

गले से जुड़ी समस्याओं, से ऐसे पाए निजात

हवा में शुष्कता आने से धूल-मिट्टी ज्यादा उड़ने लगती है व गले में तरह-तरह का इंफेक्शन होने लगता है. गले से जुड़ी समस्याओं, उनके उपचार व सावधानियों के बारे में बता रहे हैं.

एलर्जी : प्रदूषण, कोई फूड, फूलों के परागकण, बेडशीट की डस्ट, धूल और धुआं कारण हैं. सांस लेने में दिक्कत, सूखी खांसी, नाक से पानी आना, बुखार, गले में दर्द है तो एंटीएलर्जिक दवाएं लें व एलर्जी होनेे के कारणों से दूरी बनाएं.

टॉन्सिलाइटिस : ठंडी वस्तु खाने या ठंड से यह समस्या होती है. गले में दर्द, थूक या पानी निगलने में दर्द, मुंह से बदबू, कान में संक्रमण लक्षण हैं. एंटीबायोटिक्स देने के अतिरिक्त नमक मिले गुनगुने पानी के गरारे व ठंडी चीजों से परहेज करें.

लैरिंजाइटिस : इंफेक्शन, एलर्जी या अन्य कारण से वोकल कॉर्ड पर प्रभाव होता है जिससे बोलने और सांस लेने में परेशानी होती है. लंबे समय तक एलर्जी, एसिड रिफ्लक्स, साइनुसाइटिस से क्रॉनिक लैरिंजाइटिस होता है. ईएनटी विशेषज्ञ से सम्पर्क करना चाहिए.

एसिड रिफ्लक्स : पाचन संबंधी और अन्य कारणों से पेट में भोजन पचाने वाला अम्ल ऊपर गले तक आता है. इससे गले को क्षति होती है और सूजन आ जाती है. बार-बार खांसी, उल्टी, खट्टी डकारें व सीने में जलन होती है. उपचार के रूप में एंटासिड दवाएं लेने की सलाह देते हैं. सोने से दो घंटे पहले भोजन करें व मॉर्निंग और ईवनिंग वॉक पर जाएं.