पेट में सूजन के कारण आपको हो सकती है यह खतरनाक बीमारी, ऐसे करे बचाव

पेट में सूजन के कारण आपको हो सकती है यह खतरनाक बीमारी, ऐसे करे बचाव

में सूजन के भिन्न-भिन्न कारण हो सकते हैं, लेकिन यह स्थिति अपने आप अच्छा न हो व बार-बार रहे तो बड़ी कठिनाई का कारण बन सकती है. आमतौर पर पेट में इनफेक्शन होने पर सूजन होती है. साथ ही पेट फूलना व कब्ज की समस्या होती है.

से जुड़ीं एम्स की डाक्टर वीके राजलक्ष्मी के अनुसार, पेट में सूजन को गेस्ट्राइटिस बोला जाता है. पेट में सूजन आकस्मित आ सकती है या धीरे-धीरे बढ़ सकती है. समय पर उपचार न किया जाए तो यह सूजन अल्सर का रूप धारण कर सकती है या अधिक गंभीर मामलों में कैंसर भी होने कि सम्भावना है. अधिकतर मामलों में गेस्ट्राइटिस गंभीर नहीं होता या अपने आप भी अच्छा हो जाता है.

पेट में सूजन के लक्षण
पेट के ऊपरी भाग में बैचेनी
पेट के ऊपरी हिस्से से लेकर मध्य भाग में दर्द
पेट या पीठ के बाईं तरफ दर्द
लगातार डकार या उबकाई आना
मितली व उल्टी आना
पेट भरा हुआ महसूस होना
पेट के ऊपरी भाग में जलन
पेट फूला हुआ महसूस
पसीना आना, धड़कनें तेज होना
बेहोशी या सांस लेने में कठिनाई
छाती में दर्द या पेट में गंभीर दर्द

क्यों होती है पेट में सूजन
पेट की अंदरूनी परत निर्बल होने पर सूजन होती है. ऐसा कई कारण से होने कि सम्भावना है. अधिकतर मामलों में बैक्टीरिया हमला करते हैं. पेट में हमला करने वाले बैक्टीरिया में हेलीकोबेक्टर पाइलोरी सामान्य है. दूषित पानी या दूषित खाना खाने से यह बैक्टीरिया हमला बोलता है. इसके अतिरिक्त अत्यधिक शराब पीने वालों में गेस्ट्राइटिस का जोखिम अधिक रहता है. इसके अतिरिक्त जो लोग तनाव में रहते हैं, उनमें गेस्ट्राइटिस की संभावना रहती है. कुछ दवाएं भी इसका कारण बनती हैं. अधिक तंबाकू व धूम्रपान करने से पेट में सूजन हो सकती है.

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
डाक्टर वीके राजलक्ष्मी के अनुसार, पेट में जलन या खट्टी डकार आम बात है. यह समस्या अपने आप अच्छा भी हो जाती है. लेकिन गेस्ट्राइटिस के लक्षण एक सप्ताह या इससे अधिक समय तक रहते हैं तो चिकित्सक को दिखाना चाहिए. पेट की आम समस्याओं के दौरान यदि उल्टी में खून, मल में खून या गहरे काले रंग का मल आता है तो तत्काल उपचार लेना चाहिए.

पेट में सूजन से बचने के घरेलू उपाय
पेट की सूजन से छुटकारा पाने के घरेलू तरीकों में लौंग सबसे लाभकारी होता है. रोज 2 से 3 लौंग या इनके पानी का सेवन करने से पेट स्वस्थ्य रहता है. खाना पकाते समय तो लहसुन का उपयोग होता ही है, लेकिन खाली पेट इसका सेवन कई तरह के इन्फेक्शन से मुक्ति दिलाता है. लेकिन ध्यान रहे कि लौंग व लहसुन, दोनों की तासीर गर्म है. इससे पेट में गर्मी हो सकती है. नीम की पत्तियां भी पेट की सूजन का प्राकृतिक उपचार है. चावल का पानी पीने से पेट स्वस्थ्य रहता है.

रखें इन बातों का ध्यान
पेट की अधिकतर समस्याओं का कारण खानपान होता है. अपने खानपान पर नियंत्रण रखें. तली-गली व मसालेदार चीजें न खाएं. खाने को अच्छी तरह चबाएं. ज्यादा शुगर युक्त चीजों के सेवन से बचें. बहुत गर्म या बहुत ठंडी चीजों के सेवन से बचें.