मोटापे को कम करने के लिए अपनाए ये खास टिप्स, जानिए

मोटापे को कम करने के लिए अपनाए ये खास टिप्स, जानिए

अक्सर लोग भोजन में कई तरह की लापरवाही करते हैं. सबसे ज्यादा वो अपनी जीवनशैली को ध्यान में रखकर डाइट नहीं लेते हैं. यदि खाने में कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो मोटापे से बचा जा सकता है.

मोटापे की वजह से सांस फूलना, पसीना आना, जरूरत से ज्यादा या कम सोना, थोड़ा चलने पर सांस में रुकावट या सांस तेजी से चलना, शरीर के भिन्न-भिन्न हिस्सों में सूजन आ सकती है.

टापा यानि शरीर में बहुत अधिक वसा का जमा होना. अधिक वसा के नुकसान भी हैं. जितनी कैलोरी का आहार लेते हैं यदि उसे बर्न नहीं कर पाते हैं तो फैट की चर्बी बढ़ता है. चिकित्सकों के अनुसार नाश्ता भारी, लंच सामान्य एवं डिनर हल्का लेना चाहिए. प्रोटीन और पोषणयुक्त संतुलित आहार लेना महत्वपूर्ण है. नाश्ता समय पर करें.

प्रोटीन और पोषणयुक्त आहार -
आहार में कैलोरी की उचित मात्रा लें. स्त्रियों के लिए 1,200 से 1,500 कैलोरी, पुरुषों के लिए 1500 से 1800 कैलोरी रोजाना का मानक हैं. किसी भी तरीका से फैट की चर्बी घट नहीं रहा तो बैरियाट्रिक सर्जरी करते हैं. इसमें आंतों को छोटा कर देते हैं जिससे भूख कम लगती है व वजन नियंत्रित रहता है.

पूरी नींद लेनी है महत्वपूर्ण -
एकसाथ खाना न खाएं. पांच बार आहार के नियम का पालन करें. जंक फूड न खाएं. नट्स लें. व्यायाम करें. सात-आठ घंटे की नींद लें. खाने से एक घंटे पहले या बाद में ही पानी पीएं. खाने से करीब आधे घंटे पहले सलाद खाने से ओवर ईटिंग नहीं कर सकेंगे.

ये हो सकती है समस्याएं -
मोटापे के कारण मधुमेह (टाइप-2), डायबिटीज, कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, दिल रोग, दमा (सांस के विकार), नींद की अनियमितता, यकृत संबंधी रोग, डिप्रेशन, कैंसर, पित्ताशय का रोग, बांझपन, स्त्री रोग संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.

मोटापे की ये हैं जांच-
मोटापे की जाँच के लिए वजन, लम्बाई मापते हैं. बॉडी मास इंडेक्स और वेस्ट की साइज लेते हैं. दिल की गति, बीपी, शरीर का तापमान पेट की जाँच भी कराते हैं. कोई बीमारी होने पर खून की जांच, कोलेस्ट्रॉल, थायरॉइड की जाँच कराते हैं.

आयुर्वेद के अनुसार-
सुबह नींबू का रस डालकर 1 गिलास गुनगुना पानी पीएं. ये मेटाबोलिज्म सिस्टम को ठीक करता है. गरिष्ठ, ठंडे व मीठे भोजन का इस्तेमाल न करें. चीनी के जगह पर शहद लें.