गर्मी में बीपी व डायबिटीज के मरीजों को बरतनी चाहिए यह सावधानिया

गर्मी में बीपी व डायबिटीज के मरीजों को बरतनी चाहिए यह सावधानिया

भीषण गर्मी में तरह-तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. लापरवाही पर डीआईड्रेशन और हीट स्ट्रोक की चपेट में आ सकते हैं. कोरोना महामारी के चलते सरकारी के साथ प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी भी बंद हैं. ऐसे में एहतियात बरतने में ही भलाई है.

पिछले कई दिनों से तापमान में बहुत ज्यादा उछाल आया है. दिन का अधिकतम तापमान 45 डिग्री से 48 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया है. गर्मी बढ़ने से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. तेज बहादुर सप्रू चिकित्सालय के फिजीशियन डाक्टर ओपी त्रिपाठी ने बताया कि भीषण गर्मी में लोगों को बहुत ज्यादा सावधान रहने की आवश्यकता है. जरा भी लापरवाही उन्हें इस महामारी में नयी मुसीबत में डाल सकती है. गर्मी की चपेट में आने पर लोगों में पानी की कमी होगी. वह डीहाईड्रेशन की चपेट में आएंगे. हीट स्ट्रोक का भी खतरा बढ़ जाता है. डाक्टर त्रिपाठी ने बताया की लापरवाही बरतने वाले लोग पीलिया से भी पीड़ित होते हैं. खान-पान में लापरवाही पर डायरिया की समस्या हो सकती है. इसलिए लोगों को खान-पान में सावधानी बरतनी होगी. साफ सुथरा खाना ही उपयोग करें. बासी खाने से बचें.

बारिश हुई तो टायफाइड और मलेरिया का खतरा : भीषण गर्मी के बीच अगर बारिश हुई तो टायफाइड और मलेरिया का खतरा बढ़ेगा. डाक्टर ओपी त्रिपाठी बताते हैं कि गर्मी के बीच अगर बारिश हो गई तो लोग टायरफाइड और मलेरिया से पीड़ित होंगे. इसलिए उन्हें अभी से सावधानी बरतनी चाहिए.

डायबिटीज व ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपना शुगर व बीपी कंट्रोल करें

कॉल्विन अस्पताल के फिजीशियन डाक्टर संजीव कुमार यादव बताते हैं कि इस मौसम में डायबिटीज व ब्लड प्रेशर के मरीजों को अपना शुगर व बीपी कंट्रोल में रखना चाहिए. हीट स्ट्रोक की चपेट में आने पर उनके लिए ज्यादा खतरा है. हल्का खाना खाएं. पानी खूब पियें.

यह मौसम सभी के लिए खतरनाक है. इसमें बहुत ही सावधान रहने की आवश्यकता है. गर्मी की चपेट में आने पर डीहाईड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए सभी लोग एहतियात बरतें. - डाक्टर संजीव कुमार यादव, फिजीशियन, कॉल्विन अस्पताल.

 साफ-सुथरा और हल्का खाना खाएं. बासी खाने से बचें ’ फलों व सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही उपयोग करें ’ गर्मी में पानी खूब पियें. ’ धूप में निकलने से बचें. ’ अगर निकलें तो छाता या गोछे का प्रयोग करें. ’ हाथ का नाखून छोटा व साफ रखें