केला ही नहीं इसके छिलके भी होते हैं लाभदायक

केला ही नहीं इसके छिलके भी होते हैं लाभदायक

केला तो गुणों से भरपूर है ही लेकिन इसका छिलका भी कुछ कम नहीं आज हम आपको केले के छिलके के बारे में कुछ ऐसे ही उपयोगी टिप्स बताने जा रहे है जिससे आप दुबारा कभी केले का छिलका फेंकने की नहीं सोचेंगे-

1. अगर आपके दाँत पीले होकर अपनी चमक खो चुके है तो केले के छिलके को दाँत पर रगड़े ऐसा दिन में दो बार करें, ऐसा रोज़ करने से कुछ ही दिनों में दांतो का पीला पन दूर हो जाहेगा और चमक वापिस लौट आएगी।

2. केले का छिलका और केला दोनों ही चेहरे में रंगत लाता है और इसमें प्राकृतिक नमी होती है जो कि चेहरे को एलर्जी, मुंहासों, पिंपल्स और इंफेक्शन से दूर रखता है, केले के छिलके में स्टार्च होता है, जो कि स्किन पोर्स से अतिरिक्त ऑयल निकाल देता है, ब्लॉकऐज को भी खत्म करने में भी यह काफी मददगार होता है। केले के छिलके को चेहरे पर लगाए मुंहासों से छुटकारा मिलेगा।

3. यदि आपके चेहरे या किसी और जगह मस्सा हो गया है तो आप उससे केले के छिलके का इस्तेमाल करके हटा सकते हैं । आपको रोजाना रात को सोने से पहले छिलके को कुछ देर आपने अपने मस्से पर लगाए और सो जाए कुछ ही दिनों में मसा झड़ जाहेगा।

4. केले के छिलको की मदद से आप अपने जूते भी चमका सकतें है।

5. केले के छिलके को त्वचा पर लगाने से त्वचा में पानी की कमी पूरी होती है। इसके सही तरह से उपयोग के लिये अंडे की जर्दी में केले के छिलके (पीसकर) मिलाकर चेहरे पर लगाएं, और फिर कुछ मिनटों बाद धो लें। इससे झुर्रियां दूर होंगी और त्वचा पर निखार आएगा।

6. अगर किसी कीड़े ने काट लिया हो, तो उस स्थान पर केले के छिलके को पीसकर लगा लें, इससे आराम मिलता है।

7. केले का छिलका आखों की यूवी किरणों से रक्षा करता है। आंखों पर केले के छिलके को थोड़ी देर के लिए रख लें। इससे राहत मिलेगी।


पेट संबंधी बिमारियों में फायदेमंद है शहद का सेवन

पेट संबंधी बिमारियों में फायदेमंद है शहद का सेवन

हर बीमारी का कारण हमारे पेट की समस्या है। मनुका और शहद इस समस्या को जड़ से मिटाने में कारगर है। यह शहद सामान्य शहद की तुलना में अधिक प्रभावशाली होता है क्योंकि इसमें मिथाइलग्लॉक्सल की अधिक मात्रा होती है। इसके अलावा, यह जीवाणुरोधी गुणों और एक सुपरफूड में समृद्ध है। यह जीवाणुरोधी है।

मनुका शहद के फायदे:

यह आपकी पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने की क्षमता रखता है और प्रतिरक्षा को बढ़ाता है। इसलिए, आपको नियमित रूप से 1 या 2 टेबलस्पून मनुका शहद का सेवन करना चाहिए।

शहद अम्लीय है और घावों को भरने के लिए कुशलता से काम कर सकता है। यह नमी में कम है और घाव से तरल पदार्थ को निकालता है और इस प्रकार उपचार प्रक्रिया को तेज करता है।

इसमें एंटीवायरल गुण होते हैं जो एमजीओ नामक पदार्थ के साथ सभी प्रकार के कीटाणुओं से लड़ सकते हैं और मार सकते हैं।

यह उन जीवाणुओं के लिए भी प्रभावी है जो बायोफिल्म बनाते हैं जैसे कि जब जीवाणु एक जैव ईंधन का निर्माण करते हैं तो इसे अनुपचारित माना जाता है।