कर्नाटक: ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित थे डॉक्टर, ठीक होने के बाद फिर पाए गए कोविड-19 पॉजिटिव

कर्नाटक: ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित थे डॉक्टर, ठीक होने के बाद फिर पाए गए कोविड-19 पॉजिटिव

कोरोनावायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट ने अब पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। भारत में भी अब तक इस वैरिएंट के 20 से ज्यादा केस मिल चुके हैं। इस बीच एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। बेंगलुरु के जिस डॉक्टर को ओमिक्रॉन स्वरूप से पीड़ित पाया गया था, वे ठीक होने के बाद एक बार फिर कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। अभी यह साफ नहीं है कि उन्हें दूसरी बार भी ओमिक्रॉन वैरिएंट से ही संक्रमण हुआ या उनकी पिछली रिपोर्ट गलत थी।बेंगलुरु के ये डॉक्टर देश में ओमिक्रॉन से संक्रमित होने वाले पहले दो पीड़ितों में से एक थे। एक और केस दक्षिण अफ्रीका का नागरिक था, जो कि कुछ समय तक क्वारैंटीन रहने के बाद प्राइवेट लैब से निगेटिव रिपोर्ट हासिल कर दुबई चला गया।

रिपोर्ट पॉजिटिव पर कोई लक्षण नहीं
ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिका के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा, "यह सच है कि बेंगलुरु के डॉक्टर जो पहले ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित पाए गए थे, उनकी टेस्ट रिपोर्ट फिर से पॉजिटिव आई है।" अधिकारी ने कहा- "डॉक्टर को अभी आइसोलेशन में रखा गया है और उनमें कोई लक्षण नहीं हैं।"

इस बीच बेंगलुरु पुलिस ने दक्षिण अफ्रीका के उस नागरिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, जिसने ओमिक्रॉन से संक्रमित होने के बावजूद दुबई के लिए फ्लाइट पकड़ ली थी। पुलिस का कहना है कि गुजरात मूल के उस शख्स ने बिना अफसरों को बताए अपने क्वारैंटीन नियमों का उल्लंघन किया।

पेट की अंदरूनी समस्या को जड़ से खत्म करता है तांबे के बर्तन में पानी का सेवन, जाने अन्य लाभ

पेट की अंदरूनी समस्या को जड़ से खत्म करता है तांबे के बर्तन में पानी का सेवन, जाने अन्य लाभ

जानें अनजाने अपने भी कई बार लोगों से यह बातें सुनी होगी कि तांबे के बर्तन में रखा गया पानी आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। आज इस आर्टिकल में हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि आखिर क्यों तांबे के बर्तन में पानी पीना आपके सेहत के लिए इतना फायदेमंद होता है।

साथ ही हम आपको बताएंगे कि कौन से समय में तांबे के बर्तन में रखा गया पानी पीना आपकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है । और इसे पीने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, तांबे के बर्तन में रखा गया पानी इसमें पैदा होने वाले बैक्टीरिया को खत्म करके पानी को पूरी तरह से शुद्ध कर देता है।

पेट की अंदरूनी समस्या को जड़ से खत्म करें

तांबे के बर्तन में रखा पानी पेट की समस्याओं के लिए रामबाण औषधि माना जाता है। आजकल लोगों को अक्सर गैस, अपच जैसी परेशानियां बनी रहती हैं, ये पानी इन परेशानियों से छुटकारा दिलाने में कारगर है। इस पानी में ऐसे तमाम गुण होते हैं जो नुकसानदायक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और पेट की सूजन और इन्फेक्शन को दूर करते हैं। तांबे के बर्तन का पानी आंतों की गंदगी को साफ करता है। इसके अलावा इस पानी से त्वचा संबन्धी तमाम समस्याओं से भी बचाव होता है।

कब न पिए
अगर अल्सर की समस्या है या एसिडिटी है तो इस पानी को न पिएं, गर्म तासीर का होने की वजह से ये समस्या को बढ़ा सकता है।

तांबे के बर्तन में दूध या दूध से बनी चीजें और खट्टी चीजें न डालें।

यह भी पढ़े-

सुबह खाली पेट पीना हो सकता है लाभकारी
अगर आपको तांबे के बर्तन में पानी पीने का पूरा लाभ उठाना है तो आपको सुबह सुबह उठकर तांबे के बर्तन में पानी पीना चाहिए । खाली पेट सुबह सुबह तांबे के बर्तन में पानी पीने से आपको सबसे ज्यादा लाभ मिलता है।