स्वास्थ्य

ICMR ने गन्ने के जूस को सेहत के लिए बताया खतरनाक

Side Effects Of Sugarcane Juice: गर्मियों में बॉडी को हाइड्रेट और कूल रखने के लिए, हम कई तरह के जूस और ड्रिंक्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाते हैं. ऐसी ही ड्रिंक्स में गन्ने का जूस भी शामिल है. गन्ने का जूस ना केवल टेस्टी होती है बल्कि कई पोषक तत्वों से भी भरपूर होता है. गन्ने के रस में, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन समेत कई न्यूट्रिएंट्स उपस्थित होते हैं. जो इसे गर्मियों की बेहतरीन समर ड्रिंक बनाते हैं. गन्ने का जूस पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बना रहता है और डाइजेशन में भी सुधर होता है. बावजूद इसके क्या आप जानते हैं गर्मियों में आवश्यकता से अधिक गन्ने का जूस पीने से आदमी की स्वास्थ्य को लाभ नहीं बल्कि हानि होने लगता है. जी हां, ICMR ने गन्ने को जूस को स्वास्थ्य के लिए घातक बताते हुए लोगों को इसे ना पिएं कि राय दी है.

गन्ने का रस पीने के नुकसान-

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों को गन्ने के जूस अधिक ना पीने की राय दी है. आईसीएमआर का बोलना है कि गन्ने के रस में शुगर की अधिक मात्रा उपस्थित होने की वजह से यह आपको बीमार कर सकता है. आईएमसीआर ने बोला कि है गन्ने का जूस पीने से शुगर लेवल बढ़ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि 100 मिलीलीटर गन्ने के रस में 13 से 15 ग्राम शुगर पाई जाती है. जबकि एक वयस्क को नियमित तौर पर अधिकतम 30 ग्राम शुगर का इनटेक करना चाहिए. इससे अधिक मात्रा में शुगर का सेवन करने से स्वास्थ्य को हानि पहुंच सकता है. आवश्यकता से अधिक गन्ने का रस पीने से मोटापा, बीपी, फैटी लिवर, डायबिटीज जैसी कई रोंगों का रिस्क बढ़ा सकता है. ICMR ने अपनी गाइडलाइंस के मुताबिक गन्ने का जूस तभी स्वास्थ्य के लिए हेल्दी रहता है,जब उसका सेवन सीमित मात्रा में किया जाए.

उम्र के मुताबिक कितना करें शुगर का सेवन-

चिकित्सा जानकारों के अनुसार, 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को 30 ग्राम से अधिक चीनी का सेवन नहीं करना चाहिए. जबकि 7 से 10 वर्ष के बच्चों को 24 ग्राम शुगर का ही सेवन करना चाहिए. आईसीएमआर ने लोगों को गन्ने के रस के अतिरिक्त शुगरी ड्रिंक्स, चाय, कॉफी और अन्य कैफीनयुक्त ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स और शुगर मिलाए गए पैकेज फ्रूट जूस भी नहीं पीने की राय दी है.

आईसीएमआर की सलाह-

आईसीएमआर ने अच्छी स्वास्थ्य के लिए फाइबर और न्यूट्रीशन युक्त फल को जूस से बेहतर विकल्प कहा है. ऐसे में जो लोग फल नहीं खा सकते हैं वो इस बात का ध्यान रखें कि जूस में पूरे फल का 100-150 ग्राम हिस्सा ही एक सर्विंग के लिए इस्तेमाल करें.

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