होंठों को सुन्दर बनाने के लिए करे ये घरेलू उपाय

 होंठों को सुन्दर बनाने के लिए करे ये घरेलू उपाय

 होंठ, ओंठ, ओष्ठ या अधर कई नाम हैं, लेकिन मकसद एक ही होता है, इन्हें स्वस्थ व सुंदर बनाए रखना, क्योंकि यह सुंदर चेहरे व सुन्दर व्यक्तित्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं. सर्दी के मौसम में सबसे बड़ी चुनौती है, इन्हें कटने-फटने से बचाना. 

 

 से जुड़ी स्कीन रोग विशेषज्ञ डाक्टर अप्रतिम गोयल के मुताबिक फटे या रूखे होंठ एक आम समस्या है, जिसमें बहुत ज्यादा तकलीफ होती है व होंठ भी बदसूरत लगने लगते हैं. होंठ फटने के आम लक्षण हैं, जैसे स्कीन लाल होना, रूखापन, होंठों पर सूजन या दर्द होना. 

होंठ फटने के कारण
होंठ फटने के कई कारण हैं जैसे शरीर में पानी की कमी, विटामिन की कमी, एलर्जी से होने वाला रिएक्शन, धूम्रपान, होंठों पर बेहद जीभ घुमाना, बेकार लिपस्टिक का इस्तेमाल, सूरज के सामने अधिक रहना व रूखे मौसम की वजह से भी होंठ फटते हैं. 

फटे होंठों का घरेलू इलाज

बाजार में मिलने वाले कुछ बेहतरीन उत्पाद भी उपलब्ध हैं जो रूखे व फटे होंठों का उपचार करते हैं. लेकिन आप अपने पैसे बचाकर घर में ही कुछ बेहतरीन प्राकृतिक उपायों से फटे होंठों का उपचार कर सकते हैं. कटे-फटे होंठों को दुरुस्त करने के लिए कुछ बहुत अच्छे कुदरती तरीका उपस्थित हैं. यहां जिन उत्पादों की बात की जा रही है, उन्हें आप सीधे होंठों पर ही लगा सकते हैं.

एलोवेरा कारागार : एलोवेरा पौधे की पत्तियों में पाए जाने वाले इस कारागार में विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सिडेंट्स व एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जो स्कीन को मुलायम बनाते हैं व उसकी नमी को लौटा देते हैं. 

नारियल ऑयल : ताजा नारियलों से तैयार नारियल ऑयल इन्फ्लेमेशन से मुकाबला करता है व एक बेहतरीन प्रशामक (एमोलिएंट) होता है. यानी यह स्कीन को नर्म व मुलायम बना देता है.

शहद : यह बहुत अच्छा मॉइश्चराइजर होता है. इस वजह से सूखे होंठों के लिए यह किसी रामबाण औषधि की ही तरह होता है. शहद में एंटीऑक्सिडेंट्स व बैक्टीरिया रोधी गुण भी होते हैं. इस वजह से कटे-फटे होंठों में इन्फेक्शन का खतरा भी समाप्त हो जाता है. यह होंठों को मॉइश्चराइज करता है व इसमें उपस्थित विटामिन व मिनरल्स की वजह से होंठों की सुंदरता भी लौट आती है.

ग्रीन टी : एंटीऑक्सिडेंट्स व मिनरल्स से भरपूर ग्रीन टी में पॉलिफेनॉल्स भी उपस्थित होते हैं जो इन्फ्लेमेशन को रोकते हैं. ग्रीन टी के एक बैग को गर्म पानी में अच्छी तरह से डूबो लें व फिर उसे होंठों पर हल्के से रगड़ते हुए होंठों पर हल्की पपड़ी सी जमी सूखी स्कीन को निकाल लें. यह तकनीक पपड़ी निकालने के परंपरागत ढंग से बेहतर है.