लॉकडाउन के दौरान इन तरीको से बढ़ाए अपने रिश्तों में मिठास

लॉकडाउन के दौरान इन तरीको से बढ़ाए अपने रिश्तों में मिठास

लॉकडाउन की वजह से महिलाएं, बच्चे, विकलांग, बुजुर्ग सभी इन दिनों घरों में बंधकर रह गए हैं. आपसी रिश्तों को मजबूत करने का यह अच्छा मौका है लेकिन दुनियाभर से आई रिपोर्ट बता रही हैं कि इन दिनों घरेलू हिंसा के मुद्दे बढ़ गए हैं. 

कहीं आर्थिक चुनौतियों की वजह से तो कहीं छोटी-छोटी बातों को लेकर झगड़े-मारपीट तक हो रहे हैं. संयुक्त देश ने भी इस पर चिंता जताई है. आज हम बता रहे हैं कि अगर आपके सामने ऐसे दशा आ जाएं तो कैसे बचें. 

ये तरीका अपनाएं 
मनोचिकित्सक डाक्टर पारुल पराशर के मुताबिक, खुद को मानसिक रूप से मजबूत करना ज़रूरी है. ध्यान रखें कि सबकुछ फिर से अच्छा होगा 
- रिश्तों को मजबूत करें. छोटी-छोटी बातों का बुरा ना मानें व एक-दूसरे से बातें करें. निगेटिव बातों पर चर्चा न करें तो ही बेहतर 
- जिस बात का बुरा लगता है, उसे जाहिर करें, गुस्सा ना निकालें. शराब-सिगरेट से हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ती है, इसलिए इनसे दूर ही रहें 
- घर से बाहर तो नहीं निकल सकते लेकिन, छत पर, खिड़की पर, बालकनी या बगीचे में जाएं. सूरज की लाइट से भी अच्छा महसूस होता है. 
- वो मनपसंद कार्य जो समय न मिलने के कारण आप ना कर पाए हों, इस समय करें. आपको बेहद खुशी मिलेगी जैसे कोई अधूरी ख़्वाहिश पूरी हुई हो. 
- परिजनों, बच्चों या करीबी संबंधियों से समझें कि आपकी गलती क्या है. पीड़ित कोई भी हो उसे मानसिक सहारा दें, चुप न बैठें.


 
यूएन ने माना 
संयुक्त देश महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने बोला है कि इन दिनों कई विकसित और विकासशील राष्ट्रों में घरेलू हिंसा के मुद्दे दोगुने हो गए हैं. उन्होंने सभी राष्ट्रों की सरकारों से स्त्रियों को सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया हे. साथ ही एक बेहतर तंत्र बनाने को बोला है
 
दुनिया का हाल
32% घरेलू हिंसा के मुद्दे फ्रांस 36% पेरिस में बढ़ गए.
75% औनलाइन सर्च घरेलू हिंसा को लेकर ऑस्ट्रेलिया में हुई
40% मुद्दे तुर्की में बढ़े, स्त्रियों की मर्डर के तमाम मुकदमे दर्ज
03 गुना केस दर्ज हुए चाइना के वुहान शहर में लॉकडाउन के दौरान
90 हजार घरेलू हिंसा के केस आए दक्षिण अफ्रीका में सिर्फ एक सप्ताह में

भारत में दोगुने मामले
राष्ट्रीय महिला आयोग के मुताबिक, 23 मार्च से दो अप्रैल तक 257 शिकायतें आईं. इनमें 69 घरेलू हिंसा से जुड़ी हुई थीं. सम्मान से जीने का अधिकार मिले, ऐसी 77 शिकायतें दर्ज की गईं. आयोग के मुताबिक, लगभग दोगुने मुद्दे सामने आ रहे हैं. महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने बताया कि ज्यादातर शिकायतें ईमेल-मोबाइल संदेश के जरिए मिल रही हैं.