आयुर्वेद के इन पांच हर्बल उपचारों से खतरनाक रोग से जल्द पाया जा सकता है राहत

आयुर्वेद के इन  पांच हर्बल उपचारों से खतरनाक रोग से जल्द पाया जा सकता है राहत

Dengue Ayurvedic Remedies: बदलते मौसम के साथ ही डेंगू का प्रकोप भी धीरे-धीरे देशभर में बढ़ रहा है कई राज्यों में डेली डेंगू (Dengue fever) के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है ऐसे में आपको सावधान रहने की आवश्यकता है विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, डेंगू बुखार का कोई उपचार नहीं है, लेकिन जल्द इस रोग का पता लगा लिया जाए तो मौत रेट कम हो सकती है आयुर्वेद में डेंगू बुखार से निपटने के लिए विभिन्न तरीका हैं आयुर्वेद के पांच हर्बल उपचारों पर एक नजर डालें तो इस खतरनाक रोग से जल्द राहत पाया जा सकता है 

गुडूची (Guduchi)
गुडूची को गिलोय या अमृता के नामों से भी जाना जाता है आयुर्वेद के अनुसार, गुडूची की बेल जिस किसी भी पेड़ में चढ़ती है तो उसके गुणों को भी अपने अंदर ले लेती है इसलिए नीम के पेड़ पर चढ़ी गुडूची की बेल को औषधि के लिहाज से सर्वोत्तम माना जाता है डेंगू बुखार से पीड़ित रोगी एक गिलास पानी में गुडूची घोलकर पी सकते हैं

नीम
नीम अपने एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है, जो डेंगू बुखार के विरूद्ध काफी उपयोगी है नीम की पत्तियों को खाने से शरीर में उपस्थित डेंगू बुखार के वायरस कम होते हैं

पपीता
पपीते के पत्तों का इस्तेमाल पारंपरिक रूप से मलेरिया की रोकथाम के लिए किया जाता है, लेकिन यह डेंगू के उपचार में भी सहायता करता है एक स्टडी में पाया गया कि पपीते के पत्ते के रस को पीने से प्लेटलेट्स काउंट बढ़ते है

नारियल पानी और चुकंदर-गाजर का जूस
नारियल के पानी में मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को मजबूती देते हैं इसलिए डेंगू बुखार से छुटकारा पाने के लिए अधिक से अधिक नारियल का पानी पिएं इसके अलावा, 3-4 चम्मच चुकंदर का जूस एक गिलास गाजर के जूस में मिलाकर पीएं इससे ब्लड सेल्स की संख्या तेजी से बढ़ती है