स्वास्थ्य

चिंता और अवसाद से बचने के लिए अपनाएं ये तरीका

डिप्रेशन और एंजायटी से आज की दुनिया में हर तीसरा, चौथा आदमी जूझ रहा है तनाव भरी जीवन में यदि आप अवसाद से स्वयं को उबाना चाहते हैं तो या तो मनोचिकित्‍सक आपकी सहायता कर सकते हैं या काउंसलर लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि आप एक छोटा सा काम कर अपने अवसाद और चिंता से मुक्‍त हो सकते हैं और तुरंत आराम महसूस कर सकते हैं? जी हां, एक अध्ययन में पाया गया है कि यदि आप जरूरतमंद लोगों की सहायता करते हैं या उनको बेहतर महसूस कराते हैं तो यह आपकी फीलिंग पर भी सकारात्‍मक असर करता है

क्‍या है शोध?
वाइस डॉट कॉममें छपे आर्टिकल के अनुसार, ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में और जर्नल ऑफ पॉजिटिव साइकोलॉजी में प्रकाशित शोध में पाया गया कि यदि आप किसी के प्रति दयालुता का काम करते हैं तो इससे आपके अंदर चिंता और अवसाद के लक्षणों का कम करने में सहायता मिल सकती है अध्ययन के मुताबिक, मेंटल वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए किसी की सहायता करना संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी (सीबीटी) तकनीकों की तुलना में अधिक कारगर पाया गया हैं

सोशल कनेक्‍शन भी जरूरी
मेंटल वेलनेस के लिए सोशल कनेक्‍शन भी महत्‍वपूर्ण किरदार निभाता है यदि आप अन्य व्यक्तियों और समूहों के साथ अपनेपन और पारस्परिक निकटता के साथ मिलते जुलते हैं तो यह आपके अंदर की चिंता और अवसाद के लक्षणों जैसे उदासी, चिड़चिड़ापन और अपराधबोध की भावनाओं से निपटने में सहायता करता है

दोनों का क्‍या है कनेक्‍शन
दरअसल जब आप किसी की सहायता के लिए आगे आते हैं तो यह आपके बीच सामाजिक संबंध बढ़ाने का भी काम करता है यह आपके अंदर एक फील गुड वाला एहसास लाता है और आप लोगों के साथ मिलने जुलने के लिए मोटिवेट होने लगते हैं जो मेंटल हेल्‍थ के लिए दवा की तरह काम करता है

कैसे किया गया शोध
शोधकर्ताओं ने चिंता और अवसाद से जूझ रहे 122 वयस्कों को 3 ग्रुप में बांटां और 5 सप्ताह तक 3 गतिविधियों में से एक करने को बोला गया इनमें से जो ग्रुप सोशल वर्किंग के काम में लगा वे अधिक रिलैक्‍स पाए गए और उनमें अवसाद और चिंता के लक्षणों में तेजी से कमी पाई गई यही नहीं, इन गतिविधियों के बंद करने के 5 हफ्ते बाद भी उन्होंने इन सुधारों को बनाए रखा

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