BHU के डॉक्टर बोले- 5 महीने पहले वैक्सीनेट लोगों को बूस्टर डोज और सिंगल डोज स्पूतनिक देना जरूरी

BHU के डॉक्टर बोले- 5 महीने पहले वैक्सीनेट लोगों को बूस्टर डोज और सिंगल डोज स्पूतनिक देना जरूरी

कई स्टडीज में यह बात तो साबित हो चुकी है कि वैक्सीन कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन पर खास असर नहीं डाल पा रही है। वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है। वहीं, जनवरी 2022 में कोरोना की थर्ड वेब की भविष्यवाणी भी कर दी गई है। दूसरी ओर, काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के वायरोलॉजिस्ट का कहना है कि हम कोरोना की तीसरी लहर को रोक सकते हैं। जनता अपना बचाव करे, मगर सरकार भी कुछ खास उपाय करे तो नए वैरिएंट का प्रकोप हमसे दूर हो सकता है।

IMS-BHU में मॉलिक्यूलर यूनिट के प्रो. सुनीत सिंह ने तीसरी लहर से बचाने के लिए इन तरीकों को सुझाया है।

  1. वैक्सीन का बूस्टर डोज : जिन लोगों को दूसरी डोज 5 महीने पहले लग चुकी हो, उन्हें अब बूस्टर डोज दिया जाना चाहिए। इसके लिए सरकार गाइडलाइन बना सकती है।
  2. मिक्स एंड मैच डोज : विदेशों में मॉडर्ना और फाइजर के बीच मिक्स एंड मैच की सफल टेस्टिंग हो चुकी है। समय कम है इसलिए 1-1 महीने के अंतराल पर दोनों डोज लगाकर व्यक्ति को पहले सुरक्षित कर लिया जाए। वहीं, मिक्स एंड मैच के बाद बूस्टर डोज लगाने की भी जरूरत अभी नहीं पड़ेगी।
  3. इंपोर्ट करें सिंगल डोज वैक्सीन : भारत में जॉनसन एंड जॉनसन और स्पूतनिक सिंगल डोज वैक्सीन को आयात करने की मंजूरी दी जा चुकी है। जिन लोगों ने वैक्सीन की एक भी डोज न ली हो, उन्हें तत्काल इन वैक्सीन को दिया जाना चाहिए।
  4. मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग : मास्क अब हर विभाग द्वारा अनिवार्य कर देना चाहिए। वहीं, हर कोई सर्जिकल मास्क की पूरी गड्डी अपने पास रखे और रेगुलर बदलकर उपयोग करें। सार्वजनिक स्थलों पर आने-जाने से बचें।
  5. इम्युनिटी को बनाए रखें बेहतर : भोजन में विटामिन C, D और दूध के साथ हल्दी डालकर पीएं। हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करें। शरीर को कमजोर नहीं होने देना है।
  6. UP में 3 करोड़ 25 लाख लोग हाई रिस्क पर
    कोविड वैक्सीनेशन को लेकर UP समेत कई राज्य काफी बेहतर स्थिति में है। फिर भी जो व्यक्ति अभी तक न तो संक्रमित हुआ है और न ही वैक्सीन की कोई डोज लगवाया हो, उसके लिए तीसरी लहर आपदा होगी। ये ही लोग तीसरी लहर के सबसे बड़े होस्ट या वाहक बनेंगे।

    फिलहाल, UP में 18 साल से ऊपर 14 करोड़ 75 लाख लोगों को वैक्सीन लगाई जानी है। पहली डोज 11 करोड़ 50 लाख लोगों ने ली है। जबकि दोनों डोज महज 5 करोड़ 39 लाख लोगों ने ली है। इसमें से ढाई करोड़ लोग ऐसे हैं जिनका दूसरी डोज लेने की डेट काफी आगे बढ़ गई है। साथ में प्रदेश में 3 करोड़ 25 लाख लोग ऐसे हैं जो कि वैक्सीन से ही दूर हैं। इन्होंने कोई डोज नहीं ली और सबसे हाई रिस्क इन्हीं पर है।

    डेट बीतने के बाद भी ढाई करोड़ लोगों ने नहीं ली दूसरी खुराक
    वैक्सीन हेजीटेंसी के शिकार हाई रिस्क वाले 3 करोड़ 25 लाख लोग हैं। इन्हें सिंगल डोज वाली वैक्सीन लगाकर ही सुरक्षित किया जा सकता है। दूसरे स्थान पर होंगे ढाई करोड़ लोग जो लापरवाही से दूसरी खुराक नहीं ले रहे हैं। इन्हें तत्काल वैक्सीन की दूसरी डोज देना चाहिए। तीसरा सबसे बड़ा संकट दोनों डोज ले चुके लोगों पर भी है। इन्हें बूस्टर डोज देकर सुरक्षित किया जाना चाहिए।


पेट की अंदरूनी समस्या को जड़ से खत्म करता है तांबे के बर्तन में पानी का सेवन, जाने अन्य लाभ

पेट की अंदरूनी समस्या को जड़ से खत्म करता है तांबे के बर्तन में पानी का सेवन, जाने अन्य लाभ

जानें अनजाने अपने भी कई बार लोगों से यह बातें सुनी होगी कि तांबे के बर्तन में रखा गया पानी आपके स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। आज इस आर्टिकल में हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि आखिर क्यों तांबे के बर्तन में पानी पीना आपके सेहत के लिए इतना फायदेमंद होता है।

साथ ही हम आपको बताएंगे कि कौन से समय में तांबे के बर्तन में रखा गया पानी पीना आपकी सेहत के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद हो सकता है । और इसे पीने से क्या-क्या फायदे मिलते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार, तांबे के बर्तन में रखा गया पानी इसमें पैदा होने वाले बैक्टीरिया को खत्म करके पानी को पूरी तरह से शुद्ध कर देता है।

पेट की अंदरूनी समस्या को जड़ से खत्म करें

तांबे के बर्तन में रखा पानी पेट की समस्याओं के लिए रामबाण औषधि माना जाता है। आजकल लोगों को अक्सर गैस, अपच जैसी परेशानियां बनी रहती हैं, ये पानी इन परेशानियों से छुटकारा दिलाने में कारगर है। इस पानी में ऐसे तमाम गुण होते हैं जो नुकसानदायक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और पेट की सूजन और इन्फेक्शन को दूर करते हैं। तांबे के बर्तन का पानी आंतों की गंदगी को साफ करता है। इसके अलावा इस पानी से त्वचा संबन्धी तमाम समस्याओं से भी बचाव होता है।

कब न पिए
अगर अल्सर की समस्या है या एसिडिटी है तो इस पानी को न पिएं, गर्म तासीर का होने की वजह से ये समस्या को बढ़ा सकता है।

तांबे के बर्तन में दूध या दूध से बनी चीजें और खट्टी चीजें न डालें।

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सुबह खाली पेट पीना हो सकता है लाभकारी
अगर आपको तांबे के बर्तन में पानी पीने का पूरा लाभ उठाना है तो आपको सुबह सुबह उठकर तांबे के बर्तन में पानी पीना चाहिए । खाली पेट सुबह सुबह तांबे के बर्तन में पानी पीने से आपको सबसे ज्यादा लाभ मिलता है।