आयरन से भरपूर होता है चुकंदर, आपको चौका देंगे इसके स्वास्थ्य लाभ

आयरन से भरपूर होता है चुकंदर, आपको चौका देंगे इसके स्वास्थ्य लाभ

चुकंदर की बात करें तो इसका सेवन सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा अच्छा होता है, इसके सेवन से खून की कमी पूरी हो जाती है, चुकंदर में आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। वहीं इसके सेवन से एनीमिया की कमी भी दूर होती जाती है।

लेकिन क्या आपको पता है कि चुकंदर के सेवन यदि खाली पेट किया जाता है तो बहुत ही ज्यादा फायदा मिलता है। इसलिए आपको चुकंदर के सेवन से होने वाले इन फायदों के बारे में जरूर जानना चाहिए।

वजन कम करने में होता है मददगार
यदि रोजाना आप सुबह के खाली पेट चुकंदर का सेवन करते हैं तो इससे आपके शरीर में जमा हुआ फैट कम होता जाता है, ये शरीर में जमे हुए एक्स्ट्रा फैट को कम करने में मददगार होता है, इसमें फाइबर की मात्रा भरपूर होती है वहीं इसमें कैलोरी भी कम मात्रा में पाई जाती है। इसके खाली पेट रोजाना सेवन से आपका पेट लंबे समय तक भरा हुआ रहता है। इसलिए आपको चुकंदर का सेवन जरूर करना चाहिए।

आंखों कि रोशनी के लिए होता है अच्छा
यदि आप आंखों कि रोशनी को तेज बना के रखना चाहते हैं तो चुकंदर का सेवन आपके लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है, इसमें भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है, आयरन के भरपूर मात्रा में सेवन से आखों से जुड़ी कई प्रकार कि समस्याएं दूर होती जाती हैं, वहीं यदि आप इसका सेवन खाली पेट करते हैं तो ये और भी ज्यादा सेहत के साथ-साथ आंखों कि रोशनी को तेज बना के रखने में मददगार होता है

त्वचा में रखता है ग्लो को बरक़रार
यदि आप त्वचा को खूबसूरत और ग्लोइंग बना के रखना चाहते हैं तो आपको चुकंदर का सेवन जरूर करना चाहिए,इसके सेवन से आपके त्वचा में से जुड़ी कई समस्याएं दूर होती जाती हैं, वहीं यदि आप पिम्पल्स,दाग-धब्बे के जैसी समस्याओं से ग्रसित रहते हैं तो चुकंदर का खाली पेट सेवन बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होता है। ये आपके त्वचा में से ग्लो को बरक़रार रखने में सहायक होता है।

एनीमिया से करता है बचाव
यदि खाली पेट आप चुकंदर का सेवन करते हैं तो इसके सेवन खून की कमी की पूर्ती होती जाती है, चुकंदर में आयरन की प्रचुर मात्रा पाई जाती है,यदि इसका खाली पेट सेवन किया जाता है तो ये शरीर में से खून की कमी की पूर्ती करता है, इसलिए यदि आप स्वस्थ रहना चाहते हैं या शरीर में से खून की कमी की पूर्ती करना चाहते हैं तो आपको चुकंदर का सेवन जरूर करना चाहिए।



जानिए यूरिन इंफेक्शन की वजह

जानिए यूरिन इंफेक्शन की वजह

 स्त्रियों में यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI की परेशानी आम बात है इसमें स्त्रियों को बहुत कठिनाई होती है पेट में तेज दर्द, टॉयलेट में जलन और इंफेक्शन से कठिनाई होती है यूटीआई होने पर बैक्टीरिया टॉयलेट के जरिए अंदर पहुंच जाते हैं और कई बार ये किडनी, ब्लैडर और इन्हें जोड़ने वाली नलिकाओं को भी प्रभावित करते हैं यदि यूटीआई का ठीक समय पर उपचार नहीं किया जाए तो ये इंफेक्शन ब्लैडर से किडनी में फैल सकता है इससे किडनी पर भी असर पड़ता है आइये जानते हैं स्त्रियों को क्यों बार-बार होता है यूटीआई इंफेक्शन 

यूटीआई के लक्षण

यूटीआई होने पर ब्लैडर में इंफेक्शन हो जाता है यूरिन टेस्ट से इसका पता लगता है इसके अतिरिक्त ये यूटीआई होने पर ये लक्षण नज़र आते हैं

  • पेशाब करने में जलन
  • बार-बार टॉयलेट लगना
  • पेट के निचले हिस्से में दर्द होना
  • टॉयलेट में दुर्गंध आना
  • पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द होना
  • बुखार आना
  • ठंड लगना 
  • उल्टी आना

क्यों बार-बार होता है यूटीआई?
1- ई-कोलाई बैक्टीरिया जब टॉयलेट के रास्ते से ब्लैडर तक पहुंच जाता है तो ये इंफेक्शन होता है
2- मर्दों के मुकाबले स्त्रियों को यूटीआई की परेशानी अधिक होती है
3- पानी कम पीने की वजह से और कई बार नहाने से भी ये इंफेक्शन हो जाता है
4- कुछ मामलों में देर तक टॉयलेट रोकने से या पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने से भी ऐसा होता है
5- कुछ लोगों को किडनी में स्टोन होने पर भी इंफेक्शन हो जाता है

क्या है यूटीआई का इलाज
यूटीआई होने पर एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल करने की राय दी जाती है यूटीआई होने पर डॉक्टर्स खूब सारा पानी पीने की राय देते हैं लिक्विड के जरिए ब्लैडर से बैक्टीरिया बाहर निकल जाता है कई बार रोगी की स्थिति अधिक गंभीर हो जाती है डायबिटीज के रोगियों को यूटीआई का खतरा अधिक रहता है इसके अतिरिक्त किडनी में स्टोन होने की वजह से भी यूटीआई हो सकता है 

यूटीआई से कैसे करें बचाव?
1- यूटीआई होने से बचने के लिए खूब सारा पानी पिएं
2- फिजिकल रिलेशन बनाने से पहले और बाद में टॉयलेट जरूर करें
3- अपने प्राइवेट पार्ट्स को अच्छी तरह से क्लीन करें
4- किसी भी तरह के हाइजीन स्प्रे का इस्तेमाल न करें
5- नहाने में बाथ टब के इस्तेमाल कम करें
6- टॉयलेट को अधिक देर तक नहीं रोकना चाहिए
7- प्रेगनेंट स्त्रियों को यूटीआई होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए
8- बुजुर्ग और डायबिटीज के रोगियों को भी यूटीआई होने पर ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की मीडिया पुष्टि नहीं करता है इनको सिर्फ सुझाव के रूप में लें इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले चिकित्सक की राय जरूर लें