योग और प्राणायाम के साथ ही डाइट में शामिल करें वॉलनट्स और रहें कई सारी बीमारियों से दूर

योग और प्राणायाम के साथ ही डाइट में शामिल करें वॉलनट्स और रहें कई सारी बीमारियों से दूर

योग भारत की एक प्राचीन सांस्कृतिक विरासत है। लेकिन आज यह वैश्विक तौर पर महत्वपूर्ण हो गया है। योग बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने में व्यक्ति की मदद करता है। योग के कई फायदों का जश्‍न हर साल 21 जून को मनाया जाता है और इस बार भी दुनिया अपने परिवारों के साथ घर पर इस खास दिन का छठा संस्करण मनाने के लिए तैयार है। संक्रमण के खतरे से घबराए हुए लोगों और इससे उपजी अनिश्चितताओं के बीच ये सदियों पुराने व्यायाम वे फायदे पहुंचा सकते हैं, जिनका असर दूरगामी होता है। हालांकि, योग या किसी भी अन्य फिटनेस योजना को जरूरी पोषक तत्वों वाली भरपूर खुराक का साथ मिलना अत्यंत जरूरी है। सौभाग्य से, इसके काफी प्रमाण मिल रहे हैं कि अखरोट (वॉलनट्स) जैसे पूरक आहारों की मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और संपूर्ण सेहत में फायदेमंद भूमिका हो सकती है। 
हृदय का स्वास्थ्य – हेल्‍दी डाइट के हिस्से के रूप में अखरोट का सेवन आपके लिए दिल की बीमारी और स्‍ट्रोक का जोखिम कर सकता है। अखरोट कोलेस्ट्रॉल के स्‍वस्‍थ स्तर बनाए रखने और रक्तचाप को कम करने में मदद करता है, जो कि हृदय रोग के दो सबसे प्रमुख कारण हैं। ये हृदय के लिए स्‍वस्‍थ खाद्य पदार्थ हैं जिसमें आवश्यक फैटी एसिड ओमेगा -3 एएलए (2.5 ग्राम / 28 ग्राम) और प्रोटीन (4 ग्राम / 28 ग्राम) और फाइबर (2 ग्राम / 28 ग्राम) होता है।
मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है- मानसिक स्वास्थ्य और संपूर्ण सेहत के लिए खुद अपनी देखभाल करना (सेल्फ-केयर) पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सेल्फ-केयर के लिए कई उपाय सुझाए हैं। इनमें स्वस्थ और संतुलित भोजन करना शामिल है। अखरोट, डिप्रेशन जैसी मेमोरी एवं मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य स्थितियों जैसे कॉग्निटिव मामलो में लाभकारी भूमिका निभा सकता है। शोध से पता चलता है कि अखरोट का सेवन डिप्रेशन की व्यापकता और आवृत्ति को कम कर सकता है। इतना ही नहीं, यह फोकस्‍ड, ऊर्जावान और सकारात्मक बने रहने में भी आपकी मदद करता है।  
आपकी इम्युनिटी को मजबूत करता है- अपने इम्‍युनिटी सिस्‍टम और संपूर्ण सेहत के लिए महत्वपूर्ण सभी प्रकार के पोषक तत्वों को लेने के लिए पोषक तत्वों की एक विस्तृत श्रृंखला का आनंद लेना सबसे अच्छा उपाय है। अखरोट विटामिन बी 6 (0.2मिग्रा / 28ग्रा) का एक अच्छा स्रोत है। यह तांबे (0.45मिग्रा / 28ग्रा) और मैंगनीज (0.1मिग्रा / 28ग्रा) का भी एक उत्कृष्ट स्रोत है। ये सभी इम्‍युनिटी सिस्‍टम के सही ढंग से कार्य करते रहने में  योगदान देते हैं।
आंतों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा-  अगर आपकी आंतें स्वस्थ हैं, तो यह कई तरह के स्वास्थ्य लाभों से जुड़ा हो सकता है, जिनमें पाचन, मेटाबोलिज्म और इम्‍युनिटी सिस्‍टम शामिल है। तो, अपनी आंतों के माइक्रोबॉयोम के स्वास्थ्य के लिए सही डाइट चुनना सबसे महत्वपूर्ण है। शोध से पता चलता है कि अखरोट अपने प्रीबायोटिक गुणों के कारण इसका एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जो आंत के स्वास्थ्य का ख्याल रखते  हैं और लाभकारी बैक्टीरिया के विकास में सहायक होते हैं। 
भूख नियंत्रण और वजन प्रबंधन- अखरोट खाने से आपका वजन कम नहीं होगा। लेकिन कम खाने से जरूर होगा। अखरोट ऐसा करने में आपकी मदद करेंगे। मस्तिष्क के कुछ खास हार्मोन और क्षेत्र होते हैं, जो भूख लगने या न लगने की जानकारी शरीर को देते हैं।  नॉवेल ब्रेन इमेजिंग तकनीक और भूख से जुड़े हार्मोन की जांच करने वाले अध्ययन इस संदर्भ में अखरोट की संभावित भूमिका जाहिर करते हैं। इतना ही नहीं, अखरोट एक प्राकृतिक और हृदय के लिए हेल्‍दी फूड है, जिसे जब एक स्वस्थ आहार के हिस्से के रूप में खाया जाता है, तो इससे वजन नहीं बढ़ता और वजन कम करने के लक्ष्य भी पूरे होते हैं।
कैंसर से बचाव में मदद करता है - अखरोट  में अच्छी वसा सहित कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। यह उन्हें सब्जियों, फलों, अनाजों, तेल, नट और बीजो जैसे प्‍लांट-बेस्‍ड फूड्स सहित प्‍लांट-बेस्‍ड पैटर्न के लिए एक आदर्श सामग्री बनाते हैं। एक स्वस्थ खाने योग्‍य प्रोटीन और वसा रहित या कम वसा वाले डेयरी पदार्थ, कुछ खास प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करते हैं।
सूजन को कम करता है - सूजन कई वजहों से हो सकती है, चाहे वह ज़ोरदार कसरत के बाद  मांसपेशियों में दर्द के रूप में हो या फिर कोई पुरानी बीमारी या कोई अन्य वजह। सूजन शरीर के लिए हानिकारक हो सकती है। लेकिन आप जो खाते हैं वह इसके असर को कम करने में मदद कर सकता है। एक प्रकार की अच्छी वसा ओमेगा -3 एएलए की एक महत्वपूर्ण मात्रा वाला एकमात्र अखरोट ही है, जो सूजन को कम कर सकता है।
डायबिटीज के खतरे को कम करता है - अखरोट के नियमित सेवन से मेटाबॉलिक सिंड्रोम के जोखिम कारकों में सुधार करके डायबिटीज को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, जो लोग अखरोट का सेवन करते हैं, उनमें अखरोट का सेवन नहीं करने वाले  वयस्कों की तुलना में टाइप 2 डायबिटीज विकसित होने का लगभग आधा जोखिम होता है ।
नियमित एक्‍सरसाइज के साथ एक हेल्‍दी बैलेंस्‍ड डाइट लेने से आपकी ऊर्जा का स्तर बढ़ता है और आप मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से बेहतर महसूस करते हैं।
तो, इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योगाभ्यास और कैलिफोर्निया वॉलनट्स के साथ अपने स्वास्थ्य संबंधी लक्ष्यों को पूरा करें। साथ ही अपने अंदर के सबसे बेहतरीन इंसान को सामने लाएं। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं!


कैसे शारीरिक गतिविधियों से बढ़ती है आपकी उम्र और कमी के क्या होते हैं परिणाम

कैसे शारीरिक गतिविधियों से बढ़ती है आपकी उम्र और कमी के क्या होते हैं परिणाम

शहरी लोगों का लाइफस्टाइल ऐसा हो गया है कि वॉक और एक्सरसाइज के लिए उनके पास वक्त ही नहीं रहता। घर और ऑफिस से बाहर निकलते ही गाड़ी तैयार रहती है और पैदल चलने का शायद ही कभी मौका मिलता हो। नतीजा ऐसे लोगों में बीमारियों और मौत का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है।

‘द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ’ में प्रकाशित एक नए अध्ययन के मुताबिक, दुनियाभर में हर साल कम से कम 3.9 मिलियन यानी 39 लाख लोगों की समय से पहले मौत हो रही है। इन मौतों का सबसे बड़ा कारण शारीरिक गतिविधियों में कमी और खराब खान-पान है, जो समय से पहले मृत्यु को आमंत्रित करते हैं।

ब्रिटेन के एडिनबर्ग विश्वविद्यालय के शोधकर्ता डॉ. पॉल केली ने कहा कि शारीरिक गतिविधि की कमी, खराब आहार, शराब पीना, और धूम्रपान करना आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है। अपने अध्ययन में इस रिसर्च टीम ने पाया कि जो लोग शारीरिक रूप से सक्रिय हैं, उनकी मौतों का अनुपात कम था।

टीम ने 168 देशों के पहले से प्रकाशित आंकड़ों को देखा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सप्ताहभर में कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली एरोबिक गतिविधि की सिफारिश की है या 75 मिनट की जोरदार-तीव्रता वाली गतिविधि करने को कहा है।

ब्रिटेन के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की स्टडी रिसर्चर टेसा स्ट्रेन ने कहा कि चाहे खेल हो, जिम या फिर लंच के समय सिर्फ तेज चलने से भी आप तंदुरुस्त रह सकते हैं।

शोधकर्ताओं ने आंकड़ों का विश्लेषण कर पाया कि विश्व स्तर पर, जो लोग शारीरिक गतिविधियों से जुड़े थे, उनमें समय से पहले होने वाली मौतों की संख्या औसतन (औसतन) 15 प्रतिशत कम थी, जो कि महिलाओं के लिए 14 प्रतिशत और पुरुषों के लिए 16 प्रतिशत थी। यह लगभग 3.9 मिलियन यानी 39 लाख लोगों के प्रतिवर्ष जीवन बचाने जितनी है। निष्कर्षो से यह भी पता चला है कि कम आय वाले देशों में यह औसतन 18 फीसदी और उच्च आय वाले देशों के लिए औसतन 14 प्रतिशत थी। 


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