अपनों से दूर रहकर लोग दिमागी तौर पर बीमार हो रहे, ब्रिटेन की सरकार ने मेंटली फिट रहने के 8 तरीके बताए

अपनों से दूर रहकर लोग दिमागी तौर पर बीमार हो रहे, ब्रिटेन की सरकार ने मेंटली फिट रहने के 8 तरीके बताए

कोरोना ने बड़ी संख्या में लोगों को दिमागी तौर पर बीमार किया है। यही वजह है कि अब सरकारें लोगों को इससे उबारने के लिए आगे आ रही हैं। अमेरिका के बाद ब्रिटेन की एजेंसी पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने लोगों को दिमागी बीमारी से निजात पाने के तरीके बताए हैं। फोकस लाइफ-स्टाइल पर है।

एजेंसी का कहना है कि यदि आप मानसिक परेशानियों से बचना चाहते हैं तो लाइफ-स्टाइल में बदलाव जरूर करें।

पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने मानसिक समस्याओं से निपटने के 8 तरीके बताए

1. डेली रूटीन पर काम करें

हमें डेली रूटीन को बहुत ज्यादा तरजीह देनी चाहिए। इसलिए सबसे पहले इसके बारे में गंभीरता से सोचें। फिर ऐसा डेली रूटीन प्लान बनाएं, जो हमें पॉजिटिव रखे। आमतौर पर डेली रूटीन हमारे काम के हिसाब से होता है। यह अप्रोच गलत है। काम जरूरी है, लेकिन हेल्थ उससे ज्यादा जरूरी है। फोकस इस बात पर करें कि दिनभर में कितना समय खुद को दे रहे हैं?

इसलिए दिन की शुरुआत एक्सरसाइज से करें और हेक्टिक शेड्यूल में रिफ्रेश, रेस्ट और पॉजिटिव महसूस करने के लिए ब्रेक जरूर लें।

2. अपनों से जुड़े रहें

मानसिक समस्याओं की सबसे बड़ी वजहों में से एक अपनों से दूर हो जाना भी है। एक स्टडी के मुताबिक, ज्यादातर वर्किंग लोगों के पास अपनों के लिए वक्त नहीं है। ये दूरी मानसिक शांति यानी मेंटल पीस को खत्म कर देती है। इसलिए अपनों से कनेक्ट रहने की कोशिश करें। इसके लिए सोशल मीडिया और वीडियो चैट का सहारा भी ले सकते हैं।

3. दूसरों की मदद करें

आसपास के लोगों की मदद करने के बारे में सोचें। इससे दूसरों को फायदा होगा और आपको भी अच्छा महसूस होगा। हमें दूसरों की समस्याओं और चिंताओं को सुनना और समझना चाहिए। इससे आपको निगेटिव फीलिंग नहीं आएगी। आप आशावादी होंगे, अकेलेपन और एंग्जाइटी से भी उबर पाएंगे।

4. अपनी चिंताओं के बारे में बात करें

महामारी जैसे हालात में चिंता, डर और असहाय महसूस करना बहुत सामान्य है। हर किसी ने इसे अनुभव भी किया होगा। स्टडी में पता चला है कि तनाव साझा करने से मानसिक दबाव आधे से ज्यादा कम हो जाता है। समस्याएं शेयर करने से सुझावों का आदान-प्रदान होता है। इससे भी तनाव कम होता है। इसलिए समस्याओं को शेयर करने में संकोच न करें।

5. फिजिकल हेल्थ पर ध्यान दें

आप मानसिक तौर पर कैसा महसूस कर रहे हैं, यह आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर भी निर्भर करता है। इसलिए फिजिकल हेल्थ पर जरूर फोकस करें। आप घर पर सेल्फ-चेकअप के लिए बेसिक चीजें जैसे थर्मामीटर, बीपी मशीन और फर्स्ट-एड किट रख सकते हैं।

6. स्मोकिंग, ड्र्ग्स और अल्कोहल छोड़ने के लिए मदद लें

ड्रग्स, अल्कोहल और स्मोकिंग की लत भी मानसिक समस्या है। इससे डिप्रेशन में खुदकुशी का रिस्क भी होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए किसी ऐसे साथी से सपोर्ट मांगे, जो आपकी आदतों पर नजर रखे और लत से रोके।

यह ऐसी आदत है, जिसे तलब के चलते आप छोड़ नहीं पाते। ऐसे में दूसरों के प्रति जवाबदेह बनना कारगर तरीका है।

7. पूरी नींद लें

न सोना या कम सोना भी मानसिक बीमारी की वजह बन सकता है। बिस्तर पर जाने के बाद सोचना, चिंता करना, तनाव में रहना और मोबाइल यूज करना गलत है। यह स्लीप टाइम को कम कर देता है। इससे लोग इनसोम्निया के शिकार हो जाते हैं, ये भी मानसिक बीमारी है।

अच्छी और पूरी नींद लेने से मानसिक बीमारियों का जोखिम 50% तक कम हो जाता है। इसलिए अच्छी नींद की आदत डालें।

8. वह काम करें, जो अच्छा लगता हो

जब आप अकेलापन, एंग्जाइटी या तनाव महसूस कर रहे हों तो उसमें ज्यादा न उलझें। इसे जितना महसूस करेंगे, उतना परेशान होंगे। ऐसी स्थिति में आप अपना पसंदीदा काम करें, जैसे- कोई फेवरेट हॉबी, कुछ नया सीखने की कोशिश करें। इससे आप तनाव को कम करने में सफल हो जाएंगे।

एंग्जाइटी दुनिया की सबसे बड़ी मानसिक समस्या

मानसिक बीमारी से जुड़ी हजारों समस्याएं हैं। एंग्जाइटी ऐसी बीमारी है जो दुनिया के 3.76% मानसिक पीड़ितों में है। दूसरे नंबर पर डिप्रेशन है, जो दुनिया के 3.44% मानसिक पीड़ितों में है। तीसरे नंबर पर एल्कोहल यूज डिसऑर्डर है। आप सोच रहे होंगे कि शराब और ड्रग्स का लेना क्या कोई मानसिक समस्या है? हम पहले भी इससे जुड़ी एक खबर कर चुके हैं। भोपाल में साइकेट्रिस्ट सत्यकांत त्रिवेदी के मुताबिक ड्रग्स की लत एक मानसिक बीमारी है।


जानें कैसे इस्तेमाल करें Menstrual Cups, महिलाएं छोड़ें लज्जा और झिझक

जानें कैसे इस्तेमाल करें Menstrual Cups, महिलाएं छोड़ें लज्जा और झिझक

हर महिला चाहती है कि पीरियड्स के दिन उसके लिए कंफर्टेबल हों. लीकेज से कपड़ों पर दाग न लगें, इसके लिए कुछ सेनेटरी पैड्स, तो कुछ टैम्पोन का इस्तेमाल करती हैं. लेकिन अधिक लीकेज होने पर इन्हें बार-बार चेंज करना बहुत ज्यादा हेक्टिक होता है और दाग लग जाए, तो उसका टेंशन अलग. ऐसे में लीकेज के झंझट से बचने के लिए आप मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल कर सकती हैं. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि आज भी ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं, जो मेंस्ट्रुअल कप के बारे में नहीं जानतीं. यहां तक कि इसके बारे में बात करने और इन्हें खरीदने में उन्हें झिझक होती है. डॉक्टर्स के अनुसार, मेंस्ट्रुअल कप मासिक धर्म चक्र में आपको कंफर्टेबल फील करने का बढ़िया हाइजीन प्रोडक्ट है. अच्छी बात ये है कि इसे हर आयु की महिला इस्तेमाल कर सकती है. बस ठीक उपाय पता होना चाहिए. आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आपकी सुरक्षा के लिए हम आपको बताएंगे मेंस्ट्रुअल कप के बारे में वो सभी बातें, जो आपको जानना बहुत महत्वपूर्ण है.

आज भी तमाम महिलाएं हैं, जो मेंस्ट्रुअल कप के बारे में नहीं जानतीं. सुरक्षा के लिहाज से ये बहुत ज्यादा अच्छा है. इसलिए इसके बारे में बात करने या खरीदते समय झिझके नहीं, बल्कि जानें इसका इस्तेमाल कैसे करना चाहिए.

हर महिला चाहती है कि पीरियड्स के दिन उसके लिए कंफर्टेबल हों. लीकेज से कपड़ों पर दाग न लगें, इसके लिए कुछ सेनेटरी पैड्स, तो कुछ टैम्पोन का इस्तेमाल करती हैं. लेकिन अधिक लीकेज होने पर इन्हें बार-बार चेंज करना बहुत ज्यादा हेक्टिक होता है और दाग लग जाए, तो उसका टेंशन अलग. ऐसे में लीकेज के झंझट से बचने के लिए आप मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल कर सकती हैं.

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि आज भी ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं, जो मेंस्ट्रुअल कप के बारे में नहीं जानतीं. यहां तक कि इसके बारे में बात करने और इन्हें खरीदने में उन्हें झिझक होती है. डॉक्टर्स के अनुसार, मेंस्ट्रुअल कप मासिक धर्म चक्र में आपको कंफर्टेबल फील करने का बढ़िया हाइजीन प्रोडक्ट है. अच्छी बात ये है कि इसे हर आयु की महिला इस्तेमाल कर सकती है. बस ठीक उपाय पता होना चाहिए. आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर आपकी सुरक्षा के लिए हम आपको बताएंगे मेंस्ट्रुअल कप के बारे में वो सभी बातें, जो आपको जानना बहुत महत्वपूर्ण है.



​मेंन्स्ट्रुअल कप क्या है-

मेंस्ट्रुअल कप पीरियड़्स हाइजीन उत्पादों में रीयूज किया जाने वाला एक तरह का कप है. यह रबर या सिलिकॉन से बना एक छोटा लचीला फनल शेप का कप होता है, जिसे पीरियड फ्लूड को इकठ्ठा करने के लिए योनि में डालते हैं. लेकिन आप इस कप को भीतर लगाने और वेजाइना को टच करने में कंफर्टेबल हैं, तो आप मेंस्ट्रुअल कप का ऑप्शन अपना सकती हैं.

बाजार में कुछ डिस्पोजल मेंस्ट्रुअल कप भी आते हैं. इसे आयु और आकार के हिसाब से यूज किया जाता है. वैसे 30 वर्ष से कम आयु की स्त्रियों को छोटे कप यूज करने का सुझाव दिया जाता है. जबकि 30 से अधिक आयु वाली स्त्रियों को बड़े आकार के कप इस्तेमाल करने के लिए बोला जाता है.

आप पहली बार मेंस्ट्रुअल कप यूज करने जा रही हैं

, तो सबसे पहले इसे थोड़ा चिकना बना लें.

अपने हाथ धो लें और फिर कप को फोल्ड करके आधा कर लें. या फिर सी शेप में रिम ऊपर की तरफ करके पकड़ें.

कप को वेजाइना में डालें.

वेजाइना के चारों ओर एक एयरटाइट घेरा बनाने के लिए कप को गोल-गोल घुमाएं.

यह जरूर देख लें, कि मेंस्ट्रुअल कप लगाने के बाद आप कंफर्टेबल हैं या नहीं.

चिकनाहट के कारण कई बार मेंस्ट्रुअल कप स्लिप हो जाता है, ऐसे में अच्छी तरह से धोकर फिर से वेजाइना में लगा सकते हैं.



​कब और कैसे हटाएं

अपने फ्लो के आधार पर आप मेंस्ट्रुअल कप 6 से 12 घंटे तक पहन सकते हैं. लेकिन 12 घंटे के बाद एक बार आपको कप निकाल लेना चाहिए. क्योंकि अधिक भर जाने की स्थिति में इसके लीक होने का खतरा भी बढ़ जाएगा.

कैसे हटाएं मेंस्ट्रुअल कप-

सबसे पहले अपने हाथ धोएं.

अब अपनी इंडेक्स फिंगर और अंगूठे को वेजाइना के अंदर डालें और कप को नीचे की तरफ से पकड़ें. इसके बाद इसे दबाकर सील खोल लें.

धीरे -धीरे कप को बाहर निकालें.

कप को टॉयलेट में खाली करें और अच्छी तरह से पानी से धो लें.



​मेंस्ट्रुअल कप के फायदे-

मेंस्ट्रुअल कप सस्ते हैं.

टैम्पोन के मुकाबले अधिक सेफ हैं.

टैम्पोन की तरह मेंस्ट्रुअल कप योनि को ड्राय नहीं करते.

पीरियड्स में निकलने वाला ब्लड हवा के सम्पर्क में आने से गंध पैदा करता है, जबकि मेंस्ट्रुअल कप के साथ ऐसा नहीं है.

पैड या टैम्पोन के मुकाबले अधिक ब्लड इकठ्ठा कर सकता है.

यौन संबंध बनाने के दौरान कुछ सॉफ्ट डिस्पोजल कप को निकालना महत्वपूर्ण नहीं होता.



​मेंस्ट्रुअप कप का उपयोग करने के नुकसान-

कभी-कभी इनके उपयोग से गड़बड़ हो सकती है.

कई बार इन्हें बाहर निकालना बहुत ज्यादा मुश्किल होता है.

इनका ठीक आकार पता लगाने में परेशानी आती है.

सिलिकॉन या रबर मटेरियल के कारण एलर्जी हो सकती है.



​कैसे करें कप की देखभाल

दोबारा यूज किए जाने वाले मेंस्ट्रुअल कप को हमेशा धोकर और साफ करके रखना चाहिए. कप दिन में कम से कम दो बार खाली होना चाहिए. वैसे रीयूजेबल मेंस्ट्रुअल कप टिकाऊ होते हैं और ठीक देखभाल के साथ आप इन्हें 6 महीने से 10 वर्ष तक इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन डिस्पोजल कप को एक बार यूज करने के बाद फेंक देना चाहिए.


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