टिकटॉक सेलिब्रिटीज ने अपने फॉलोअर्स का साथ बनाए रखने के लिए अपनाए यह विकल्प

टिकटॉक सेलिब्रिटीज ने अपने फॉलोअर्स का साथ बनाए रखने के लिए अपनाए यह विकल्प

भारत की ओर से इंडो-चाइना सीमा टकराव (Indo-China LAC Dispute) के चलते बैन हुए 58 से ज्यादा चीनी ऐप्स में एक शॉर्ट वीडियो शेयरिंग ऐप टिकटॉक (tiktok) भी है जिसके हिंदुस्तान में जून2019 तक करीब 12 करोड़ से ज्यादा सक्रिय यूजर्स थे.29 जून से प्रतिबंधित हुई चीनी ऐप्स के बाद ज्यादातर टिकटॉक स्टार्स व इसके प्रशंसकों के बीच यह उधेड़बुन लगातार चल रही थी कि इसके बाद वे अपने टैलेंट को किस प्लेटफॉर्म पर शेयर करेंगे. 

हालांकि इस बीच कई भारतीय सोशल मीडिया ऐप्स सामने आईं जिनमें रोपोसो, मित्रों व बोल इंडया अब धीरे-धीरे भारतीय यूजर्स के बीच अपनी पहचान बना रही हैं. टिकटॉक के बैन होने के करीब हफ्ते भर तो इन ऐप्स को डाउनलोड करने या इन पर सक्रिय होने की यूजर्स की गति बहुत धीमी थी. लेकिन इस हफ्ते इनमें तेजी आई है. वहीं टिकटॉक सेलिब्रिटीज ने भी अपने फॉलोअर्स का साथ बनाए रखने के लिए कुछ विकल्प अपनाए हैं. आइए जानते हैं कि ये टिकटॉक स्टार अब किस तरह अपने नेटवर्किंग को लगातार मजबूत कर रहे हैं.

ये भारतीय ऐप्स डिमांड में
। रोपोसो
। चिंगारी
। मित्रों
। बोल इंडया
। शेयरचैट

सेलिब्रिटीज की नयी पीढ़ी
कुछ वर्ष पहले जब हिंदुस्तान में टिकटॉक की एंट्री हुई थी तब से लेकर अब तक इस ऐप ने हिंदुस्तान में सोशल मीडिया सेलिब्रटीज की एक नयी पीढ़ी को हमारे सामने ला खड़ा किया है. इन टिकटॉक स्टार्स की सफलता का व इस ऐप की पहुंच का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने न केवल हिंदुस्तान के गांव। गली से स्टार्स ढूंढे बल्कि सैकड़ों की फैन फॉलोइंग के अतिरिक्त ये टिकटॉक स्टार इसी ऐप से हर महीने लाखों की कमाई भी कर रहे हैं. ब्रांड एंडोर्समेंट व पेड कंटेट के वश इन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत कर ली कि कुछ ने तो अपनी स्थीयी जॉब ही छोड़ दी व पूरी तरह से इसी प्लेटफॉर्म पर सक्रिय हो गए.

मॉस अपील ने बनाया हिट
टिकटॉक स्टार्स को इसकी 14 क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध प्लेटफॉर्म की मॉस अपील ने संसार भर में खास बना दिया. 3.8 मिलियन टिकटॉक फॉलोवर्स वाले 23 वर्ष के आदिल खान कहते हैं कि टिकटॉक की सबसे खास बात यह है कि इसे यूज करना बेहद सरल है व यह ग्रामीण इलाकों के उन रिमोट एरिया में भी कार्य करता है जहां अब भी बेसिक सुविधाओं का अभाव है. इंस्टाग्राम व यू-ट्यूब जहां एलीट क्लास को रिप्रेजेंट करते हैं वहीं टिकटॉक सीधे तौर पर आम आदमी का प्लेटफॉर्म था. आदिल के इंस्टाग्राम पर 1.80 लाख फॉलोवर्स हैं. ऐसे ही टिकटॉक सेलिब्रिटी निधी कुमार के भी टिकटॉक पर 1.2 मिलियन फॉलोवर्स हें जबकि इंटा पर उन्हें केवल 1.30 लाख लोग ही अनुसरण करते हैं. निधी की कमाई का 40 प्रतिशत भाग टिकटॉक व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ही है.

बैन का ज्यादा प्रभाव नहीं
अधिकतर लोगों का ऐसा मानना है कि टिकटॉक स्टार्स पर बैन का बहुत बुरा प्रभाव पड़ा होगा. वे अब अपना कंटेंट कहां पोस्ट करेंगेए उन्हें कैसे देख सकेंगे व टिकटॉक से होने वाली मासिक आय का क्या होगा. दरअसलए टिकटॉक स्टार एक ही प्लेटफॉर्म पर सक्रिय नहीं थे. बीते कुछ वर्षों से इन सेलिब्रिटीज ने अपने फॉलोवर्स के साथ यू। ट्यूबए इंस्टाग्राम व फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी मजबूत रिश्ता बनाया है. हिंदुस्तान के ज्यादातर बड़े टिकटॉकर्स पास यू-ट्यूब चैनल व इंस्टा आइकन भी हैं. उनका सब्सक्राइबर बेस भी टिकटॉक से ही है. यानी उनके लाखों फैंस उनके दूसरे चैनल व प्लेटफॉर्म पर भी उन्हें अनुसरण करते हैं. जैसे अवेज दरबार के यू। ट्यूब चैनल पर 2.73 मिलियन फॉलोवर्स हैं व उन्होंने अपना पहला वीडियो करीब पांच वर्ष पहले पोस्ट किया था. ऐसे ही पूर्व टीवी एक्ट्रैस जन्नत जुबैर के भी यू-ट्यूब चैनल पर 1.78 मिलियन फॉलोवर्स हैं. वे बीते तीन वर्ष से अपने वीडियोज पोस्ट कर रही हैं.

दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ गई संख्या
जैसे ही हिंदुस्तान में टिकटॉक समेत 58 चीनी ऐप्स पर बैन लगा इन सेलिब्रिटीज ने देखा कि उनके दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स पर फॉलोवर्स व सब्सक्राइबर्स की संख्या तेजी से बढऩे लगी. निधी कुमार इंस्टाग्राम पर सामान्य दिनों में तो यह रोजाना 300 से 400 फॉलोवर्स की रेट से बढ़ रहा था. लेकिन बैन वाली रात इसकी दर बढ़कर 1200 तक पहुंच गया. ऐसे ही आदिल खान ने भी इंस्टाग्राम पर एक ही रात में 2000 फॉलोवर्स का ग्रोथ देखा. हालांकि अभी ये स्टार्स टिकटॉक के अन्य देसी विकल्प नहीं आजमा रहे हैं.

भारतीय ऐप्स अब भी पीछे
बैन से पहले व बाद में भारतीय ऐप्स की स्थिती में बेहद सुधारनहीं हुआ है हालांकि आंकड़ों में कुछ परिवर्तन जरूर हुआ है. एक एनालिटिकल फर्म ने करीब 5 हजार Smart Phone उपभोक्ता के डेटा के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि हिंदुस्तान में विकसित ऐप्स अब भी उतनी तेजी से डाउनलोड नहीं किए जा रहे जिसकी उम्मीद थी. निष्कर्ष में सामने आया कि 40 प्रतिशत यूजर्स के मोाबइल में अब भी टिकटॉक इंस्टाल था. वहीं ऐसे ही करीब 5 से 15 प्रतिशत ने शेयरचैट, चिंगारी, रोपोसो व मित्रों ऐप इंस्टाल किया था लेकिन टिकटॉक को अन-इंस्टाल नहीं किया था.
 

ऐसे ही जहां बैन होने से पहले औसतन एक Smart Phone उपभोक्ता का करीब 50 से 60 मिनट का रोजाना सैशन होता थ जबकि अन्य भारतीय ऐप्स पर यह बमुश्किल 10 से 12 प्रतिशत था. ऐसे ही रोजाना 70 प्रतिशत Smart Phone उपभोक्ता टिकटॉक पर एक्टिव रहते थे जबकि भारतीय ऐप्स पर यह समय सिर्फ रोपोसो के लिए ही 50 प्रतिशत तक बढ़ा है बाकि ऐप्स अब भी प्रयत्न कर रही हैं. रोजाना जहां ये उपभोक्ता दिनभर में 14 बार तक टिकटॉक ऐप ओपन करते थे वहीं भारतीय ऐप केवल 2 से 8 बार ही खोले गए.

मित्रों ने छुआ 25 मिलियन का आंकड़ा
वहीं मंगलवार को भारतीय शॉर्ट वीडियो शेयरिंग ऐप मित्रों ने दावा किया कि गूगल प्ले स्टोर पर उसकी ऐप को अब तक 25 मिलियन बार डाउनलोड किया जा चुका है. हालांकि बीच में सुरक्षा कारणों से गूगल ने इसे अपने स्टोर से हटा दिया था. लेकिन कंपनी ने गूगल की शिकायत को दूर कर दोबारा प्ले स्टोर में एंट्री की है. जिस स्पीड से मित्रों की डाउनलोड बढ़ रही है कंपनी को विश्वास है कि वह जल्द ही टिकटॉक के भारतीय विकल्प के रूप में उभरेगा. बेंगलूरु की इस कंपनी का दावा है कि अभी उसके प्लेटफॉर्म पर प्रतिघंटा 40 मिलियन वीडियोज देखे जा रहे हैं जबकि करीब 1 मिलियन वीडियो कंटेंट रोजाना अपलोड किया जा रहा है. ऐसे ही रोपोसो को भी टिकटॉक के बैन होने के दिन में ही 22 मिलियन डाउनलोड्स मिले थे जबकि अभी तक 80 मिलियन डाउनलोड्स का कंपनी की ओर से दावा किया जा रहा है. जो इस सप्ताहांत 100 मिलियन भी होने कि सम्भावना है.