भारतीय एडवरटाईजमेंट मानक परिषद (एएससीआई) ने अमिताभ व अक्षय, करीना को लेकर की यह बड़ी आलाेचना

 भारतीय एडवरटाईजमेंट मानक परिषद (एएससीआई) ने अमिताभ व अक्षय, करीना को लेकर की यह बड़ी आलाेचना

 एडवरटाईजमेंट उद्याेग की नियामक संस्था भारतीय एडवरटाईजमेंट मानक परिषद (एएससीआई) ने एक्टर अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan), अक्षय कुमार (Akshay Kumar), ऋतिक रोशन ( Hrithik Roshan), अभिनेत्री करीना कपूर (Kareena Kapoor) और  बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल (Saina Nehwal) काे संदिग्ध व भ्रामक दावों वाले एडवरटाईजमेंट करने के लिए आलाेचना की है। 

दरअसल, एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (Advertising Standards Council of India) ने फरवरी 2020 में 279 विज्ञापनों के विरूद्ध शिकायतों की जाँच की, जिनमें से विज्ञापनदाताओं द्वारा एएससीआई से वार्ता करने के बाद 101 एडवरटाईजमेंट वापस ले लिए गए हैं।

एएससीआई (ASCI) के मुताबिक, इन सेलिब्रिटी ने एडवरटाईजमेंट से पहले ब्रांड के दावाें की जाँच नहीं की। एएससीआई ने बोला कि ब्रांड इसे साबित नहीं कर सके कि इन सेलिब्रिटी ने प्रोडक्ट का एडवरटाईजमेंट करने के पहले उसके बारे में जांच-पड़ताल की। एएससीआई ने बोला कि अमिताभ बच्चन ने स्टेप एप के एडवरटाईजमेंट में नियम की अनदेखी की। इसमें गलत दावे किए गए।

वहीं, एक्टर अक्षय व करीना ने फिल्म के प्राेमाेशन में इंदिरा आईवीएफ अस्पताल काे देश का सबसे बड़ा व सबसे पास आईवीएफ सेंटर हाेने का तथ्यहीन दावा किया। वहीं, ऋतिक राेशन ने जॉली तुलसी 51 ड्रॉप्स काे राेगाें से बचाने वाला बताया, जबकि इसका काेई प्रमाण नहीं है। दरअसल, विज्ञापनदाताओं द्वारा एएससीआई से वार्ता करने के बाद 101 एडवरटाईजमेंट वापस ले लिए गए हैं जिसके बाद ASCI की स्वतंत्र उपभोक्ता शिकायत परिषद (CCC) ने शेष 178 विज्ञापनों का मूल्यांकन किया, जिनमें से 171 विज्ञापनों के विरूद्ध शिकायतों को बरकरार रखा गया था।



ASCI की महासचिव श्वेता पुरंदरे के मुताबिक, जनवरी 2020 में पेश किए गए विज्ञापनों में अवार्ड्स / रैंकिंग के उपयोग के लिए दिशानिर्देश ठीक दिशा में समय पर कदम साबित हो रहे हैं।

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि 1985 में स्थापित, ASCI उपभोक्ताओं के हित की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले एडवरटाईजमेंट में स्व-नियमन के लिए बनाया गया था। एएससीआई प्रिंट, टीवी, रेडियो, होर्डिंग्स, एसएमएस, ईमेल, इंटरनेट, वेबसाइट, उत्पाद पैकेजिंग, ब्रोशर, प्रचार सामग्री व बिक्री सामग्री के बिंदु आदि जैसे सभी माध्यमों की शिकायतों को देखता है।