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अनुराग कश्यप की पहली सैलरी जान हो जाएंगे हैरान

8 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म ‘कस्तूरी (Kastoori)’ को काफी पसंद किया जा रहा है बता दें, यह फिल्म बच्चों पर बेस्ड है और इस फिल्म को मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री के कद्दावर फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने ‘सैराट’ और ‘झुंड’ जैसी फिल्में देने वाले निर्देशक नागराज मंजुले के साथ मिलकर प्रजेंट किया है

फिल्म ‘कस्तूरी’ को लेकर अनुराग ने कहा, ‘इस फिल्म को पहले ही नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है, और जब मैंने ये फिल्म देखी तो मैं मुझे लगा कि महत्वपूर्ण है कि दुनिया भी इस फिल्म को देखे फिर मैंने नागराज को ये फिल्म भेजी और उससे पूछा कि क्या हम लोग मिलकर इसे प्रजेंट कर सकते हैं क्या? और ये फिल्म नागराज को भी छू गई, क्योंकि ये फिल्म उनके बारे में हैं, जो लोग हमें दिखाई नहीं देते हैं, जो गटर में उतर कर नाले साफ करते हैं और उसका इंपेक्ट उनकी स्वास्थ्य पर नहीं, उनके बच्चों तक कैसे पहुंचता है

अनुराग कश्यप आगे कहते हैं, ‘जब वह गटर वाली बदबू उनके बच्चों तक पहुंचती है, तो बच्चों को लगता है कि कैसे अपने शरीर से उस बदबू को निकाल फेंके और उन्हें ये अच्छे से पता होता है कि कस्तूरी की खुशबू से वो बदबू निक सकती है और वे बच्चे उसी कस्तूरी खोज में निकल पड़ते हैं और ये बहुत ही सुंदर सी फिल्म है इस फिल्म को बहुत ही बहुत बढ़िया ढंग से बनाया गया है

बता दें, बच्चों के ऊपर बेस्ड अनुराग ने एक फइल्म बनाई थी, जिसका नाम था ‘उड़ान’ और यह फिल्म झारखंड के जमशेदपुर शहर के एक परिवार पर बेस्ड थी यह फिल्म लोगों को बहुत पसंद आई थी वहीं, उनकी एक और फिल्म झारखंड के धनबाद के पास एक छोटे से क्षेत्र वासेपुर पर भी बेस्ड थी, जिसका नाम था ‘गैंस ऑफ वासेपुर’ और इस फिल्म ने तो अनुराग को गजब की पहचान दिलाई

वहीं, जब अनुराग से यब पूछा गया कि क्या झारखंड से उनका कोई खास लगाव है, जो वहां से जुड़े किस्से लोगों तक पहुंचाते रहते हैं इस पर उन्होंने कहा, ‘मेरा जुड़ाव तो जमीन से रहा है, उत्तर प्रदेश और बिहार में काफी रहा हूं मेरा जुड़ाव भागलपुर-रांची के साथ रहा है, झारखंड में मेरे काफी सम्बन्धी हैं मेरे ननिहाल बॉर्डर पर है ‘बलिया’, तो वहां से काफी जुड़ाव रहा है

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