‘गांधी गोडसे: एक युद्ध’ पर शुरू हुआ बवाल, ये है विरोध करने वालों की मांग

‘गांधी गोडसे: एक युद्ध’ पर शुरू हुआ बवाल, ये है विरोध करने वालों की मांग

Gandhi Godse – Ek Yudh controversy: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह समय कुछ ऐसा है कि हर फिल्म पर हंगामा हो रहा है. जहां बीते दिनों शाहरुख खान की ‘पठान’ को लेकर विरोध की खबरें सामने आईं, वहीं अब राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘गांधी गोडसे: एक युद्ध’ का खूब विरोध हो रहा है. इतना ही नहीं हद तो यह हो गई कि अब राजकुमार संतोषी को जान से मारने की धमकी मिली है. जिसके बाद उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है. 

तो आइए बताते हैं कि फिल्म के किन सीन और डायलॉग को लेकर लोग इसका विरोध कर रहे हैं. 

  1. फिल्म में गोडसे को हीरो की तरह पेश किया गया है, अनेक स्थान पर गोडसे को न्याय प्रिय दिखाया गया है हिंदुत्व का रखवाला इस तरह के सीन्स है .
  2. मुस्लिम तुम्हारे भाई होंगे , हमारे शत्रु है  इस डायलॉग को लेकर भी विरोध किया जा रहा है.
  3. गांधी जी को कई सीन्स के दौरान ये गांधी, इस गांधी , उस गांधी जैसे नामों से संबोधित किया गया है.
  4. गोडसे के न्यायालय के दौरान दिए गए बयान को भी हटाने की मांग है, “जिसमे गांधी ने पाक के समाने घुटने टेकने के लिए विवश किया”  यह संवाद है.
  5. दंगों के सीन के दौरान मुस्लिम सारे फसाद की जड़ है डायलॉग है, जिसका विरोध AMIM भी कर रही है.
  6. गोडसे ने गोली चलाई गांधी जी बच गए जिसकी घोषणा स्वयं नेहरू करते है, यह काल्पनिक है इसको लेकर टकराव है.
  7. गांधी के लिए कई सीन्स में पाखंडी, झूठा हिंदू विरोधी यह संबोधन उपयोग किया गया है.
  8. कांग्रेस के मंच को पार्टी नहीं बनाने का फैसला गांधी ने लिया, लेकिन उसे सियासी फायदा के लिए नेहरू ने उपयोग किया यह सीन्स है.

ये है विरोध करने वालों की मांग

राजकुमार संतोषी ने सुरक्षा के लिए लिखे गए पत्र में विरोध की वजह को भी बताया है, उन्होंने बताया कि इस हंगामे के बाद उन्हें धमकियां दी गई. साथ ही बोला गया कि वह अपनी फिल्म की रिलीज और इसका प्रमोशन बंद कर दें, नहीं तो अंजाम बुरा होगा. निर्देशक का बोलना है कि उन्हें डर लग रहा है. 

फिल्म में चिन्मय मंडलेकर नाथूराम गोडसे बने हैं, दीपक अंतानी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के रोल में हैं. फिल्म के निर्देशक राजकुमार संतोषी हैं. ‘गांधी गोडसे: एक युद्ध’ 26 जनवरी को रिलीज होने वाली है.