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राम गापोल वर्मा ने फिल्म इंस्टीट्यूट्स को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा…

Ram Gopal Varma On Film Institute: ‘रंगीला’, ‘शिवा’, ‘सत्या’, ‘कंपनी’, ‘सरकार’, ‘डरना महत्वपूर्ण है’ और ‘डरना इंकार है’ जैसी फिल्मों का निर्देशन करने वाले फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने अक्सर ही अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में छाए रहते हैं हाल ही में निर्देशक ने फिल्म संस्थानों की जमकर निंदा की और उन्हें मॉर्डल फिल्म मेकिंग को इरेलीवेंट बताया साथ ही फिल्म इंस्टीट्यूट्स को लेकर अपना गुस्सा जाहिर किया है

हाल ही में फिल्म कंपेनियन के साथ एक साक्षात्कार में राम गापोल वर्मा ने फिल्म इंस्टीट्यूट्स को लेकर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए उनके पुरानी कोर्स स्ट्रक्चर को लेकर काफी कुछ कहा इसके अतिरिक्त उन्होंने ‘कंतारा’ और ‘केजीएफ 2’ जैसी फिल्मों को लेकर भी खुलकर बात की राम गापोल ने फिल्म संस्थानों को एक दिखावा बताते हुए कहा, ‘फिल्म संस्थान सबसे बड़ा दिखावा हैं और मुझे उनसे जुड़ने वाले विद्यार्थियों के लिए बहुत दुख है’

राम गोपाल वर्मा ने जाहिर किया गुस्सा

उन्होंने आगे बात करते हुए कहा, ‘मैं यहां पुणे में भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान के बारे में भी बात कर रहा हूं, जो 70 के दशक से अस्तित्व में है मैंने उस संस्थान से एक भी आदमी को आते और लाइफ में कुछ भी बनते हुए नहीं सुना और न देखा असद में बहुत कम लोग, शायद केतन मेहता, विधु विनोद चोपड़ा… लेकिन संस्थान ने उन्हें पढ़ाया नहीं होगा’ मॉर्डनाइजेशन की आवश्यकता पर बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘मुद्दा ये है कि यदि ये एक प्रोफेशनल कोर्स  है, तो इसे आज के समय के अनुसार अपडेट करना चाहिए’

 ‘कांतारा’ और ‘केजीएफ 2’ को लेकर की बात 

उन्होंने साउथ इंडस्ट्री के बेहतरीन और सुपरहिट फिल्मों ‘कांतारा’ और ‘केजीएफ 2’ को लेकर भी बात की उन्होंने कहा, ‘आपको ‘कांतारा’ और ‘केजीएफ 2’ बनाना सिखाना चाहिए अब आप बैटलशिप पोटेमकिन और सिटीजन केन के बारे में बात कर रहे हैं, जिनकी एकदम कोई रिलीवेंस नहीं है’ साथ ही डायरेक्टर ने रणबीर कपूर की ‘एनिमल’ को लेकर भी बात करते हुए कहा, ‘हाल ही में, कुछ लेखक फिल्म संस्थान से मेरे पास आए और वे स्टोरी के नियमों के बारे में बात करने लगे मैंने उनसे पूछा क्या आपने ‘एनिमल’ देखी फिर मैंने उनसे स्टोरी के नियम ‘एनिमल’ पर लागू करने को कहा’

 

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