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तनुश्री के Birthday पर जानिए उनका अर्श से फर्श तक का सफर

किसी की किस्मत की रेखाओं में इतना कुछ लिखा होता है कि वह छोटी सी जीवन में पहले फर्श और फिर फर्श तक का यात्रा तय कर लेता है. तनुश्री की जीवन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. आज यानी 19 मार्च 1984 को झारखंड के जमशेदपुर में जन्मी तनुश्री की किस्मत में पहले लिखा था ‘श्री’ यानी ‘मनी’ यानी ‘पैसा’, फिर अनेक ऊंचाइयां हासिल करने के बाद किस्मत में हुआ ऐसा उलटफेर उस अदाकारा का कि सब कुछ शून्य हो गया. बाएं. आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको तनुश्री के फर्श से अर्श तक के यात्रा के बारे में बता रहे हैं…

पढ़ाई को अलविदा कह दिया
बंगाली लड़कियों और मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री का रिश्ता बहुत पुराना है. सिनेमा जगत में कई बंगाली लड़कियां हैं, जो अपनी अभिनय से लोगों के दिलों में अपनी स्थान बनाती हैं. उन्हीं में से एक हैं तनुश्री दत्ता वर्ष 1984 में बंगाली परिवार में जन्मीं तनुश्री एक ऐसी लड़की बनीं, जिन्होंने कभी नहीं सोचा होगा कि वह मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री लेंगी और अपनी पहली ही फिल्म से लोगों को अपनी खूबसूरती से अपना दीवाना बना लेंगी हालांकि, पढ़ाई के दौरान उन्हें मॉडलिंग का ऐसा शौक चढ़ा कि तनुश्री को किताबें छोड़ने से अधिक रैंप पर चलना पसंद आने लगा.


मॉडलिंग के बाद अभिनय में भी कमाल

उन दिनों अदाकारा की किस्मत तेज रफ्तार कार की तरह आगे बढ़ रही थी मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखते ही तनुश्री को एक ऐसा खिताब मिला जिसने उनके लिए पूरी दुनिया के दरवाजे खोल दिए. दरअसल, वर्ष 2004 में तनुश्री दत्ता ने मिस इण्डिया यूनिवर्स का खिताब जीता था, जिसके बाद उसी वर्ष उन्हें मिस यूनिवर्स में हिंदुस्तान की ओर से वॉक करने का मौका मिला. मॉडलिंग में धूम मचाने के एक वर्ष बाद ही तनुश्री ने मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री कर ली. फिर इमरान हाशमी के साथ रोमांटिक फिल्म ‘आशिक बनाया आपने’ ने पूरी दुनिया को उनका दीवाना बना दिया.


सफलता के बाद असफलता का स्वाद

इमरान हाशमी के साथ फिल्म से डेब्यू करने वाली तनुश्री अपने पहले ही प्रोजेक्ट से मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री में प्रसिद्ध हो गईं. उन्होंने एक के बाद एक कई फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘भागम भाग’, ‘ढोल’, ’36 चाइना टाउन’, ‘स्पीड’, ‘गुड बॉय बैड बॉय’, ‘चॉकलेट’ और ‘रकीब’ आदि फिल्में शामिल हैं. अपनी पहली ही फिल्म में कामयाबी का स्वाद चखने वाली तनुश्री को दोबारा वैसी कामयाबी नहीं मिली. ऐसे में वर्ष 2010 में तनुश्री ने मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री को अलविदा कह दिया और आध्यात्म की राह पर निकल पड़ीं.


मीटू में लगाए गए आरोप

एक झटके में सब कुछ पाने वाली तनुश्री अपने बिगड़ते करियर की नैया को संभाल नहीं पाईं और धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार हो गईं. इससे छुटकारा पाने के लिए उन्होंने ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कह दिया और आध्यात्म को चुना और एक आश्रम में रहने चली गईं. हालांकि, हर कोई अब भी इस बात से दंग था कि तनुश्री ने अचानक मुम्बई फिल्म इंडस्ट्री को कैसे अलविदा कह दिया. सबके दिलों में चल रहे इन द्वंद्वों का उत्तर तनुश्री ने इंडस्ट्री के कद्दावर अदाकार नाना पाटेकर के विरुद्ध मी टू कैंपेन प्रारम्भ कर दिया. अदाकारा ने आगे आकर नाना पाटेकर पर ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के सेट पर उन्हें गलत ढंग से छूने का इल्जाम लगाया था.

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