नवंबर के आखिरी दो दिन में भारत में लॉन्च होंगे ये दो धांसू फोन

नवंबर के आखिरी दो दिन में भारत में लॉन्च होंगे ये दो धांसू फोन

भारत में नवंबर माह में कई सारे स्मार्टफोन्स को लॉन्च किया जाना था। लेकिन चिपसेट की कमी के चलते स्मार्टफोन की लॉन्चिंग में देरी हुई। लेकिन नवंबर माह के आखिरी दो दिनों 29 और 30 नवंबर को दो धांसू स्मार्टफोन भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में दस्तक देने जा रहे हैं। मतलब नवंबर माह Xiaomi और Motorola के शानदार लॉन्च के साथ समाप्त होगा। आइए जानते हैं इन अपकमिंग स्मार्टफोन के बारे में

Xiaomi Redmi Note 11T 5G

लॉन्च डेट - 30 नवंबर 2021
संभावित कीमत - 15,000 रुपये
रेडमी नोट 11टी 5G स्मार्टफोन में 6.5 इंच फुल-एचडी+ डिस्प्ले दिया जा सकता है। इसका रेजॉल्यूशन 1,080x2,400 पिक्सल, रिफ्रेस्ड रेट 90Hz, टच सैंपलिंग रेट 180 हर्ट्ज होगा। फोन में 6nm बेस्ड मीडियाटेक हीलियो 810 SoC सपोर्ट के साथ आएगा। फोन एंड्राइड 11 बेस्ड MIUI 12.5 पर काम करेगा। फोन में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकता है। इसका मेन कैमरा 50 मेगापिक्सल का होगा। इसके अलावा 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा-वाइड एंगल सेंसर और 2 मेगापिक्सल का मैक्रो सेंसर दिया जा सकता है। सेल्फी के लिए फोन में 8 मेगापिक्सेल सेंसर दिया जा सकता है। फोन में 5,000 एमएएच की बैटरी मौजूद है, फोन 33W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगा।

Moto G31

लॉन्च डेट - 29 नवंबर
संभावित कीमत - 14,999 रुपये
मोटो जी31 स्मार्टफोन 6.4-इंच एमोलेड डिस्प्ले के साथ आएगा। फोन 60hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट के साथ आएगा। मोटो जी31 स्मार्टफोन में ऑक्टा-कोर मीडियाटेक हीलियो जी85 प्रोसेसर सपोर्ट दिया जा सकता है। मोटो जी31 में ट्रिपल कैमरा सेटअप दिया जाएगा। इसका मेन कैमरा 48 मेगापिक्सल का होगा। इसके अलावा 8 मेगापिक्सेल डेफ्थ और और 2 मेगापिक्सेल मैक्रो सेंसर का सपोर्ट दिया जाएगा। मोटो जी31 स्मार्टफोन में  सेल्फी के लिए 13 मेगापिक्सल कैमरा मिलेगा। पॉवर बैकअप के लिए फोन में 5,000mAh बैटरी दी जा सकती है। इसे 10W फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट मिलेगा।


बायोगैस एसोसिएशन ने सरकार से ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ बनाने का आग्रह किया

बायोगैस एसोसिएशन ने सरकार से ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ बनाने का आग्रह किया

नयी दिल्ली। इंडियन बायोगैस एसोसिशन (आईबीए) ने सरकार से पांच साल के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये के आरंभिक प्रावधान के साथ ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ स्थापित करने का अनुरोध किया है। संगठन ने कहा है कि इससे पांच करोड़ किसानों को लाभ पहुंचेगा तथा कच्चे तेल के आयात पर होने वाला खर्च भी कम होगा। आईबीए ने एक बयान में कहा कि किफायती परिवहन के लिए टिकाऊ विकल्प (एसएटीएटी) योजना के तहत पांच हजार संयंत्रों के लक्ष्य को पूरा करने में इस तरह के कोष की स्थापना स्वागत योग्य कदम होगा।

संगठन के अध्यक्ष ए आर शुक्ला ने कहा, ‘‘सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में लगातार बात कर रही है। इस योजना से पांच करोड़ किसानों को फायदा पहुंचेगा। यह कोष बनने पर भारत जीवाश्म ईंधन का आयात कम कर सकेगा और किसानों को भी जैविक उर्वरक मिल सकेगा।’’ बायोगैस एसोसिशन ने शहरों में गैस वितरण नेटवर्क और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में बायोमीथेन (सीबीजी) के मिश्रण के लिए मात्रा को परिभाषित करने का भी सुझाव दिया है।

उसने कहा कि पहले पांच साल के लिए 5 प्रतिशत का एक अस्थायी मिश्रण कोटा तय किया जा सकता है। उसके बाद 10 साल में इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जा सकता है। आईबीए ने कहा कि जीएसटी परिषद ने बायोगैस संयंत्र से संबंधित उपकरण और उनके पुर्जों पर जीएसटी की दर पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने की घोषणा की जिससे बायोगैस के उत्पादकों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।