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जापान में कार चलाने वाले ड्राइवरों की हुई भारी कमी

नई दिल्ली. भारत जैसे देश में लाखों ड्राइवर कैब और टैक्सी जैसी सेवाओं से जुड़े हुए हैं. कार चलाना भारत में लाखों लोगों की कमाई का जरिया भी है. समय के साथ कार ड्राइवरों की संख्या में इजाफा भी हो रहा है. टैक्सी सर्विस एक तरफ लाखों लोगों के परिवहन की जरूरतों को पूरा कर रहा है, वहीं इससे लाखों लोग रोजगार भी प्राप्त कर रहे हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि जब कार चलाने वाले ड्राइवर ही न हों तब क्या होगा?

दरअसल, इन दिनों दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कुछ ऐसी ही समस्या से दो-चार हो रही है. जापान में टैक्सी चलाने वाले ड्राइवरों की संख्या घटती चली जा रही है, जिससे लोगों को समय पर टैक्सी और कैब की सर्विस देने में कंपनियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान की सरकार अब लोगों को ऐसी टैक्सी सर्विस देने की तैयारी कर रही है जिसमें कार चलाने के लिए ड्राइवर की जरूरत ही नहीं होगी.

घटती जनसंख्या बनी समस्या
जापान में घटती कार ड्राइवरों की संख्या की एक बड़ी वजह जापान की कम होती आबादी है. 2021 में जापान की जनसंख्या वृद्धि दर -0.5% थी, यानी जापान की आबादी बढ़ने के बजाय घट रही है. इस वजह से जापान में कंपनियों के पास कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है. वहीं टैक्सी और फ्लीट जैसी सेवाओं के लिए नए ड्राइवर नहीं मिल रहे हैं. ड्राइविंग के लिए अधिकतम उम्र की सीमा तय कर चुके ड्राइवर रिटायर भी हो रहे हैं जिस वजह से यह संकट और गहरा गया है.

निसान लाएगी ड्राइवरलेस कार
हालांकि, जापान इस समस्या का समाधान तकनीक की मदद से निकालने का प्रयास करता दिख रहा है. जापान की कार निर्माता निसान (Nissan) ने हाल ही में सेल्फ ड्राइविंग तकनीक से लैस कारों को उतारने का ऐलान किया है. कंपनी का कहना है कि वह 2027 में पहली ऑटोनोमस सेल्फ ड्राइविंग कार लॉन्च करेगी. इसके लिए कंपनी ने जापान के योकोहामा शहर में सेल्फ ड्राइविंग कार की टेस्टिंग शरू करने वाली है. कंपनी ऐसी तकनीक के लिए सुरक्षा और विनियमन संबंधी मामलों पर सरकारी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रही है.

दुनिया के कई हिस्सों में सेल्फ ड्राइविंग कारें जांच के दायरे में आ गईं हैं. हालांकि, जापान में ऐसी तकनीकी क्षमताओं वाले वाहनों की आवश्यकता अन्य विकसित देशों की तुलना में कहीं अधिक हैं. निसान रिसर्च एंड एडवांस इंजीनियरिंग के वाईस प्रेजिडेंट खजुहीरो डोई ने कहा कि जापान परिवहन संबंधी एक बड़ी समस्या का सामना कर रहा है, जो भविष्य में और भी बड़ी हो जाएगी. एक समय आ सकता है जब ड्राइवर ही नहीं रहेंगे. उन्होंने कहा कि देश के कई शहरों में टैक्सी और बस सेवाएं पहले से ही बूढ़ी होती आबादी के कारण प्रभावित होने लगी हैं, जिससे कई लोग गाड़ी चलाने के लिए अयोग्य हो जाएंगे.

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