मारुति सुजुकी ने बिक्री में इतने करोड़ का आंकड़ा किया पार

मारुति सुजुकी ने बिक्री में इतने करोड़ का आंकड़ा किया पार

कार मार्केट में अपनी आरंभ के बाद मारुति सुजुकी ने हाल ही में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. कंपनी ने कार बिक्री में दो करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है. इस उपलब्धि के साथ-साथ कंपनी भविष्य में भारतीय मार्केट को लेकर भी बेहद आश्वस्त है. कंपनी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर मार्केटिंग एंड सेल्स शशांक श्रीवास्तव ने दैनिक जागरण के आर्थिक ब्यूरो प्रमुख नितिन प्रधान से वार्ता में बोला कि वैसे बीएस-6 के दौर में कंपनी का फोकस पेट्रोल व सीएनजी गाड़ियों पर रहेगा.

प्रश्न: कार मार्केट की मौजूदा स्थिति को कैसे आंकते हैं?

- देखिए बीते एक वर्ष में ऑटोमोबाइल उद्योग ने बहुत कुछ देखा है. अगस्त, 2018 से बिक्री में गिरावट का सिलसिला प्रारम्भ हुआ था. अप्रैल, 2019 आते-आते कंपनियों के पास स्टॉक बहुत ज्यादा इकट्ठा हो गया. यह सारे उद्योग के लिए चिंता की बात थी. इसकी कई वजहें थी जिनमें सुरक्षा मानकों के लागू होने से कार की लागत का बढ़ना व महंगे बीमा और राज्यों में बढ़े हुए कर की वजह से ग्राहक के लिए कार की लागत में वृद्धि प्रमुख थे. फिर एनबीएफसी में लिक्विडिटी की कमी की वजह से लोन मिलने में मुश्किलें आईं. उसके बाद अंत में बीएस-4 से बीएस-6 में तब्दील होने का वक्त समीप आने लगा. इन सब बातों ने मार्केट पर प्रभाव डाला. अब कुछ सुधार की स्थिति बनी है व अक्टूबर का महीना पिछले 15 महीनों में सबसे अच्छा गया है. लेकिन अगर हमें यह बोलना हो कि सेंटीमेंट बदल गया है, तो इसके लिए अभी तीन-चार महीने व इंतजार करना बेहतर होगा.

 

प्रश्न: बीएस-6 को लेकर आपकी तैयारी कैसी है?

- अप्रैल, 2020 से देश में बीएस-6 मानक लागू हो जाएंगे व उसके बाद केवल वही गाड़ियां बिकेंगी. हम इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं. मारुति ने इसकी तैयारी बहुत ज्यादा पहले ही कर ली थी. अब तक हम आठ बीएस-6 मॉडल मार्केट में उतार चुके हैं व दिलचस्प बात यह है कि ग्राहक उन्हें अपना भी रहे हैं. हम अब तक तीन लाख बीएस-6 वाहन बेच चुके हैं. यहां मैं आपके माध्यम से लोगों का एक भ्रम दूर करना चाहता हूं कि ऐसा नहीं है कि अप्रैल, 2020 के बाद बीएस-4 वाहन चलना बंद हो जाएंगे. इसलिए अभी अगर कोई ग्राहक बीएस-4 वाहन खरीदना चाहता है तो उसे देरी नहीं करनी चाहिए. क्योंकि ऐसा नहीं है कि आखिरी वक्त में इनके लिए कोई भारी-भरकम सेल लगने वाली है. इसकी वजह यह है कि कंपनियों ने अपने स्टॉक को बहुत ज्यादा सीमित कर लिया है. ग्राहकों में दूसरा भ्रम ईंधन को लेकर है. मैं यह स्पष्ट कर दूं कि बीएस-6 वाहनों को आप बीएस-4 ईंधन से भी चला सकते हैं व बीएस-4 वाहनों में बाद में बीएस-6 ईंधन का प्रयोग किया जा सकेगा. लेकिन ऐसा केवल पेट्रोल गाड़ियों में ही किया जा सकता है, डीजल में नहीं.

 

प्रश्न: भविष्य के लिए आपकी क्या रणनीति है?

- अभी हमारा पूरा फोकस पेट्रोल व सीएनजी वाहनों पर है. डीजल से चलने वाले बीएस-6 वाहनों की मूल्य पेट्रोल के मुकाबले बहुत ज्यादा अधिक होगी. इसलिए हम अभी उस सेगमेंट पर बहुत अधिक ध्यान नहीं दे रहे हैं. अप्रैल, 2020 के बाद बढ़ी हुई कीमतों पर अगर ग्राहकों में डीजल गाड़ियों की मांग बनती है, तब विचार करेंगे. आप जानते हैं कि मौजूदा मार्केट में एसयूवी सबसे लोकप्रिय सेगमेंट है. इसलिए हम ब्रीजा को पेट्रोल में लांच करने जा रहे हैं. यह वैरिएंट अप्रैल, 2020 से पहले मार्केट में उपलब्ध होगा. इसके अलावा सीएनजी गाड़ियों पर हम खास ध्यान दे रहे हैं. अभी हमारे पास आठ मॉडल हैं. सरकार देश में सीएनजी की उपलब्धता बढ़ाने के तरीका कर रही है. मुङो लगता है जैसे-जैसे सीएनजी की उपलब्धता छोटे शहरों में पहुंचेगी, सीएनजी वाहनों की मांग व बढ़ेगी.

 

प्रश्न: आपने तीन लाख बीएस-6 वाहन बेचे हैं. मंदी के इस दौर में वाहनों की बढ़ी हुई मूल्य के बीच इनकी बिक्री को आप किस नजर से देखते हैं?

- हमारे लिए भी यह बहुत ज्यादा हैरानी भरा है. लेकिन इसे यूं देखा जाना चाहिए कि ग्राहकों के बीच जागरूकता बहुत ज्यादा बढ़ रही है. कोई भी नयी वस्तु लेने से पहले ग्राहक नवीनतम टेक्नोलॉजी पर जाना चाहता है. भले ही उसके लिए उसे कुछ अधिक मूल्य चुकानी पड़े. इसलिए जहां कुछ लोग ऑफर्स के इंतजार में अभी गाड़ी खरीदने की अपनी योजना टाल रहे हैं, वहीं ऐसे भी लोग हैं जो अभी से बीएस-6 वाहन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं. यहां मैं फिर से यही कहूंगा कि ये वो लोग हैं जो जानते हैं कि बीएस-6 गाड़ियों को भी बीएस-4 ईंधन से चलाया जा सकता है. दिलचस्प बात यह है कि हमने सिर्फ बड़े शहरों में ही बीएस-6 वाहन नहीं बेचे हैं, बल्कि टियर-2 व टियर-3 शहरों में भी लोग अभी से बीएस-6 को अपना रहे हैं.

प्रश्न: आपने ई-व्हीकल लाने का भी एलान किया है. उस पर क्या प्रगति है?

-जी हां, इस पर हम कार्य कर रहे हैं. हमने कुछ वाहन बनाए भी हैं जिनका टेक्निकल टेस्ट चल रहा है. इनके नतीजे आने के बाद ही कुछ तय हो सकेगा. ई-व्हीकल की प्राइसिंग भी एक मामला है. यह सब स्पष्ट होने के बाद ही हम कुछ बता पाएंगे.