COVID-19 के दौरान बैंकों ने MSME क्षेत्र के लिए आर्थिक मंदी से उबार हेतु बनाई यह बड़ी योजना

 COVID-19 के दौरान बैंकों ने MSME क्षेत्र के लिए आर्थिक मंदी से उबार हेतु बनाई यह बड़ी योजना

 COVID-19 के दौरान बैंकों ने MSME क्षेत्र के लिए आर्थिक मंदी से उबार हेतु 3 लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के तहत लगभग 1,14,502 करोड़ रुपये के कर्ज़ स्वीकृत किए हैं. वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी.

यह योजना वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मई में घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के सबसे बड़े राजकोषीय घटक 'आत्मानबीर हिंदुस्तान अभियान' है. ECLGS पर नवीनतम संख्या, वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई है, इसमें सभी 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB), 20 व्यक्तिगत क्षेत्र के बैंकों व 10 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) द्वारा संवितरण शामिल हैं. इस योजना का जिक्र वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा मई में घोषित 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में रहा है.

ECLGS पर नयी संख्या वित्त मंत्रालय द्वारा जारी की गई है, इसमें सभी 12 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB), 20 व्यक्तिगत क्षेत्र के बैंकों व 10 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की ओर से व्यय शामिल हैं.

वित्त मंत्री ने एक ट्वीट में बोला कि 4 जुलाई 2020 तक PSB व व्यक्तिगत बैंकों द्वारा 100% इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के तहत स्वीकृत कुल राशि 1,14,502.58 करोड़ रुपये है, जिसमें से 56,091.18 करोड़ रुपये पहले ही वितरित किए जा चुके हैं. उन्होंने बोला कि ईसीएलजीएस के तहत, PSB द्वारा स्वीकृत कर्ज़ राशि बढ़कर 65,863.63 करोड़ रुपये हो गई, जिसमें से 4 जुलाई तक 35,575.48 करोड़ रुपये का वितरण किया गया है. वहीं, व्यक्तिगत क्षेत्र के बैंकों को 48,638.96 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए जिसमें से 20,515.70 करोड़ रुपये का वितरण किया गया.

एसबीआई ने 20,628 करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए व 13,405 करोड़ रुपये का वितरण किया. इसके बाद पंजाब नेशनल बैंक ने 8,689 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. हालांकि, 4 जुलाई तक इसका वितरण 2,595 करोड़ रुपये रहा.