बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स में 77.94 अंक की गिरावट

बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स में 77.94 अंक की गिरावट

बुधवार को दिन भर के कारोबार के बाद शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। गुरुवार को कारोबार बंद होने पर BSE का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 77.94 अंक यानी 0.13 फीसद गिरकर 58,927.33 पर बंद हुआ। वहीं, सेंसेक्स के साथ निफ्टी भी 15.35 अंक यानी 0.09 फीसद गिरकर 17,546.65 पर बंद हुआ।

30 शेयरों वाला बेंचमार्क सेंसेक्स बुधवार को उतार-चढ़ाव के बाद लगभग 78 अंक कम पर बंद हुआ। सूचकांक में शामिल एचडीएफसी और एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक बैंक में गिरावट दर्ज की गई। निवेशक यूएस फेड के नीतिगत फैसले से पहले सतर्क हो गए। सेंसेक्स पैक में एचडीएफसी एक फीसद से अधिक की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा घाटे में रहा, इसके बाद नेस्ले इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक बैंक और एचडीएफसी बैंक का स्थान रहा।

वहीं, टेक महिंद्रा, एमएंडएम, एचसीएल टेक और बजाज ऑटो लाभ पाने वालों में से थे। आज रात को होने वाली अहम एफओएमसी बैठक के नतीजों से पहले घरेलू बेंचमार्क सूचकांकों ने एक दायरे में कारोबार किया। रिलायंस सिक्योरिटीज के प्रमुख (रणनीति) बिनोद मोदी ने कहा कि, "वैश्विक बाजारों में भी यूरोपीय बाजारों के साथ मिलाजुला कारोबार हुआ, जिसमें तेज उछाल देखा गया।"

वहीं आज सुबह कारोबार शुरू होने के वक्त सेंसेक्स बढ़त के साथ खुला था। बुधवार को सेंसेक्स तेजी के साथ 59,166 अंक पर खुला था। इस दौरान HCL Tech, Indusind Bank समेत दूसरे शेयरों में तेजी देखी गई थी। सेंसेक्स के अलावा निफ्टी भी कारोबार के शुरुआत में बढ़त के साथ खुला था। बुधवार को कारोबार शुरू होते वक्त निफ्टी 17,580 अंक पर खुला था।

इसके अलावा अन्य प्रमुख शेयर मार्केट में, शंघाई में शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि टोक्यो के शेयर मार्केट में गिरावट देखने को मिली। हांगकांग और सियोल के बाजार छुट्टियों के कारण बंद रहे। वहीं यूरोप के स्टॉक एक्सचेंज मध्य सत्र के सौदों में बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।


Tesla: टेस्ला ने कर कम करने के लिए पीएमओ में दी दस्तक, इस वर्ष प्रारम्भ करना चाहती है इलेक्ट्रिक कार की बिक्री

Tesla: टेस्ला ने कर कम करने के लिए पीएमओ में दी दस्तक, इस वर्ष प्रारम्भ करना चाहती है इलेक्ट्रिक कार की बिक्री

Tesla Inc (टेस्ला इंक) ने भारतीय मार्केट में एंट्री करने से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात करों को कम करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के ऑफिस से निवेदन किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया, टेस्ला ने कुछ भारतीय वाहन निर्माताओं की आपत्तियों को खारिज कर दिया. टेस्ला इस वर्ष हिंदुस्तान में आयातित कारों की बिक्री प्रारम्भ करना चाहती है. लेकिन उनका बोलना है कि हिंदुस्तान में कर दुनिया में सबसे अधिक हैं.


टेस्ला ने कर कटौती के लिए सबसे पहले जुलाई में निवेदन किया था. जिस पर देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई लोकल कंपनियों ने असहमति जताई थी. इनका बोलना है कि इस तरह के कदम से घरेलू मैन्युफेक्चरिंग में निवेश बाधित होगा. 

हिंदुस्तान में टेल्सा के नीति प्रमुख मनुज खुराना सहित कंपनी के ऑफिसरों ने पिछले महीने एक बंद दरवाजे की मीटिंग में कंपनी की मांगों को मोदी के ऑफिसरों के सामने रखा, और यह तर्क दिया कि कर बहुत अधिक हैं. इस चर्चा से परिचित चार सूत्रों ने यह बताया. 

तीन सूत्रों ने बोला कि टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और मोदी के बीच अलग से एक मीटिंग का निवेदन भी किया है. मोदी के ऑफिस और टेस्ला के साथ-साथ इसके कार्यकारी खुराना ने इस बारे में टिप्पणी के निवेदन का उत्तर नहीं दिया.

वैसे यह साफ नहीं है कि मोदी के ऑफिस ने विशेष रूप से टेस्ला को उत्तर में क्या बताया. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी वाहन निर्माता की मांगों पर सरकारी ऑफिसरों की राय विभाजित हैं. कुछ ऑफिसर चाहते हैं कि कंपनी किसी भी आयात कर में कटौती पर विचार करने से पहले लोकल मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो.
एक सूत्र के अनुसार, मोदी के ऑफिस में मीटिंग के दौरान, टेस्ला ने बोला कि हिंदुस्तान में शुल्क संरचना देश में उसके कारोबार को "व्यवहार्य प्रस्ताव" नहीं बनाएगी.

हिंदुस्तान 40,000 US डॉलर या उससे कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 60 फीसदी का आयात शुल्क और 40,000 US डॉलर से अधिक मूल्य वाले वाहनों पर 100 फीसदी शुल्क लगाता है. विश्लेषकों ने बोला है कि इन दरों पर टेस्ला की कारें खरीदारों के लिए बहुत महंगी हो जाएंगी और उनकी बिक्री को सीमित कर सकती हैं. 
तीन सूत्रों ने बोला कि टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और मोदी के बीच अलग से एक मीटिंग का निवेदन भी किया है. मोदी के ऑफिस और टेस्ला के साथ-साथ इसके कार्यकारी खुराना ने इस बारे में टिप्पणी के निवेदन का उत्तर नहीं दिया.

वैसे यह साफ नहीं है कि मोदी के ऑफिस ने विशेष रूप से टेस्ला को उत्तर में क्या बताया. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी वाहन निर्माता की मांगों पर सरकारी ऑफिसरों की राय विभाजित हैं. कुछ ऑफिसर चाहते हैं कि कंपनी किसी भी आयात कर में कटौती पर विचार करने से पहले लोकल मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो.