स्पाइसजेट को लगा करारा झटका, मद्रास हाई कोर्ट ने बकाया वसूली को लेकर दिया बड़ा आदेश

स्पाइसजेट को लगा करारा झटका, मद्रास हाई कोर्ट ने बकाया वसूली को लेकर दिया बड़ा आदेश

मद्रास हाईकोर्ट ने स्पाइसजेट एयरलाइन को करारा झटका दिया है। एयरलाइन ने एयरक्राफ्ट के इंजन, मॉड्यूल, कॉम्पोनेंट्स, असेंबली और पार्ट्स की मेंटेनेंस और मरम्मत के लिए स्विस कंपनी एसआर टेक्निक्स (SR Technics) को 2.4 करोड़ डॉलर (करीब 181 करोड़ रुपये) का भुगतान नहीं किया है। इसके बाद कोर्ट ने अब नो-फ्रिल एयरलाइन स्पाइसजेट लिमिटेड को अपना ऑपरेशन बंद करने का निर्देश दिया है।

संपत्ति अधिग्रहण करने का निर्देश
मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश आर सुब्रमण्यम ने सोमवार को अपने आदेश में स्विस कंपनी एसआर टेक्निक्स को एयरलाइन की संपत्ति का अधिग्रहण करने का निर्देश दिया। उन्होंने आदेश में कहा कि मेरा मानना है कि इस कंपनी की याचिका को स्वीकार किया जाना चाहिए और प्रतिवादी कंपनी को बंद करने का निर्देश दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आधिकारिक लिक्वडेटर को प्रतिवादी कंपनी स्पाइसजेट की संपत्ति का अधिग्रहण करने का निर्देश दिया गया है। 

तीन हफ्ते का दिया गया समय
कोर्ट के आदेश में कहा गया है कि अगर स्पाइसजेट उक्त नोटिस के तहत मांगे गए कर्ज का भुगतान तीन हफ्ते के भीतर नहीं कर पाती है, तो ऐसा माना जाएगा कि कंपनी भुगतान करने में असमर्थ है। गौरतलब है कि यह याचिका क्रेडिट स्विस एजी की तरफ से दायर की गई थी, जिसे एसआर टेक्निक्स की ओर से लंबित बकाया लेने के लिए अनिवार्य किया गया है।

दस साल का किया गया था समझौता
याचिकाकर्ता के अनुसार, स्पाइसजेट ने नवंबर 2011 को 10 साल के पीरियड के लिए मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहालिंग (एमआरओ) सर्विस के लिए एसआर टेक्निक्स के साथ एक समझौता किया था। दोनों पक्षों ने अगस्त 2012 में समझौते की कुछ शर्तों को बदलने के लिए एक सप्लीमेंटल समझौता किया, जिसमें एसआर टेक्निक्स की तरफ से उठाए गए कई इनवॉइस के तहत पेमेंट के लिए टाइम बढ़ाने और एक डेफर्ड पेमेंट स्कीम भी शामिल थी।


बायोगैस एसोसिएशन ने सरकार से ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ बनाने का आग्रह किया

बायोगैस एसोसिएशन ने सरकार से ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ बनाने का आग्रह किया

नयी दिल्ली। इंडियन बायोगैस एसोसिशन (आईबीए) ने सरकार से पांच साल के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये के आरंभिक प्रावधान के साथ ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ स्थापित करने का अनुरोध किया है। संगठन ने कहा है कि इससे पांच करोड़ किसानों को लाभ पहुंचेगा तथा कच्चे तेल के आयात पर होने वाला खर्च भी कम होगा। आईबीए ने एक बयान में कहा कि किफायती परिवहन के लिए टिकाऊ विकल्प (एसएटीएटी) योजना के तहत पांच हजार संयंत्रों के लक्ष्य को पूरा करने में इस तरह के कोष की स्थापना स्वागत योग्य कदम होगा।

संगठन के अध्यक्ष ए आर शुक्ला ने कहा, ‘‘सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में लगातार बात कर रही है। इस योजना से पांच करोड़ किसानों को फायदा पहुंचेगा। यह कोष बनने पर भारत जीवाश्म ईंधन का आयात कम कर सकेगा और किसानों को भी जैविक उर्वरक मिल सकेगा।’’ बायोगैस एसोसिशन ने शहरों में गैस वितरण नेटवर्क और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में बायोमीथेन (सीबीजी) के मिश्रण के लिए मात्रा को परिभाषित करने का भी सुझाव दिया है।

उसने कहा कि पहले पांच साल के लिए 5 प्रतिशत का एक अस्थायी मिश्रण कोटा तय किया जा सकता है। उसके बाद 10 साल में इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जा सकता है। आईबीए ने कहा कि जीएसटी परिषद ने बायोगैस संयंत्र से संबंधित उपकरण और उनके पुर्जों पर जीएसटी की दर पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने की घोषणा की जिससे बायोगैस के उत्पादकों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।