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Share Market Scam : लालच में बुजुर्ग के डूब गए ढाई करोड़ रुपये, जानें क्या है मामला…

Share Market Scam: राष्ट्र में इन दिनों औनलाइन स्कैम के मुद्दे लगातार बढ़ रहे हैं. प्रतिदिन हजारों लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं. अब हालिया मुद्दा मुंबई से सामने आया है जहां एक 60 वर्षीय बुजुर्ग ने Share Market में इन्वेस्ट करने पर अधिक रिटर्न के चक्कर में 2.56 करोड़ रुपये गंवा दिए. दरअसल स्कैमर्स ने पहले तो बुजुर्ग को इन्वेस्टमेंट करने के लिए बोला बाद में अच्छा रिटर्न दिखाकर उसे लूट लिया. चलिए जानते हैं क्या है ये मामला?

क्या है पूरा मामला?

इस स्कैम की आरंभ व्हाट्सएप पर एक अननोन नंबर से प्रारम्भ होती है. मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, स्कैमर्स ने उन्हें दिसंबर 2023 में “KK (फॉर्च्यून सेंटर)” नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा. इस ग्रुप में एकाउंट ओपनिंग मैनेजर, चमन सिंह और नीता सिंघानिया जैसे नाम वाले कई एडमिनिस्ट्रेटर थे, जिन्होंने पीड़ित को विश्वास दिलाया कि वे एक प्राइवेट अमेरिकी कंपनी से जुड़े हैं जो शेयर बाजार में इन्वेस्ट करती है.

वर्चुअल एकाउंट में किया इन्वेस्ट

स्कैमर्स ने पीड़ित को एक वेबसाइट का लिंक भी दिया, जहां उसे अपनी डिटेल्स एंटर करने और एक वर्चुअल एकाउंट बनाने के लिए बोला गया. वर्चुअल एकाउंट बनते ही उसे इसमें इन्वेस्ट पर बंपर रिटर्न का वादा किया गया और इसके बाद पीड़ित ने जो कुछ भी देखा, उस पर भरोसा कर लिया. सबसे पहले शख्स ने फरवरी में 50,000 रुपये का अपना पहला इन्वेस्टमेंट किया और अपने वर्चुअल खाते में बंपर रिटर्न देखा.

रिटर्न को बढ़ता देख किया अधिक इन्वेस्ट

जैसे-जैसे पीड़ित ने अपने रिटर्न को बढ़ता हुआ देखा, उसने इस पर पूरी तरह से विश्वास कर लिया और अधिक पैसा इन्वेस्ट कर दिए. धोखेबाजों ने इसे और भी रियल दिखने के लिए पीड़ित के साथ फेक शेयर सर्टिफिकेट्स भी शेयर कर दिए. उन्होंने पीड़ित को अपने पैसे ट्रांसफर करने के लिए भिन्न भिन्न बैंक खाते मौजूद कराए और अधिक शेयर्स में इन्वेस्ट करने के लिए कहा.

शेयर बाजार में हुआ नुकसान

हालांकि, स्थिति तब बदल गई जब ग्रुप एडमिनिस्ट्रेटर्स ने दावा किया कि कंपनी को शेयर बाजार में हानि हुआ है और हानि की भरपाई के लिए पीड़ित के निवेश का 20 फीसदी हिस्सा अब उनके पास रहेगा. जिसके बाद पीड़ित ने अपने इन्वेस्टमेंट को वापस करने के लिए बोला तो स्कैमर्स ने उसे इनकार कर दिया. यही नहीं उसका बाद में वर्चुअल एकाउंट भी ब्लॉक हो गया थी. जिसके बाद बुजुर्ग समझ गया कि उसके साथ विश्वासघात हुआ है और फिर उसने पुलिस में कम्पलेन दर्ज कराई.

कैसे बचें इस तरह के स्कैम से?

किसी भी स्थान इन्वेस्टमेंट करने से पहले, कंपनी और इससे जुड़े लोगों के बारे में अच्छे से जान लें. इसकी डिटेल्स ऑफिशियल वेबसाइट पर क्रॉस चेक जरूर करें. सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप के जरिए भेजे गए ग्रुप इनवाइट से सावधान रहें. इन चैनलों के जरिए कभी भी कहीं भी इन्वेस्ट न करें.

वेरिफाई करने का ये भी है बेस्ट तरीका

SEBI ने बोला है कि निवेशक सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) की वेबसाइट पर रजिस्टर्ड डिपाजिटरी पार्टिसिपेंट्स (DPS) के डिटेल जान सकते हैं. SEBI ने इसके लिए लिंक जारी किया है, जो https:// www.cdslindia.com/DP/ dplist.aspx है.

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