APY में रोजाना सात रुपये के निवेश से हर महीने पा सकते हैं 5000 की पेंशन

APY में रोजाना सात रुपये के निवेश से हर महीने पा सकते हैं 5000 की पेंशन

सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के रिटायरमेंट के बाद के जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए अटल पेंशन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना में 18 साल से 40 साल तक की आयु के लोग निवेश कर सकते हैं। आप 60 साल की आयु के होने के बाद हर महीने एक हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक की पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। अटल पेंशन योजना भारत सरकार की योजना है, जिसका संचालन पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) द्वारा किया जाता है। यह एक लोकप्रिय पेंशन स्कीम है। Jagran Dailogues के लेटेस्ट एपिसोड में इसी स्कीम पर जागरण न्यू मीडिया के मनीश मिश्रा ने PFRDA के चेयरमैन सुप्रतिम बंधोपाध्याय से विस्तार से चर्चा की।

सवालः अटल पेंशन योजना में कौन निवेश कर सकता है? कितने रुपये के निवेश पर कितने रुपये की पेंशन मिलती है?

बंधोपाध्यायः असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए हमने 2015 में इस स्कीम की शुरुआत की थी। यह सरकार द्वारा गारंटीड स्कीम है। इसका पूरा नाम है- अटल पेंशन योजना। इस स्कीम की शुरुआत एक जून, 2015 में हुई थी। आंकड़ों की बात की जाए तो इस समय करीब 43 करोड़ लोगों का जनधन अकाउंट है। इस स्कीम का फायदा यह है कि इसमें आपको गारंटीड पेंशन मिलती है। इस स्कीम में निवेश पर आपको एक हजार, दो हजार, तीन हजार, चार हजार और अधिकतम पांच हजार रुपये की मासिक पेंशन मिलती है।

आप 18 से 40 साल की आयु वर्ग में आते हैं तो इस स्कीम से जुड़ सकते हैं। अगर आप 18 साल की आयु में इस स्कीम से जुड़ते हैं और आपको 60 साल की आयु के होने के बाद एक हजार रुपये की मासिक पेंशन चाहिए तो आपको हर महीने 42 रुपये का निवेश करना होगा। वहीं, 18 साल की आयु का व्यक्ति अगर पांच हजार रुपये प्रति माह की पेंशन चाहता है तो उसे हर महीने 210 रुपये का निवेश करना होगा।

सवालः इस स्कीम के मुख्य बेनिफिट्स क्या हैं?


बंधोपाध्यायः अगर कोई व्यक्ति इस स्कीम में निवेश करता है तो उसे 60 साल की आयु के होने के बाद हर महीने एक निश्चित राशि की पेंशन मिलेगी। अगर व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके स्पाउस को पेंशन मिलेगी। अगर दोनों की मौत हो जाती है तो इस फंड में निवेश से तैयार Corpus नॉमिनी को वापस दे दी जाएगी।


Tesla: टेस्ला ने कर कम करने के लिए पीएमओ में दी दस्तक, इस वर्ष प्रारम्भ करना चाहती है इलेक्ट्रिक कार की बिक्री

Tesla: टेस्ला ने कर कम करने के लिए पीएमओ में दी दस्तक, इस वर्ष प्रारम्भ करना चाहती है इलेक्ट्रिक कार की बिक्री

Tesla Inc (टेस्ला इंक) ने भारतीय मार्केट में एंट्री करने से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात करों को कम करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के ऑफिस से निवेदन किया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया, टेस्ला ने कुछ भारतीय वाहन निर्माताओं की आपत्तियों को खारिज कर दिया. टेस्ला इस वर्ष हिंदुस्तान में आयातित कारों की बिक्री प्रारम्भ करना चाहती है. लेकिन उनका बोलना है कि हिंदुस्तान में कर दुनिया में सबसे अधिक हैं.


टेस्ला ने कर कटौती के लिए सबसे पहले जुलाई में निवेदन किया था. जिस पर देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई लोकल कंपनियों ने असहमति जताई थी. इनका बोलना है कि इस तरह के कदम से घरेलू मैन्युफेक्चरिंग में निवेश बाधित होगा. 

हिंदुस्तान में टेल्सा के नीति प्रमुख मनुज खुराना सहित कंपनी के ऑफिसरों ने पिछले महीने एक बंद दरवाजे की मीटिंग में कंपनी की मांगों को मोदी के ऑफिसरों के सामने रखा, और यह तर्क दिया कि कर बहुत अधिक हैं. इस चर्चा से परिचित चार सूत्रों ने यह बताया. 

तीन सूत्रों ने बोला कि टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और मोदी के बीच अलग से एक मीटिंग का निवेदन भी किया है. मोदी के ऑफिस और टेस्ला के साथ-साथ इसके कार्यकारी खुराना ने इस बारे में टिप्पणी के निवेदन का उत्तर नहीं दिया.

वैसे यह साफ नहीं है कि मोदी के ऑफिस ने विशेष रूप से टेस्ला को उत्तर में क्या बताया. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी वाहन निर्माता की मांगों पर सरकारी ऑफिसरों की राय विभाजित हैं. कुछ ऑफिसर चाहते हैं कि कंपनी किसी भी आयात कर में कटौती पर विचार करने से पहले लोकल मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो.
एक सूत्र के अनुसार, मोदी के ऑफिस में मीटिंग के दौरान, टेस्ला ने बोला कि हिंदुस्तान में शुल्क संरचना देश में उसके कारोबार को "व्यवहार्य प्रस्ताव" नहीं बनाएगी.

हिंदुस्तान 40,000 US डॉलर या उससे कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 60 फीसदी का आयात शुल्क और 40,000 US डॉलर से अधिक मूल्य वाले वाहनों पर 100 फीसदी शुल्क लगाता है. विश्लेषकों ने बोला है कि इन दरों पर टेस्ला की कारें खरीदारों के लिए बहुत महंगी हो जाएंगी और उनकी बिक्री को सीमित कर सकती हैं. 
तीन सूत्रों ने बोला कि टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और मोदी के बीच अलग से एक मीटिंग का निवेदन भी किया है. मोदी के ऑफिस और टेस्ला के साथ-साथ इसके कार्यकारी खुराना ने इस बारे में टिप्पणी के निवेदन का उत्तर नहीं दिया.

वैसे यह साफ नहीं है कि मोदी के ऑफिस ने विशेष रूप से टेस्ला को उत्तर में क्या बताया. लेकिन मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चार सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी वाहन निर्माता की मांगों पर सरकारी ऑफिसरों की राय विभाजित हैं. कुछ ऑफिसर चाहते हैं कि कंपनी किसी भी आयात कर में कटौती पर विचार करने से पहले लोकल मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो.