जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के प्रमोटर्स की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के प्रमोटर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। दरअसल, कंपनी के प्रमोटर सुभाष चंद्रा और मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत गोयनका से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) पूछताछ करने की योजना बना रहा है। इन पर मीडिया फर्म में फंड डायवर्जन के इल्जाम हैं। सेबी इन आरोपों की जांच कर रहा है। इसी जांच के सिलसिले में पूछताछ किए जाने की आसार है।
जून से हो रही जांच
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से बोला गया कि सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका से पूछताछ नियामक की जांच का हिस्सा है। यह जांच अप्रैल के मध्य तक पूरी होने की आशा है। पिछले वर्ष जून में सेबी ने बोला था कि जी एंटरटेनमेंट से ₹200 करोड़ संबंधित पार्टी लेनदेन के माध्यम से निकाले गए थे, लेकिन कंपनी ने प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के समक्ष इसका विरोध किया था। सेबी ने बाद में ट्रिब्यूनल को कहा कि वह व्यापक जांच कर रहा है। सेबी के अनुसार उसे पता चला है कि एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन के तौर पर सुभाष चंद्रा ने ₹4210 करोड़ का लेटर ऑफ कंफर्ट जारी किया था।
कंपनी ने इस रिपोर्ट को किया खारिज
इस बीच, हाल ही में ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया कि सेबी ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के खातों में $240 मिलियन या लगभग ₹2000 करोड़ की गड़बड़ी का पता लगाया है। इस धनराशि को लेकर पूछताछ के लिए सेबी ने जी एंटरटेनमेंट के प्रमोटर सुभाष चंद्रा, उनके बेटे पुनीत गोयनका और कुछ बोर्ड सदस्यों को बुलाया है। हालांकि, कंपनी ने इस रिपोर्ट को गलत बताया। कंपनी ने बोला कि यह रिपोर्ट झूठी है।
जी एंटरटेनमेंट के शेयर का हाल
इस समाचार के बीच जी एंटरटेनमेंट के शेयरों में गुरुवार को रिकवरी आई। हफ्ते के चौथे व्यवसायी दिन यह शेयर तीन प्रतिशत बढ़कर 168.95 रुपये तक पहुंच गया। इससे पहले बुधवार को शेयर करीब 14 प्रतिशत टूटा था। बता दें कि जी एंटरटेनमेंट और सोनी पिक्चर के बीच दिसंबर, 2021 में 10 अरब $ का मर्जर समझौता हुआ था। सोनी पिक्चर ने 22 जनवरी को यह समझौता अपने स्तर पर रद्द करने का घोषणा कर दिया था।