पीएम मोदी की इस योजना के तहत गरीब किसानो को मिलेंगे इतने करोड़ रुपये

पीएम मोदी की इस योजना के तहत गरीब किसानो को मिलेंगे इतने करोड़ रुपये

चालू वित्त साल यानी 2019-20 के समाप्त होने में अब केवल 2 महीने ही बचे हुए हैं। इस वित्त साल के​ लिए पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi Scheme) के लिए जारी किए गए कुल फंड का करीब 50 प्रतिशत ही खर्च हुआ है। 

गरीब किसानों की मदद के लिए इस खास योजना की आरंभ की गई थी। अब तक इस योजना के तहत कुल 43 हजार करोड़ रुपये खर्च किया गया है, जबकि इस सारे वित्त साल के लिए सरकार ने जो फंड निर्धारित किया था वो 75 हजार करोड़ रुपये था।

किसानों को मिलता है सालाना 6 हजार करोड़ रुपये
पिछले वर्ष फरवरी में पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की प्रतिनिधित्व वाली NDA सरकार ने किसानों के लिए इस खास स्कीम की आरंभ की थी। नरेन्द्र मोदी सरकार किसानों के लिए इस योजना की आरंभ की थी ताकि किसान अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ कृषि गतिविधियों (Agricultural Activities) पर भी ध्यान दें। इस योजना के तहत योग्य किसानों को 6 हजार रुपये सालाना उपलब्ध कराया जा रहा है।

ऐसे करें अप्लाई-पीएम किसान पोर्टल www.pmkisan.gov.in पर ‘फार्मर कार्नर’ विंडो के जरिये उपलब्ध कराई गई सुविधा में ‘एडिट आधार डिटेल्स’, ‘न्यू फार्मर रजिस्ट्रेशन’ व ‘बेनिफिशियरी स्टेट्स’ नाम से तीन लिंक सक्रिय कर दिए गए हैं।

संयुक्त कृषि निदेशक डाक्टर ओमवीर सिंह कहते हैं कि पीएम किसान सम्मान निधि के आवेदन के लिए अन्नदाताओं को अब तहसीलों व कृषि विभाग के दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। किसान सम्मान निधि योजना के लिए खुद औनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पीएम किसान सम्मान निधि की वेबसाइट पर नया आवेदन करने के साथ ही पहले से हुए किसानों के पंजीकरण की स्थिति के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी।

उन्होंने बताया कि आवेदन के लिए खतौनी की नकल, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की छाया प्रति देनी होगी। इसका भी ध्यान रखना होगा कि बचत खाता व आधार कार्ड दोनों आपस में लिंक हो गए हो। बेनिफिशियरी स्टेटस लिंक की मदद से लाभ पाने वाले किसान के आवेदन का स्टेटस देखा जा सकता है। इसके लिए लाभ पाने वाले किसान का मोबाइल नम्बर, आधार कार्ड नम्बर या उसके बचत खाते का नम्बर चाहिए।

अब ​तक कितने किसानों को मिला लाभ
सरकार की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त साल में केन्द्र सरकार की इस योजना से करीब 8.16 करोड़ किसानों को सीधे रूप से लाभ मिला है। इस वर्ष फरवरी के मध्य तक यह आंकड़ा 9 करोड़ किसानों तक पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के अनुमान के मुकाबले यह आंकड़ा बेहद ही कम है।

सरकार ने 14 करोड़ किसानों को फायदा देने का लक्ष्य रखा था
लोकसभा को लिखित जवाब में नरेंद्र सिंह तोमर ने बोला था कि 30 नवंबर 2019 तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत कुल 14 करोड़ किसानों को फायदा मिल सकेगा। जबकि, 30 नवंबर 2019 तक जिन किसानों को इस योजना के तहत फायदा मिला उनकी कुल संख्या भी अनुमान का करीब 50 प्रतिशत यानी 7.6 करोड़ ही रहा।

दो महीने में किसानों को मिलेंगे 7,000 करोड़ रुपये
CNBC TV18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्कीम के लिए जारी किए ​कुल फंड में से सरकार के पास 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की बचत होगी। रिपोर्ट में यह भी बोला गया कि बचे हुए दो महीनों में फंड के कुल खर्च होने का आंकड़ा 43 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 50 हजार करोड़ रुपये ही पहुंच सकेगा। इसका मतलब है कि चालू वित्त साल के बाकी बचे 2 महीने में सरकार 7 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।

मनरेगा का फंड दोगुना करने का प्रस्ताव
परिणामस्वरूप, यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि 1 फरवरी को पेश किए जाने वाले बजट में केन्द्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए अधिक फंड जारी करने से परहेज करेगी। एक अन्य मीडिया​ रिपोर्ट में जानकारों के हवाले से लिखा है कि केन्द्र सरकार महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (MNAREGA ) के तहत दिए जाने वाले फंड को दोगुना कर दे। इसके पीछे दलील दी गई कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार गारंटी के लिए इस स्कीम का फायदा लेने वालों की संख्या अधिक है।