बहुत जल्द लॉन्च होने वाली है ये बाइक

बहुत जल्द  लॉन्च होने वाली है ये बाइक

Komaki Electric Vehicles ने अपनी वेबसाइट पर अपनी बहुप्रतीक्षित इलेक्ट्रिक क्रूजर मोटरसाइकिल Ranger (रेंजर) का खुलासा कर चुके है। यह भारत में पहली फुल इलेक्ट्रिक क्रूजर मोटरसाइकिल होने वाली है। इस इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल के मूल्य की घोषणा 16 जनवरी को की जाने वाली है।

क्रूजर डिजाइन: Komaki Ranger एक खास क्रूजर डिजाइन के साथ मिल रही है। पहली नजर में, यह बजाज एवेंजर के थोड़े मॉडिफाइड वर्जन जैसी नज़र आती है। हालांकि, इसके खास डिजाइन एलिमेंट्स आसानी से नज़र आ रही है। मोटरसाइकिल में चमकदार क्रोम से सजा हुआ रेट्रो-थीम वाला गोल LED हेडलैंप है। जिसे ड्यूल क्रोम गार्निश्ड राउंड-शेप्ड ऑक्सिलरी लैम्प्स हैं। हेडलैम्प में रेट्रो-थीम वाले साइड इंडिकेटर्स भी मिल रहे है।

सबसे लंबी रेंज वाला इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: हम बता दें कि कोमाकी ने पहले ही पुष्टि कर चुके है कि रेंजर इलेक्ट्रिक क्रूजर 4-किलोवाट बैटरी पैक के साथ 5,000-वाट मोटर के साथ मिलने वाली है। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी का यह भी दावा है कि Ranger एक बार फुल चार्ज करने पर तकरीबन 250 किलोमीटर की दूरी तय कर पाएगी। यह Komaki Ranger को इंडिया में सबसे लंबी ड्राइविंग रेंज वाला इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बना रहा है। ईवी ब्रांड ने यह भी दावा किया कि यह क्रूजर बाइक विभिन्न प्रकार के इलाकों के साथ-साथ हर तरह के मौसम स्थितियों से निपटने में सक्षम होने वाले है। 

लुक और स्टाइल: हम बता दें कि चौड़े हैंडलबार, सिंगल-पॉड इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, फ्यूल टैंक पर चमकदार क्रोम ट्रीटेड डिस्प्ले बजाज एवेंजर के जैसे डिजाइन एलिमेंट्स हैं। राइडर की सीट नीचे की ओर है, जबकि पीछे बैठने वाले यात्री के एक आरामदायक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए बैकरेस्ट भी प्रदान किया जा रहा है। दोनों तरफ के हार्ड पैनियर इस बात की ओर इशारा करते हैं कि मोटरसाइकिल को लंबी दूरी की सवारी क्षमता पर ध्यान केंद्रित करते हुए विकसित कर चुके है। साइड इंडिकेटर्स के साथ एक गोल आकार की टेललाइट है। 

ई-बाइक को मिलेगा बढ़ावा: इंडियन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर मार्केट में फिलहाल इलेक्ट्रिक स्कूटर्स का दबदबा बना हुआ है। इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिलों का आंकड़ा बहुत कम है। हालांकि, इस इलेक्ट्रिक क्रूजर मोटरसाइकिल से बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की अपील को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 


बायोगैस एसोसिएशन ने सरकार से ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ बनाने का आग्रह किया

बायोगैस एसोसिएशन ने सरकार से ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ बनाने का आग्रह किया

नयी दिल्ली। इंडियन बायोगैस एसोसिशन (आईबीए) ने सरकार से पांच साल के लिए 1.4 लाख करोड़ रुपये के आरंभिक प्रावधान के साथ ‘बायोगैस उर्वरक कोष’ स्थापित करने का अनुरोध किया है। संगठन ने कहा है कि इससे पांच करोड़ किसानों को लाभ पहुंचेगा तथा कच्चे तेल के आयात पर होने वाला खर्च भी कम होगा। आईबीए ने एक बयान में कहा कि किफायती परिवहन के लिए टिकाऊ विकल्प (एसएटीएटी) योजना के तहत पांच हजार संयंत्रों के लक्ष्य को पूरा करने में इस तरह के कोष की स्थापना स्वागत योग्य कदम होगा।

संगठन के अध्यक्ष ए आर शुक्ला ने कहा, ‘‘सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के बारे में लगातार बात कर रही है। इस योजना से पांच करोड़ किसानों को फायदा पहुंचेगा। यह कोष बनने पर भारत जीवाश्म ईंधन का आयात कम कर सकेगा और किसानों को भी जैविक उर्वरक मिल सकेगा।’’ बायोगैस एसोसिशन ने शहरों में गैस वितरण नेटवर्क और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन में बायोमीथेन (सीबीजी) के मिश्रण के लिए मात्रा को परिभाषित करने का भी सुझाव दिया है।

उसने कहा कि पहले पांच साल के लिए 5 प्रतिशत का एक अस्थायी मिश्रण कोटा तय किया जा सकता है। उसके बाद 10 साल में इसे धीरे-धीरे बढ़ाकर 10 प्रतिशत किया जा सकता है। आईबीए ने कहा कि जीएसटी परिषद ने बायोगैस संयंत्र से संबंधित उपकरण और उनके पुर्जों पर जीएसटी की दर पांच फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी करने की घोषणा की जिससे बायोगैस के उत्पादकों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण हो जाएगी।